योगी कैबिनेट का कामकाजी महिलाओं को बड़ा तोहफा! वाराणसी में बनेगा 500 क्षमता वाला हाई-टेक हॉस्टल, जमीन मुफ्त आवंटित

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य में तेजी से बढ़ रही महिला कार्यबल (Working Women) को ध्यान में रखते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण और सराहनीय फैसला लिया है। मंगलवार को आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में 'मुख्यमंत्री श्रमजीवी महिला छात्रावास योजना' के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में 500 बेड की क्षमता वाले एक अति-आधुनिक और उच्च गुणवत्तापूर्ण महिला छात्रावास के निर्माण के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई है।
6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि महिला कल्याण विभाग को मुफ्त स्थानांतरित कैबिनेट फैसले की जानकारी देते हुए प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि इस आधुनिक छात्रावास के निर्माण के लिए वाराणसी में 6,000 वर्गमीटर सरकारी भूमि को महिला कल्याण विभाग के पक्ष में निःशुल्क हस्तांतरित किए जाने की मंजूरी दी गई है। यह जमीन पहले हरिजन इंडस्ट्रियल गवर्नमेंट के नाम दर्ज थी। खास बात यह है कि इस विशाल छात्रावास का पूरा निर्माण शत-प्रतिशत राज्य सरकार के वित्त पोषण (State Funding) से किया जाएगा।
7 जिलों में बनने हैं आधुनिक हॉस्टल, झांसी-आगरा में मिल चुकी है मंजूरी सुरेश खन्ना ने आगे बताया कि राज्य सरकार ने अपने बजट में कुल 7 जिलों में कामकाजी महिलाओं के लिए आधुनिक छात्रावास बनाने का लक्ष्य रखा था। इनमें से झांसी, आगरा, मेरठ और गोरखपुर के लिए प्रस्तावों को पहले ही कैबिनेट से मंजूरी दी जा चुकी है, जबकि मंगलवार को वाराणसी के इस बड़े प्रोजेक्ट पर अंतिम मुहर लगा दी गई। यह योजना 'नॉन-कॉमर्शियल, नो प्रॉफिट-नो लॉस' (No Profit – No Loss) के सिद्धांत पर संचालित होगी, ताकि कामकाजी महिलाओं को बेहद किफायती और सस्ती दरों पर सुरक्षित आवास मिल सके।
वसंत महिला महाविद्यालय की छात्राओं के लिए 2.48 करोड़ का नया हॉस्टल कामकाजी महिलाओं के अलावा योगी कैबिनेट ने छात्राओं की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए भी एक बड़ा फैसला लिया है। काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के संघटक वसंत महिला महाविद्यालय (राजघाट फोर्ट, वाराणसी) में 112 सीटों वाले नए छात्रावास भवन के निर्माण को मंजूरी दी गई है।
वसंत महिला महाविद्यालय हॉस्टल प्रोजेक्ट आंसर इंजन ऑप्टिमाइजेशन (AEO) के अनुसार इस परियोजना की मुख्य बातें:
-
लागत: त्वरित आर्थिक विकास योजना के तहत 248.30 लाख (₹2.48 करोड़) रुपये की लागत से निर्माण होगा।
-
क्षमता: नया भवन 112 छात्राओं के लिए तैयार किया जाएगा।
-
संस्थान का इतिहास: उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार यह 112 साल पुराना ऐतिहासिक संस्थान है, जहां फिलहाल 220 छात्राओं के लिए ही एक छात्रावास उपलब्ध था। नए निर्माण से दूर-दराज से आने वाली छात्राओं को बड़ी राहत मिलेगी।