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आसमान से बरसती हैं हजारों जिंदा मछलियां! क्या है यूटा की पहाड़ी झीलों का यह हैरान करने वाला और अनोखा रहस्य

आसमान से पानी या बर्फ की बूंदों की बारिश होना तो आम बात है, लेकिन अगर कभी आपको आसमान से अचानक जिंदा मछलियां बरसती हुई दिखाई दें, तो आपका चौंकना लाजिमी है। अमेरिका के यूटा (Utah) राज्य की पहाड़ी झीलों में इन दिनों कुछ ऐसा ही अनोखा और हैरान करने वाला नजारा देखने को मिल रहा है, जहां वैज्ञानिक और वन्यजीव विभाग के अधिकारी हवाई जहाजों के जरिए आसमान से झीलों में मछलियां गिरा रहे हैं। सुनने में यह किसी चमत्कार या साइंस फिक्शन फिल्म जैसा लग सकता है, लेकिन वास्तव में यह दशकों से चली आ रही एक सोची-समझी वैज्ञानिक रणनीति है, जिसका उद्देश्य दूर-दराज के पहाड़ी इलाकों में जलीय जीवों का संरक्षण और पर्यावरण संतुलन बनाए रखना है।

यूटा की पहाड़ी झीलों में क्यों पड़ती है 'मछलियों की बारिश' की जरूरत?

अमेरिका के यूटा की ये पहाड़ी झीलें हाइकर्स, प्रकृति प्रेमियों और फिशिंग (मछली पकड़ने) के शौकीनों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं, खासकर गर्मियों के मौसम में जब यहां के रास्ते सुगम होते हैं। हालांकि, इनमें से अधिकांश झीलें बेहद ऊबड़-खाबड़ और दुर्गम पहाड़ों के बीच स्थित हैं, जहां सड़क मार्ग से गाड़ियों या अन्य साधनों के जरिए पहुंचना नामुमकिन है। इतिहास में इन पहाड़ी झीलों में प्राकृतिक रूप से मछलियों का अस्तित्व नहीं था या फिर उनकी संख्या बेहद नगण्य थी। जब इन इलाकों में मछली पकड़ने के शौकीनों की गतिविधियां बढ़ने लगीं, तो झीलों में प्राकृतिक रूप से मौजूद मछलियों की आबादी तेजी से घटने लगी। ऐसे में मनोरंजन और संरक्षण के संतुलन को बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक वर्षों से इस अनूठे एरियल मेथड (हवाई तरीके) का इस्तेमाल करते आ रहे हैं।

क्या है हवाई जहाज से मछलियां गिराने की पूरी प्रक्रिया?

यह पूरी प्रक्रिया किसी फिल्मी स्टंट का हिस्सा नहीं, बल्कि यूटा के 'डिविजन ऑफ वाइल्डलाइफ रिसोर्सेज' (DWR) द्वारा चलाई जाने वाली एक पेशेवर संरक्षण योजना है। हर साल गर्मियों के सीजन में, DWR के अधिकारी विशेष रूप से डिजाइन किए गए हल्के विमानों में बड़े-बड़े वाटर टैंक स्थापित करते हैं। इन टैंकों में छोटी ट्राउट (Trout) और अन्य उपयुक्त प्रजाति की मछलियों को भरा जाता है। इसके बाद विमानों को ऊंचाई पर स्थित उन दूर-दराज की झीलों के ऊपर उड़ान भरवाई जाती है, जहां जमीनी रास्तों से जाना संभव नहीं है। विमान से इन मछलियों को पानी के साथ हवा में सुरक्षित तरीके से छोड़ दिया जाता है, जो सीधे नीचे मौजूद झील के पानी में गिरकर जिंदा बच जाती हैं और इस तरह झीलों में मछलियों की संख्या लगातार बरकरार रहती है।

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