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क्या मानसून में आप भी बार-बार पड़ते हैं बीमार? जानिए डेंगू, फ्लू और वायरल बुखार से बचने का सही तरीका

बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत देता है, लेकिन इसके साथ ही यह कई बीमारियों का न्योता भी लेकर आता है। इन दिनों उमस और तापमान में लगातार होने वाले बदलाव के कारण वायरस बड़ी तेजी से पनपते हैं। यही वजह है कि मानसून आते ही घरों में सर्दी, खांसी, फ्लू और वायरल बुखार के मामले तेजी से बढ़ने लगते हैं। जिनकी इम्युनिटी थोड़ी कमजोर होती है, उनके लिए तो यह मौसम किसी 'इन्फेक्शन के सिलसिले' से कम नहीं होता।

पुणे के सह्याद्रि हॉस्पिटल के जाने-माने संक्रामक रोग विशेषज्ञ डॉ. रमन गायकवाड़ बताते हैं कि इस मौसम में जलभराव, गंदगी और दूषित पानी बीमारियों की सबसे बड़ी जड़ हैं। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि आखिर हम बार-बार बीमार क्यों पड़ते हैं, इसके लक्षण क्या हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है।

मानसून में बीमारियां क्यों बढ़ती हैं?

असल में बारिश के दौरान हवा में नमी बहुत ज्यादा होती है, जो वायरस को लंबे समय तक सक्रिय रखने में मदद करती है। जगह-जगह भरा हुआ पानी और गंदगी संक्रमण का खतरा कई गुना बढ़ा देते हैं। इसी रुके हुए पानी में डेंगू और चिकनगुनिया फैलाने वाले एडीज मच्छर पैदा होते हैं। इसके अलावा दूषित खाना और पानी भी वायरस को सीधे हमारे शरीर तक पहुंचाते हैं। मौसम बदलते ही हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) भी कुछ समय के लिए कमजोर पड़ जाती है, जिससे हम आसानी से वायरल इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।

वायरल इन्फेक्शन के मुख्य लक्षण

अगर आपको अचानक तेज बुखार आ जाए, गले में खराश हो या खांसी परेशान करे, तो यह वायरल हो सकता है। इसके अलावा नाक बहना या बंद होना, तेज सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, और बहुत ज्यादा थकान महसूस होना भी इसके आम लक्षण हैं। अगर आपको डेंगू या चिकनगुनिया है, तो शरीर पर लाल चकत्ते भी आ सकते हैं। कुछ लोगों को उल्टी, दस्त या जी मिचलाने जैसी दिक्कतें भी झेलनी पड़ती हैं।

वायरल संक्रमण का सही इलाज क्या है?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ज्यादातर वायरल संक्रमण कुछ ही दिनों में अपने आप ठीक हो जाते हैं। इसका मुख्य इलाज आपके लक्षणों को कंट्रोल करना है। सबसे जरूरी है कि आप शरीर को पूरा आराम दें और खूब सारा पानी पिएं। अपनी डाइट में लिक्विड चीजें और हेल्दी खाना शामिल करें, इससे रिकवरी काफी तेज होती है। बुखार या दर्द के लिए कोई भी दवा हमेशा डॉक्टर की सलाह पर ही लें। सबसे बड़ी गलती जो लोग करते हैं, वो है खुद से एंटीबायोटिक्स खाना। याद रखें, एंटीबायोटिक दवाएं वायरल संक्रमण पर बिल्कुल असर नहीं करतीं, इसलिए इन्हें बिना डॉक्टरी पर्चे के न लें। फ्लू जैसी कुछ गंभीर स्थितियों में डॉक्टर आपको एंटीवायरल दवाएं दे सकते हैं।

बारिश में इन्फेक्शन से कैसे करें बचाव?

  • संक्रमण से बचने के लिए साफ-सफाई का खास ख्याल रखें और हाथों को बार-बार साबुन और पानी से धोएं।

  • पीने के लिए हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ पानी ही इस्तेमाल करें।

  • घर का बना ताजा और साफ खाना खाएं। बीमार व्यक्ति के सीधे संपर्क में आने से बचें।

  • मच्छरों से बचने के लिए पूरी बांह के कपड़े पहनें और अच्छी क्वालिटी के मॉस्किटो रिपेलेंट का इस्तेमाल करें।

  • अपने घर के आस-पास या छतों पर पानी बिल्कुल जमा न होने दें।

  • पर्याप्त नींद लें और पौष्टिक संतुलित आहार खाएं ताकि आपकी इम्युनिटी मजबूत बनी रहे।

डॉक्टर से तुरंत कब मिलें?

अगर आपका बुखार दो-तीन दिन बाद भी नहीं उतर रहा है, सांस लेने में कोई तकलीफ हो रही है, लगातार उल्टियां हो रही हैं, या शरीर पर लाल चकत्ते दिखने लगें, तो बिल्कुल देरी न करें। इसके अलावा अगर प्लेटलेट्स कम होने का शक हो या डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) के गंभीर लक्षण नजर आएं, तो तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करें।

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