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Yoga vs Gym for Heart Health: दिल की सेहत के लिए क्या है सबसे बेस्ट? हृदय रोग विशेषज्ञों ने दिए 3 अचूक हेल्थ टिप्स

Yoga vs Gym for Heart Health: आज के इस आधुनिक और भागदौड़ भरे दौर में फिटनेस को लेकर अक्सर ‘योग बनाम जिम’ (Yoga vs Gym) की बहस छिड़ी रहती है. कोई जिम जाकर पसीना बहाने को बेहतर मानता है, तो कोई योग और प्राणायाम के जरिए खुद को फिट रखना पसंद करता है. लेकिन मेडिकल साइंस और हृदय रोग विशेषज्ञों (Cardiologists) के अनुसार, दोनों के अपने अलग-अलग फायदे हैं और दिल की सेहत (Heart Health) को हमेशा दुरुस्त रखने के लिए इन दोनों का सही संतुलन सबसे उत्तम माना जाता है. 'पाथकाइंड लैब्स' (Pathkind Labs) की एक रिपोर्ट में भी विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि योग और जिम दोनों ही हृदय प्रणाली को मजबूत बनाने में अपनी अहम भूमिका निभाते हैं.

जिम और योग: दोनों के कार्य और फायदे अलग हैं

जिम (कार्डियो और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के लाभ):

जिम में की जाने वाली एरोबिक एक्सरसाइज (जैसे ट्रेडमिल पर दौड़ना, रनिंग, साइकिल चलाना) और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (वजन उठाना) सीधे तौर पर हमारे दिल की मांसपेशियों को मजबूत बनाती हैं.

  • यह शरीर में रक्त संचार (Blood Circulation) में तेजी से सुधार करता है.

  • खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने में मदद करता है.

  • यह हृदय गति (Heart Rate) को एक सही स्तर पर बढ़ाने और शरीर की सहनशक्ति (Stamina) निर्माण के लिए सबसे बेहतरीन माध्यम है.

योग (लचीलापन और मानसिक शांति के लाभ):

जिम जहां शरीर को बाहर से मजबूत बनाता है, वहीं योग शरीर को अंदर से हील करता है.

  • योग हमारे शरीर में तनाव पैदा करने वाले हार्मोन यानी 'कोर्टिसोल' (Cortisol) के स्तर को तेजी से कम करता है.

  • यह बढ़े हुए रक्तचाप (High Blood Pressure) को प्राकृतिक रूप से नियंत्रित करने और मानसिक शांति प्रदान करने में बेजोड़ है.

  • कार्डियोलॉजिस्ट्स का मानना है कि योग के सूक्ष्म व्यायाम, आसन और प्राणायाम उन लोगों या हृदय रोगियों के लिए अधिक सुरक्षित और प्रभावशाली होते हैं जो भारी वजन नहीं उठा सकते.

हृदय विशेषज्ञों के 3 अचूक और मार्गदर्शक टिप्स

यदि आपके पास रोजाना वर्कआउट करने का लंबा समय नहीं है, तो भी आप डॉक्टरों द्वारा बताए गए इन 3 आसान नियमों को अपनाकर अपने दिल को सुरक्षित रख सकते हैं:

1. हमेशा सक्रिय रहें (Stay Active)

अगर आपको किसी वजह से जिम जाने का समय नहीं मिल पा रहा है, तो अपनी दिनचर्या में छोटे बदलाव करें. जैसे—ऑफिस या मॉल में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करें. हेल्थ रिसर्च के अनुसार, दिन में सिर्फ 5-10 मिनट सीढ़ियां चढ़ना भी हृदय रोग (Heart Attack/Stroke) के खतरे को 20% तक कम कर सकता है.

2. तनाव प्रबंधन पर दें विशेष ध्यान (Stress Management)

आज की व्यस्त और तनावपूर्ण जीवनशैली दिल की सबसे बड़ी दुश्मन बन चुकी है. अत्यधिक मानसिक तनाव से धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ जाता है. इससे बचने के लिए रोजाना सुबह या शाम को कम से कम 10-15 मिनट प्राणायाम, अनुलोम-विलोम या गहरी सांस लेने (Deep Breathing) का अभ्यास जरूर करें. यह धमनियों को स्वस्थ और लचीला रखता है.

3. पर्याप्त नींद और सही हाइड्रेशन है जरूरी

दिल को चौबीसों घंटे काम करना पड़ता है, इसलिए उसकी मरम्मत (Repairing) के लिए रात में 7-8 घंटे की गहरी और सुकून भरी नींद बेहद अनिवार्य है. इसके साथ ही, दिनभर में पर्याप्त पानी पीकर खुद को हाइड्रेटेड रखें. अपने भोजन में सोडियम (नमक) और रिफाइंड चीनी की मात्रा को जितना हो सके कम करें.

निष्कर्ष (Final Verdict)

भागदौड़ भरी जिंदगी में मुस्तैद रहने के लिए योग और जिम दोनों का अपना महत्व है. विशेषज्ञों की सलाह है कि सप्ताह में कम से कम 3 से 4 दिन 30 मिनट का मध्यम व्यायाम या कार्डियो करें और बाकी के दिन मानसिक शांति व स्ट्रेचिंग के लिए योग को दें. इसके अलावा, जिम में कभी भी दूसरों को देखकर अत्यधिक भारी वजन (Heavy Weights) न उठाएं, बल्कि उतना ही वजन उठाएं जितना आपका शरीर आसानी से और बिना किसी दर्द के सहन कर सके. सावधानी और निरंतरता ही एक स्वस्थ दिल की असली चाबी है.

 

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