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8th Pay Commission Update: Level-1 कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी ₹34,500 पार होने की उम्मीद; HRA, Pension और MACP पर कर्मचारी यूनियनों ने रखी अपनी मांग

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है. हाल ही में 10 जुलाई 2026 को कोलकाता में 8वें वेतन आयोग की एक महत्वपूर्ण बैठक (Stakeholder Consultations) संपन्न हुई है, जिसमें विभिन्न केंद्रीय कर्मचारी संगठनों, रेलवे यूनियनों और पेंशनभोगी एसोसिएशनों ने आयोग के सामने अपनी पुरजोर मांगें रखी हैं.

इस बैठक के बाद सबसे ज्यादा चर्चा Level-1 (Group C & D) के कर्मचारियों को मिलने वाले फायदों को लेकर हो रही है. कर्मचारी संगठनों ने महंगाई के इस दौर में सैलरी, हाउस रेंट अलाउंस (HRA), न्यूनतम पेंशन (Minimum Pension) और समयबद्ध पदोन्नति यानी MACP के नियमों में बड़े बदलाव की मांग उठाई है.

आइए जानते हैं कि इन प्रमुख मुद्दों को लेकर कर्मचारी संगठनों की क्या मांगें हैं और इसके बाद वेतन की तस्वीर कितनी बदल सकती है.

1. सैलरी (Basic Pay) और फिटमेंट फैक्टर (Fitment Factor) पर मांग

7वें वेतन आयोग (7th CPC) के तहत फिलहाल Level-1 कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹18,000 प्रति माह है. 8वें वेतन आयोग के सामने सबसे बड़ी बहस 'फिटमेंट फैक्टर' यानी उस गुणक (Multiplier) को लेकर है जिसके आधार पर मूल वेतन तय किया जाता है.

  • कर्मचारियों की मांग: यूनियनों का कहना है कि न्यूनतम फिटमेंट फैक्टर को बढ़ाकर कम से कम 2.1 से 3.0 के बीच रखा जाना चाहिए.

  • कितनी बढ़ेगी सैलरी: यदि सरकार सबसे न्यूनतम 2.1 का भी फिटमेंट फैक्टर मानती है, तो Level-1 कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी बढ़कर सीधे ₹37,800 हो जाएगी. वहीं यदि इसे 2.5 या 3.0 किया जाता है, तो यह बेसिक पे क्रमशः ₹45,000 और ₹54,000 तक पहुंच सकती है. आमतौर पर विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह न्यूनतम बेसिक सैलरी ₹34,500 से ₹37,800 के बीच आसानी से सेट हो सकती है.

2. हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बड़े बदलाव की मांग

बड़े शहरों में लगातार बढ़ रहे मकानों के किराए को देखते हुए कर्मचारी संगठनों ने HRA के मौजूदा स्लैब को नाकाफी बताया है.

  • मौजूदा व्यवस्था: वर्तमान में शहरों को X, Y, Z कैटेगरी में बांटकर 30%, 20% और 10% की दर से HRA दिया जा रहा है.

  • यूनियनों का नया प्रस्ताव: ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) और रेलवे तकनीकी कर्मचारी संगठनों (IRTSA) जैसी बड़ी यूनियनों ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में HRA को बढ़ाकर 40% (X शहरों के लिए), 35% (Y शहरों के लिए) और 30% (Z शहरों के लिए) किया जाए. इसके साथ ही इसे महंगाई भत्ते (DA) की बढ़ोतरी से लिंक करने और इसे पेंशनभोगियों को भी दिए जाने की मांग उठी है.

3. पेंशन (Pension) को लेकर बड़ी राहत की उम्मीद

7वें वेतन आयोग में केंद्रीय कर्मचारियों के लिए न्यूनतम पेंशन ₹9,000 तय की गई थी.

  • पेंशन में बढ़ोतरी: 8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद न्यूनतम पेंशनभोगियों की मासिक पेंशन बढ़कर ₹20,000 से ₹25,000 के करीब पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है.

  • UPS और NPS का रिव्यू: इसके अतिरिक्त, सरकार के राजपत्र (Gazette) के अनुसार आयोग को हाल ही में घोषित यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के तहत मिलने वाले डेथ-कम-रिटायरमेंट ग्रेच्युटी (Gratuity) लाभों की भी समीक्षा करने को कहा गया है ताकि रिटायरमेंट के बाद कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके.

4. MACP (Modified Assured Career Progression) में सुधार की आवाज

MACP वह योजना है जिसके तहत यदि किसी कर्मचारी का लंबे समय तक प्रमोशन नहीं होता है, तो उसे समय-समय पर (10, 20 और 30 साल की सेवा पर) वित्तीय अपग्रेडेशन (Financial Upgradation) यानी सैलरी हाइक दी जाती है.

  • यूनियनों की आपत्ति: कर्मचारियों का कहना है कि 10 साल का लंबा इंतजार काफी ज्यादा है, जिससे विशेषकर Level-1 और निचले स्तर के कर्मचारियों का मनोबल गिरता है.

  • क्या है मांग: संगठनों ने मांग की है कि 8वें वेतन आयोग में इस 10 साल की समय सीमा को घटाकर 5 या 7 साल किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को उनके करियर के शुरुआती और मध्य दौर में ही आर्थिक लाभ मिल सके.

कब तक लागू होगा 8वां वेतन आयोग?

केंद्र सरकार ने नवंबर 2025 में 8वें वेतन आयोग का गठन किया था और इसे अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है, जो मई-जून 2027 में पूरा हो रहा है. हालांकि, यदि सरकार इसकी सिफारिशों को पिछली परंपराओं की तरह बैकडेट से लागू करती है, तो इसे 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी (Retrospective Effect) माना जाएगा. इसका मतलब यह है कि जब भी यह लागू होगा, कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से एरियर (Arrears) का भुगतान किया जाएगा.

 

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