धमाके मुनाफे के बाद रिलायंस के शेयरों में मचेगी हलचल? ब्रोकरेज बोले- 33% तक बढ़ेगा भाव, अभी खरीदने में फायदा

देश की सबसे मूल्यवान कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे घोषित कर दिए हैं। मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली रिलायंस ने बाजार की उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन करते हुए ऑपरेशन्स से मिलने वाले रेवेन्यू में सालाना आधार पर (YoY) 25.4% की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है, जो बढ़कर 3,11,850 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। हालांकि, पिछले साल के हाई बेस (एशियन पेंट्स की हिस्सेदारी बिक्री से हुए एकमुश्त लाभ) के कारण नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 22% घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा, लेकिन अगर इस एकमुश्त आय को हटा दें, तो कंपनी का शुद्ध लाभ असल में 15.9% बढ़ा है। तिमाही-दर-तिमाही (QoQ) आधार पर तो नेट प्रॉफिट में 23.4% की शानदार ग्रोथ देखी गई है।
4 बड़े ब्रोकरेज हाउसेज का बड़ा दांव: 33% तक रिटर्न की उम्मीद
शानदार तिमाही नतीजों के बाद घरेलू और वैश्विक ब्रोकरेज हाउसेज रिलायंस के स्टॉक को लेकर काफी सकारात्मक (Bullish) नजर आ रहे हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि रिलायंस के रिटेल, जियो (Jio) और ऑयल-टू-केमिकल्स (O2C) बिजनेस में लगातार आ रही मजबूती आने वाले दिनों में शेयर की कीमतों को नए रिकॉर्ड स्तर पर ले जाएगी। 4 दिग्गज ब्रोकरेज फर्म्स ने रिलायंस के शेयर पर 'BUY' रेटिंग बरकरार रखते हुए मौजूदा भाव से लगभग 27% से 33% तक के अपसाइड पोटेंशियल (बढ़ोतरी) का अनुमान लगाया है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने तो इस स्टॉक के लिए बेहद मजबूत टारगेट प्राइस दिया है।
जियो और रिटेल बिजनेस में जारी है दम
रिलायंस जियो (Jio Platforms) का परफॉर्मेंस इस तिमाही में भी दमदार रहा, जहां डिजिटल सर्विसेज के दम पर मुनाफा 9.2% बढ़कर 7,764 करोड़ रुपये हो गया। वहीं प्रति यूजर औसत कमाई (ARPU) भी सुधरकर 215.6 रुपये पर पहुंच गई है। दूसरी ओर, रिलायंस रिटेल ने क्विक-कॉमर्स और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़े निवेश के चलते अपने नेट प्रॉफिट में 14.2% की मामूली गिरावट देखी है, लेकिन रेवेन्यू के मोर्चे पर 8.2% की बढ़त के साथ इसका प्रदर्शन मजबूत बना हुआ है। O2C सेगमेंट ने भी कच्चे तेल की कीमतों के सहारे रेवेन्यू में 30.4% का उछाल दर्ज किया है।
निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?
मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, लंबी अवधि (Long Term) के निवेशकों के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज हमेशा से एक सुरक्षित और हाई-रिटर्न पोर्टफोलियो स्टॉक रहा है। जियो के आगामी आईपीओ (Jio IPO) की सुगबुगाहट और न्यू एनर्जी बिजनेस में तेजी से हो रहे विस्तार को देखते हुए, मौजूदा गिरावट या कंसोलिडेशन के स्तर पर रिलायंस के शेयरों को पोर्टफोलियो में शामिल करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है।