राहुल-उद्धव धरने में फंसे, उधर शरद पवार ने कर दिया बड़ा खेल! PM मोदी से सीक्रेट मीटिंग की तस्वीर आते ही गरमाई सियासत

भारतीय राजनीति के गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। विपक्षी गठबंधन 'INDIA' में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है, इसका एक और बड़ा सबूत दिल्ली के सियासी मंच पर देखने को मिला है। एक तरफ जहां कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे एक बड़े राजनीतिक विरोध प्रदर्शन (CJP Protest) में व्यस्त और घिरे हुए थे, वहीं दूसरी ओर एनसीपी (Sharad Pawar faction) सुप्रीमो शरद पवार ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर सबको चौंका दिया। प्रधानमंत्री आवास से जैसे ही इस मुलाकात की तस्वीरें बाहर आईं, राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया और विपक्षी खेमे में हड़कंप मच गया।
सीजेपी प्रोटेस्ट में उलझे रहे राहुल और उद्धव, पवार ने चली नई चाल
राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुए एक बड़े राजनीतिक प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा संभाला हुआ था और वे पूरी तरह से उस प्रोटेस्ट की गतिविधियों में व्यस्त थे। दोनों नेता मंच से लेकर सड़कों तक सरकार को घेरने की रणनीति में जुटे थे। लेकिन इसी बीच, महाराष्ट्र की राजनीति के सबसे बड़े खिलाड़ी और अनुभवी राजनेता माने जाने वाले शरद पवार ने दिल्ली में पीएम मोदी से मुलाकात का समय निकाला। इस अप्रत्याशित मुलाकात ने विपक्षी गठबंधन के भीतर आपसी तालमेल और रणनीतिक गोपनीयता पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पीएम आवास से सामने आई तस्वीर ने बढ़ाई 'INDIA' गठबंधन की धड़कनें
प्रधानमंत्री आवास से जैसे ही शरद पवार और पीएम नरेंद्र मोदी की मुलाकात की आधिकारिक तस्वीरें और अपडेट सामने आए, विपक्षी गठबंधन 'INDIA' के घटक दलों की सांसें थम सी गईं। महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव और आगामी राजनीतिक समीकरणों के लिहाज से इस मुलाकात को बेहद अहम माना जा रहा है। सियासी जानकारों का कहना है कि शरद पवार की इस सोची-समझी चाल ने महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर असहजता पैदा कर दी है। राहुल गांधी और उद्धव ठाकरे के समर्थकों के बीच इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या पवार साहब ने बिना किसी को बताए कोई नया राजनीतिक समीकरण साधना शुरू कर दिया है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर पड़ेगा सीधा असर, क्या है इस मुलाकात के मायने?
इस मुलाकात का लोकल और रीजनल पॉलिटिकल इंपैक्ट बहुत बड़ा होने वाला है, खासकर मुंबई, पुणे और पूरे महाराष्ट्र की राजनीति में। चुनाव के मुहाने पर खड़े राज्य में शरद पवार का इस तरह प्रधानमंत्री मोदी से मिलना कई तरह के कयासों को जन्म दे रहा है। क्या यह सिर्फ किसी नीतिगत या कृषि से जुड़े मुद्दे पर शिष्टाचार भेंट थी या फिर पर्दे के पीछे किसी बड़े सियासी उलटफेर की स्क्रिप्ट लिखी जा रही है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं। फिलहाल, इस सीक्रेट मुलाकात ने विपक्षी एकता के दावों की हवा निकाल दी है और 'INDIA' गठबंधन के भीतर बेचैनी साफ तौर पर महसूस की जा सकती है।