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रेलवे भर्ती में ऐतिहासिक महामुकाबला: 92,116 पदों के लिए 3.58 करोड़ ने दी परीक्षा, एक सीट पर 3,400 दावेदार

भारतीय रेलवे (Indian Railways) में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखने वाले देश के बेरोजगार युवाओं के बीच इस समय अब तक की सबसे भीषण प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। रेलवे भर्ती बोर्ड (RRB) द्वारा निकाली गई ग्रुप डी, एनटीपीसी और अन्य तकनीकी संवर्ग की कुल 92,116 नौकरियों के लिए देश भर से रिकॉर्डतोड़ आवेदन आए हैं। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, इन पदों के लिए आयोजित की गई परीक्षाओं में कुल 3.58 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई है। इस विशाल आंकड़े ने प्रतियोगिता के स्तर को इतने ऊंचे मुकाम पर पहुंचा दिया है कि अब रेलवे की महज एक सीट पाने के लिए औसतन 3,400 से ज्यादा उम्मीदवारों के बीच कांटे की टक्कर चल रही है।

दुनिया की सबसे बड़ी परीक्षा प्रक्रिया, महीनों चला सिलसिला

रेलवे की इस मेगा भर्ती परीक्षा को संपन्न कराना रेलवे भर्ती बोर्ड और प्रशासन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। देश भर के सैकड़ों शहरों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर ऑनलाइन कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) का आयोजन कई महीनों तक अलग-अलग शिफ्टों में किया गया। 3.58 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों के बैठने, सुरक्षा और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के इंतजामों को मुस्तैद रखने के लिए रेलवे ने हाई-टेक डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का सहारा लिया। इतने बड़े पैमाने पर परीक्षा का आयोजन होना अपने आप में एक वैश्विक रिकॉर्ड माना जा रहा है, जिसने भारतीय युवाओं के भीतर सरकारी नौकरी के प्रति दीवानगी को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।

एक-एक पद के लिए मची है होड़, कट-ऑफ आसमान छूने के आसार

रेलवे रिक्रूटमेंट के इस ताजा समीकरण ने उन अभ्यर्थियों की चिंता बढ़ा दी है जो दिन-रात तैयारी में जुटे हुए थे। एक सीट पर 3,400 दावेदारों की मौजूदगी का सीधा मतलब यह है कि इस बार परीक्षाओं का फाइनल कट-ऑफ (Cut-Off Marks) उम्मीद से कहीं ज्यादा ऊपर जा सकता है। परीक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि निगेटिव मार्किंग और नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया के बाद केवल वही छात्र अंतिम सूची में जगह बना पाएंगे, जिन्होंने न केवल अधिकतम स्कोर किया है बल्कि सटीकता भी बनाए रखी है। इस भारी प्रतिस्पर्धा ने रेलवे की ग्रुप डी और क्लर्क स्तर की परीक्षाओं को भी देश की सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की लीग में खड़ा कर दिया है।

बिहार, यूपी और राजस्थान जैसे लोकल हब्स में सबसे ज्यादा उबाल

इस ऐतिहासिक रेलवे परीक्षा का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों के स्थानीय बाजारों और कोचिंग हब्स में देखा जा रहा है। पटना, प्रयागराज, जयपुर और इंदौर जैसे शहरों में रहने वाले लाखों छात्र इस परीक्षा के नतीजों का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। रेलवे भर्ती बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, इन राज्यों से परीक्षा देने वाले उम्मीदवारों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है। स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभागों को भी परीक्षा के दिनों में विशेष ट्रेनें चलानी पड़ी थीं ताकि ग्रामीण इलाकों से आने वाले छात्रों को केंद्रों तक पहुंचने में कोई असुविधा न हो। अब सभी की नजरें आंसर-की और रिजल्ट्स पर टिकी हुई हैं।

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