Parliament Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र से पहले राजनाथ सिंह के घर आज बड़ी बैठक, 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक; विपक्ष घेरेगा ‘नीट और ऑपरेशन सिंदूर’ पर

संसद के 20 जुलाई 2026 से शुरू होने वाले आगामी मानसून सत्र (Monsoon Session) को लेकर देश की राजनीतिक सरगर्मियां सातवें आसमान पर पहुंच गई हैं। विपक्ष के कड़े तेवरों को देखते हुए केंद्र सरकार अपनी विधायी रणनीति को अंतिम रूप देने में पूरी ताकत से जुट गई है। सूत्रों के हवाले से बड़ी खबर है कि बुधवार (15 जुलाई 2026) को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के सरकारी आवास पर सीनियर केंद्रीय मंत्रियों की एक बेहद महत्वपूर्ण और हाई-लेवल बैठक होने जा रही है। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मानसून सत्र के दौरान सरकार के विधायी एजेंडे को मजबूती से आगे बढ़ाना और विपक्ष के तीखे हमलों व संभावित मुद्दों से निपटने की फुलप्रूफ रणनीति तैयार करना है।
19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक, 20 जुलाई से बजेगा सत्र का बिगुल
संसद का यह अहम मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होकर 13 अगस्त 2026 तक अनवरत चलेगा। सत्र की औपचारिक शुरुआत से ठीक एक दिन पहले यानी 19 जुलाई को केंद्र सरकार ने एक परंपरा के तहत सर्वदलीय बैठक (All-Party Meeting) भी आमंत्रित की है। इस बैठक में सरकार अपने सभी प्रस्तावित विधायी कार्यक्रमों और विधेयकों की सूची अन्य दलों के सामने रखेगी, जबकि विपक्षी दल जनहित, राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीतिक मुद्दों पर अपनी चर्चा की मांग की रूपरेखा पेश करेंगे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के मुताबिक, इस सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई विषयों पर विस्तृत बहस और महत्वपूर्ण विधायी कार्य पूरे किए जाएंगे।
सबसे बड़ा कानून: 30 दिन जेल में रहे तो छूटेगी PM-CM की कुर्सी!
इस मानसून सत्र में मोदी सरकार कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक संसद के पटल पर रखने की तैयारी में है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा और राजनीतिक बहस का केंद्र बना हुआ है—संविधान (130वां संशोधन) विधेयक।
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क्या है प्रावधान: इस प्रस्तावित कानून में यह कड़ा प्रावधान शामिल किया गया है कि यदि गंभीर आपराधिक मामलों में प्रधानमंत्री (PM), किसी राज्य के मुख्यमंत्री (CM) या फिर केंद्रीय और राज्य मंत्रियों को 30 दिनों या उससे अधिक की न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में रहना पड़ता है, तो उनका पद स्वतः (Automatically) समाप्त हो जाएगा।
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JPC रिपोर्ट तैयार: इस बेहद संवेदनशील विधेयक की बारीकी से जांच कर रही संयुक्त संसदीय समिति (JPC) आगामी 17 जुलाई को अपनी अंतिम रिपोर्ट को मंजूरी दे सकती है, जिसके बाद इसे संसद में पेश किया जाएगा।
'नीट पेपर लीक' और 'ऑपरेशन सिंदूर' पर सरकार को घेरने का चक्रव्यूह
दूसरी ओर, विपक्ष ने भी सरकार को बैकफुट पर धकेलने के लिए अपना चक्रव्यूह तैयार कर लिया है। कांग्रेस सहित समूचा विपक्ष इस बार मुख्य रूप से इन तीन बड़े मुद्दों पर संसद में भारी हंगामा करने के मूड में है:
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NEET-UG पेपर लीक मामला: देश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मुद्दे पर विपक्ष सरकार से सीधे जवाबदेही की मांग करेगा।
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ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor): इस संवेदनशील सैन्य ऑपरेशन को लेकर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा दिए गए पुराने बयानों पर भी भारी बवाल होने के आसार हैं।
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विशेषाधिकार हनन का नोटिस: कांग्रेस पार्टी ने रक्षा मंत्री के खिलाफ संसद में पहले ही विशेषाधिकार हनन (Breach of Privilege) का नोटिस दे रखा है, जिसे लेकर सदन में तीखी नोकझोंक होना तय माना जा रहा है।
तय है कि 20 जुलाई से शुरू हो रहा यह सत्र बेहद हंगामेदार रहने वाला है, जहां एक तरफ सरकार बड़े सुधारवादी कानून पास कराना चाहेगी, तो वहीं विपक्ष राष्ट्रीय मुद्दों पर सरकार की घेराबंदी में कोई कसर नहीं छोड़ेगा।