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NEET UG Paper Leak Case Hearing: नीट पेपर लीक मामले में आरोपी दिनेश और विकास बिवाल की जमानत अर्जी पर आज राउज एवेन्यू कोर्ट में सुनवाई, जानें पूरा अपडेट

देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) पेपर लीक मामले से जुड़ी एक बहुत बड़ी कानूनी अपडेट सामने आई है। इस मामले में गिरफ्तार किए गए दो मुख्य आरोपियों—दिनेश बिवाल और विकास बिवाल—ने अदालत में जमानत (Bail) के लिए अर्जी दाखिल की है। दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट (Rouse Avenue Court) आज, शुक्रवार (17 जुलाई 2026) को इन दोनों की जमानत याचिकाओं पर बेहद महत्वपूर्ण सुनवाई करने जा रही है।

जमानत याचिकाओं पर यह सुनवाई स्पेशल सीबीआई (CBI) जज अजय गुप्ता की अदालत में होगी, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हुई हैं।

24 जुलाई तक न्यायिक हिरासत में हैं बिवाल बंधु सहित 13 आरोपी

आपको बता दें कि दिनेश बिवाल और विकास बिवाल उन 13 हाई-प्रोफाइल आरोपियों की लिस्ट में शामिल हैं, जिन्हें केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने परीक्षा की तय तारीख से पहले नीट यूजी का क्वेश्चन पेपर लीक करने और उसे आगे बेचने के संगीन आरोपों में गिरफ्तार किया है।

इससे पहले हुई सुनवाई में राउज एवेन्यू कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी 13 आरोपियों की ज्यूडिशियल कस्टडी (न्यायिक हिरासत) को 24 जुलाई 2026 तक के लिए बढ़ा दिया था। जेल में बंद इन आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:

  1. शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर

  2. प्रहलाद कुलकर्णी

  3. तेजस शाह

  4. दिनेश बिवाल

  5. विकास बिवाल

  6. मांगीलाल बिवाल

  7. यश यादव

  8. डॉ. मनोज शिरुरे

  9. धनंजय लोखंडे

  10. शुभम खैरनार

  11. मनीषा वाघमारे

  12. मनीषा मंधारे

  13. मनीषा संजय हवलदार

सीबीआई जांच में बड़े सिंडिकेट और नेटवर्क का भंडाफोड़

इस पूरे महाघोटाले की जांच सीबीआई (CBI) कर रही है। केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत के सामने दावा किया है कि ये सभी आरोपी देशव्यापी स्तर पर फैले एक बहुत बड़े प्रश्न पत्र लीक नेटवर्क और रैकेट का हिस्सा हैं।

  • सीबीआई का आरोप: एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों ने अलग-अलग राज्यों (जैसे बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र) में सक्रिय रहकर परीक्षा से पहले ही पेपर लीक कराया।

  • मनीषा वाघमारे की भूमिका: जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी मनीषा वाघमारे ने लीक हुए क्वेश्चन पेपर को मोटी रकम के बदले खरीदने के इच्छुक छात्रों/अभिभावकों और रैकेट के मुख्य फैसिलिटेटर धनंजय लोखंडे के बीच एक मजबूत कड़ी (मिडलमैन) के तौर पर काम किया था।

कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 'आरोपी होने पर शिक्षा के अधिकार से वंचित नहीं कर सकते'

इसी महीने की शुरुआत में राउज एवेन्यू कोर्ट ने इस मामले में एक बेहद मानवीय और ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। अदालत ने जेल में बंद एक अन्य आरोपी यश यादव को ज्यूडिशियल कस्टडी में रहते हुए ही नीट यूजी 2026 री-एग्जाम (दोबारा परीक्षा) में बैठने की विशेष अनुमति दी थी।

अदालत की अहम टिप्पणी:

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा था, "सिर्फ इसलिए किसी भी व्यक्ति को शिक्षा के अधिकार (Right to Education) से वंचित नहीं किया जा सकता क्योंकि वह किसी मामले में आरोपी है, खासकर तब जब तक कि कानूनी ट्रायल पूरा न हो जाए और दोष सिद्ध न हो जाए।" इसके बाद, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा एडमिट कार्ड जारी किए जाने और कोई आपत्ति न जताने पर यश यादव को कड़ी पुलिस सुरक्षा (Police Escort) में परीक्षा केंद्र ले जाकर पेपर दिलवाया गया था।

नीट पेपर लीक पर गरमाई देश की सियासत

इस पूरे लीक कांड को लेकर देश का सियासी पारा भी सातवें आसमान पर है। विपक्षी दल इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर लगातार हमलावर हैं। संसद से लेकर सड़क तक विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं और विपक्ष द्वारा देश के शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग लगातार की जा रही है। ऐसे में आज दिनेश और विकास बिवाल की जमानत याचिका पर कोर्ट का क्या रुख रहता है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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