फल सेहत के लिए वरदान हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं इन्हें खाने का सही समय और तरीका? यहाँ जानें आयुर्वेद के अचूक नियम

'एक सेब डॉक्टर को दूर रखता है'—यह कहावत बचपन से हम सब सुनते आ रहे हैं। इसमें कोई दो राय नहीं है कि फल हमारी सेहत के लिए किसी कुदरती वरदान से कम नहीं हैं। विटामिन, मिनरल्स, एंटीऑक्सीडेंट्स और फाइबर से भरपूर फल शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई गंभीर बीमारियों से बचाते हैं। हालांकि, अक्सर लोग अनजाने में फलों का सेवन गलत समय पर या गलत तरीके से कर लेते हैं, जिसका फायदा मिलने के बजाय शरीर को नुकसान उठाना पड़ सकता है। अगर आप भी फलों का पूरा पोषण पाना चाहते हैं, तो इनका सेवन करने का सही वक्त और तौर-तरीका बेहद जरूरी है। आइए जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ।
फल खाने का सबसे सही समय कौन सा है
अक्सर लोग रात के खाने के बाद डेजर्ट के तौर पर या दोपहर के भारी भोजन के तुरंत बाद फल खाना पसंद करते हैं, जो कि पूरी तरह गलत है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार, फल खाने का सबसे बेहतरीन समय सुबह खाली पेट या नाश्ते के आसपास होता है। इसके अलावा, दोपहर के भोजन से कम से कम एक घंटा पहले या दोपहर के स्नैक्स के रूप में फल खाना सबसे ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इस दौरान शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे फलों में मौजूद पोषक तत्व और नेचुरल शुगर आसानी से पच जाते हैं और शरीर को भरपूर ऊर्जा मिलती है।
रात के समय या भोजन के तुरंत बाद फल खाने से क्यों बचना चाहिए
रात के समय या डिनर के तुरंत बाद फल खाना पाचन तंत्र पर भारी पड़ सकता है। चूंकि फल बहुत जल्दी पच जाते हैं और भोजन को पचने में समय लगता है, इसलिए जब आप खाना खाने के तुरंत बाद फल खाते हैं, तो फल पेट में ही फर्मेंट (सड़)ने लगते हैं। इससे एसिडिटी, गैस, बदहजमी और पेट फूलने की समस्या हो सकती है। इसके अलावा, रात के समय शरीर की शारीरिक गतिविधि कम हो जाती है, जिससे फलों में मौजूद शुगर फैट के रूप में स्टोर होने लगती है। इसलिए रात को सोते वक्त खट्टे या भारी फलों के सेवन से हमेशा तौबा करनी चाहिए।
फल खाने का सही तरीका और बरती जाने वाली जरूरी सावधानियां
फलों से पूरा पोषण हासिल करने के लिए उन्हें खाने का सही तरीका पता होना बहुत जरूरी है। कभी भी कटे हुए फलों को बहुत देर तक खुला नहीं छोड़ना चाहिए, क्योंकि हवा के संपर्क में आने से उनके पोषक तत्व कम हो जाते हैं और बैक्टीरिया पनपने का खतरा रहता है। हमेशा ताजे और सीजनल (मौसमी) फलों को धोकर तुरंत काटें और चबा-चबाकर खाएं, न कि उनका जूस निकालकर पिएं। जूस पीने से फाइबर निकल जाता है और सिर्फ शुगर बचती है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए हानिकारक हो सकती है। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखकर आप फलों से अपनी सेहत को चार चांद लगा सकते हैं।