Vande Mataram Bill: वंदे मातरम का अपमान करने वालों की अब खैर नहीं, मोदी सरकार ला रही है सख्त कानून

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार संसद के आगामी मॉनसून सत्र में एक बेहद ऐतिहासिक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। 20 जुलाई 2026 से शुरू हो रहे संसद सत्र में लोकसभा के पटल पर एक विशेष विधेयक पेश किया जाएगा, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का अपमान करना या इसे गाए जाने के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा उत्पन्न करना अब एक गंभीर दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। केंद्रीय कैबिनेट से पहले ही हरी झंडी पा चुके 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026' का मुख्य उद्देश्य आजादी के अमृत काल में राष्ट्रीय प्रतीक चिन्हों के सम्मान को और अधिक सुदृढ़ करना है।
राष्ट्रगान और तिरंगे के बराबर मिलेगा दर्जा: गृह मंत्रालय की नई गाइडलाइंस के बाद बड़ा फैसला
इस प्रस्तावित कानून के पारित होने के बाद 'वंदे मातरम' को देश के अन्य शीर्ष प्रतीकों जैसे राष्ट्रगान 'जन गण मन', राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगा) और भारत के संविधान के समकक्ष कानूनी सुरक्षा और दर्जा प्राप्त हो जाएगा। गृह मंत्रालय द्वारा जारी हालिया दिशानिर्देशों के बाद इस कदम को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि उन सभी सरकारी और आधिकारिक कार्यक्रमों में राष्ट्रीय गीत बजाना या गाना अनिवार्य होगा, जहां राष्ट्रगान बजाया जाता है। बीजेपी का तर्क है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने तुष्टिकरण की राजनीति के चलते स्वतंत्रता संग्राम के इस सबसे बड़े प्रेरक गीत को वह आधिकारिक सम्मान नहीं दिया जिसके वह हकदार था। विशेष बात यह है कि यह विधेयक ऐसे समय में आ रहा है जब देश 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ मना रहा है।
जानिए क्या है वर्तमान कानून: राष्ट्रगान और संविधान के अपमान पर मिलती है यह सजा
वर्तमान में देश में राष्ट्रीय प्रतीकों के असम्मान को रोकने के लिए 'राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971' लागू है। इस मौजूदा आपराधिक कानून के तहत यदि कोई व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान पर जानबूझकर राष्ट्रीय ध्वज या भारतीय संविधान को जलाता है, फाड़ता है, कुचलता है या विरूपित करता है, तो उसे 3 साल तक की कैद, या भारी जुर्माना, अथवा दोनों की सजा हो सकती है। इसी तरह, यदि कोई व्यक्ति राष्ट्रगान गाए जाने से रोकता है या राष्ट्रगान गा रही किसी सभा में व्यवधान उत्पन्न करता है, तो उसे भी 3 साल की जेल की सजा का प्रावधान है। नए संशोधन विधेयक के जरिए इसी कानून के दायरे में 'वंदे मातरम' को भी शामिल किया जा रहा है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति इस कानून के तहत दोबारा अपराध करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसे कम से कम 1 वर्ष के अनिवार्य कारावास की सख्त सजा दी जाएगी।
संसद के मॉनसून सत्र में गूंजेंगे कई और अहम बिल: जन्म-मृत्यु पंजीकरण और FCRA में संशोधन की तैयारी
लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, 20 जुलाई से शुरू होने वाले इस सत्र में केवल राष्ट्रीय गीत से जुड़ा बिल ही नहीं, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण विधायी कार्य भी सूचीबद्ध किए गए हैं। सरकार जन्म और मृत्यु के देर से किए जाने वाले 'पंजीकरण में देरी' (Delayed Registration) के विरुद्ध बेहद कठोर और पारदर्शी प्रावधानों वाला एक नया विधेयक पेश करने जा रही है। इसके साथ ही, विदेशी फंडिंग पर नजर रखने के लिए 'विदेशी अंशदान (विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' (FCRA Amendment Bill) को भी विचार और पारित करने के लिए लोकसभा में फिर से सूचीबद्ध किया गया है, जो पिछले बजट सत्र में समय की कमी के कारण पारित नहीं हो सका था।