उत्तर प्रदेश

अयोध्या राम मंदिर को मिलेगा नया CEO: अगले हफ्ते से शुरू होगी नियुक्ति प्रक्रिया, जानें कितनी होगी सैलरी और क्या चाहिए योग्यता

अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले दान की कथित चोरी का मामला इन दिनों देश भर में गरमाया हुआ है. इस सुरक्षा और प्रशासनिक चूक के बाद मंदिर ट्रस्ट ने प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह चुस्त-दुरुस्त करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. राम मंदिर के संपूर्ण प्रबंधकीय, वित्तीय और प्रशासनिक कामकाज को संभालने के लिए अगले हफ्ते से एक मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी सीईओ (CEO) की नियुक्ति की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है. इसके लिए गठित 3 सदस्यीय विशेष समिति अगले 2-3 दिनों के भीतर एक महत्वपूर्ण बैठक करने वाली है.

नियुक्ति के लिए बनी 3 सदस्यीय समिति में शामिल हैं ये दिग्गज

राम मंदिर के नए सीईओ के चयन की जिम्मेदारी देश की तीन जानी-मानी और प्रतिष्ठित हस्तियों को सौंपी गई है:

  1. जस्टिस प्रमोद कोहली (रिटायर्ड जज)

  2. लेफ्टिनेंट जनरल विष्णुकांत चतुर्वेदी (रिटायर्ड सैन्य अधिकारी)

  3. डॉ. सुरेश काशीनाथ हावरे (प्रसिद्ध न्यूक्लियर साइंटिस्ट)

यह समिति जल्द ही बैठक कर आवेदन की शर्तों और नियमों को अंतिम रूप देगी. समिति के सदस्य और परमाणु वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे ने स्पष्ट किया है कि समिति का काम सिर्फ योग्य उम्मीदवारों का इंटरव्यू लेकर एक फाइनल पैनल (सूची) तैयार करना है. सीईओ के नाम पर अंतिम मुहर लगाने का विशेषाधिकार मंदिर ट्रस्ट के महासचिव (General Secretary) के पास ही होगा.

सीईओ पद के लिए क्या होंगी अनिवार्य योग्यताएं?

डॉ. सुरेश हावरे के मुताबिक, इस बेहद जिम्मेदारी भरे पद के लिए वर्किंग (कार्यरत) या रिटायर्ड (सेवानिवृत्त) कोई भी योग्य व्यक्ति आवेदन कर सकता है. उम्मीदवारों के चयन में निम्नलिखित तीन मुख्य कसौटियों का विशेष ध्यान रखा जाएगा:

  • धर्म और अध्यात्म के प्रति निष्ठा: उम्मीदवार की सनातन धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि और सकारात्मक दृष्टिकोण होना अनिवार्य है.

  • प्रबंधन और वित्तीय अनुभव: उम्मीदवार के पास बड़े संस्थानों को चलाने का प्रशासनिक, प्रबंधकीय और मजबूत वित्तीय (Financial) अनुभव होना चाहिए.

  • मंदिर प्रबंधन का अनुभव: यदि किसी उम्मीदवार के पास पहले से किसी बड़े और प्रसिद्ध मंदिर या तीर्थ क्षेत्र की व्यवस्था संभालने का अनुभव है, तो उसे प्राथमिकता दी जा सकती है.

क्या होंगी सुविधाएं, सैलरी और कार्यक्षेत्र?

  • अयोध्या में रहना होगा अनिवार्य: नियुक्त होने वाले सीईओ का मुख्य कार्यक्षेत्र संपूर्ण राम मंदिर परिसर होगा और उन्हें स्थाई रूप से अयोध्या में ही निवास करना होगा.

  • मिलेगी लग्जरी लाइफ: मंदिर ट्रस्ट की ओर से सीईओ को आकर्षक वेतन (सैलरी) के साथ-साथ रहने के लिए आलीशान मकान और आवागमन के लिए आधिकारिक गाड़ी (वाहन) जैसी सभी वीआईपी सुविधाएं दी जाएंगी.

  • रिपोर्टिंग स्ट्रक्चर: सीईओ सीधे तौर पर राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव को रिपोर्ट करेंगे और उनके अधीन रहकर ही सारे फैसले लागू करेंगे.

परमाणु वैज्ञानिक से 'टेम्पल मैनेजमेंट' गुरु बने डॉ. सुरेश हावरे

सीईओ चयन समिति के मुख्य सदस्य डॉ. सुरेश काशीनाथ हावरे देश की एक जानी-मानी शख्सियत हैं. वह एक रिटायर्ड परमाणु वैज्ञानिक (Nuclear Scientist) हैं, जिन्होंने देश के परमाणु ऊर्जा विभाग में पूरे 27 साल तक अपनी सेवाएं दी हैं. विज्ञान के साथ-साथ उन्हें देश के बड़े मंदिरों के प्रबंधन का भी लंबा और व्यावहारिक अनुभव है. डॉ. हावरे शिरडी के सुप्रसिद्ध 'श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट' के प्रमुख रह चुके हैं. वर्तमान में वह रायपुर स्थित राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) के अध्यक्ष और 'श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड' के सम्मानीय सदस्य भी हैं. खास बात यह है कि उन्होंने मंदिर प्रबंधन को आधुनिक ढर्रे पर लाने के लिए ‘टेम्पल मैनेजमेंट’ नामक एक बेहद चर्चित पुस्तक भी लिखी है.

Back to top button