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US Markets Crash: अमेरिकी बाजारों में मचा हाहाकार, नैस्डेक 2% से ज्यादा लुढ़का; टेक शेयरों में भारी बिकवाली की यह रही बड़ी वजह

वैश्विक बाजारों से इस वक्त की बड़ी और चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया (Middle East) में लगातार गहराते भू-राजनीतिक संकट, कच्चे तेल की कीमतों में बेकाबू उछाल और दिग्गज टेक कंपनियों Alphabet व Tesla के कमजोर तिमाही नतीजों के चलते गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिली। निवेशकों की बढ़ती चिंताओं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी-भरकम खर्च के कारण बाजार का मूड पूरी तरह बिगड़ गया, जिसका सीधा असर प्रमुख अमेरिकी सूचकांकों पर साफ तौर पर दिखाई दिया।

Dow Jones और Nasdaq में आई जोरदार गिरावट, टेक शेयरों पर सबसे बड़ा दबाव

गुरुवार के कारोबारी सत्र में अमेरिकी बाजारों में चौतरफा बिकवाली हावी रही। डाउ जॉन्स इंडस्ट्रियल एवरेज (Dow Jones Industrial Average) में 600 अंकों से अधिक यानी 1 फीसदी से ज्यादा की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, व्यापक बाजार सूचकांक S&P 500 में 1.3 प्रतिशत और टेक्नोलॉजी शेयरों की बहुलता वाले नैस्डेक कंपोजिट (Nasdaq Composite) में 2.2 प्रतिशत से अधिक की भारी कमजोरी देखने को मिली। विशेष रूप से टेक सेक्टर पर निवेशकों का गुस्सा फूटा, जिसमें अल्फाबेट (Alphabet) के शेयर लगभग 6 प्रतिशत और टेस्ला (Tesla) के शेयर तो 14 प्रतिशत तक औंधे मुंह गिर गए, जिससे निवेशकों को बड़ा झटका लगा है।

क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया का बढ़ता तनाव

अमेरिकी बाजारों में इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में आया भारी उछाल रहा। लाल सागर में यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले के दावों के बाद पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल और गहरे हो गए हैं। इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी ने आग में घी का काम किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ईरान पर अब तक के सबसे बड़े हमले करने के विकल्प पर विचार कर रहा है, जिससे हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजरानी और तेल सप्लाई पूरी तरह ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। इन तमाम घटनाक्रमों के चलते ब्रेंट क्रूड की कीमतें 6 प्रतिशत उछलकर लंबे समय बाद एक बार फिर 100 डॉलर प्रति बैरल के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गईं, जबकि WTI क्रूड भी 92 डॉलर के पार पहुंच गया।

AI पर बढ़ते खर्च ने बढ़ाई निवेशकों की टेंशन

महंगाई और भू-राजनीतिक तनाव के अलावा कॉरपोरेट मोर्चे से आए आंकड़ों ने भी निवेशकों की नींद उड़ा दी है। अल्फाबेट (Google) ने वर्ष 2026 के लिए अपने पूंजीगत व्यय (Capex) के अनुमान को पहले के 180-190 अरब डॉलर से बढ़ाकर सीधे 195 से 205 अरब डॉलर कर दिया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की टेक्नोलॉजी में किए जा रहे इस अंधाधुंध खर्च को लेकर निवेशकों के मन में अनिश्चितता पैदा हो गई है, जिसका असर अल्फाबेट के साथ-साथ मेटा, माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन जैसी अन्य दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों पर भी देखने को मिला। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक मध्य पूर्व का संकट हल नहीं होता और क्रूड ऑयल की कीमतें शांत नहीं होतीं, तब तक वैश्विक बाजारों में यह उठापटक और अनिश्चितता का दौर जारी रह सकता है।

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