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बरसात के मौसम में बच्चों की सेहत से न करें खिलवाड़! इन चीजों के सेवन से बढ़ सकता है गंभीर खतरा, जानें डाइटीशियन की सलाह

मानसून का मौसम आते ही चिलचिलाती गर्मी से राहत तो मिलती है, लेकिन अपने साथ कई तरह की बीमारियां और इंफेक्शन भी लेकर आता है। इस मौसम में सबसे ज्यादा संवेदनशील बच्चों का नाजुक स्वास्थ्य होता है, क्योंकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) वयस्कों के मुकाबले कमजोर होती है। नमी भरे इस मौसम में पानी से होने वाली बीमारियां, सर्दी-जुकाम और पेट का संक्रमण तेजी से फैलता है। यही वजह है कि बाल रोग विशेषज्ञों और डाइटीशियन का मानना है कि बरसात के दिनों में बच्चों की डाइट (Kids Diet in Monsoon) पर विशेष ध्यान देना बेहद जरूरी है। यदि इस दौरान खान-पान में जरा सी भी लापरवाही बरती जाए, तो बच्चों की सेहत को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

मानसून में बच्चों को भूलकर भी न खिलाएं ये चीजें

डाइटीशियन और हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बरसात के मौसम में बैक्टीरिया और फंगस बहुत तेजी से पनपते हैं, इसलिए बाहर का खुला खाना या स्ट्रीट फूड बच्चों को बिल्कुल नहीं देना चाहिए। बाजार में मिलने वाली कटी हुई फल-सब्जियां, चाट-पकौड़ी और बाहर की तली-भुनी चीजें बच्चों के पेट में इंफेक्शन का मुख्य कारण बनती हैं। इसके अलावा सी-फूड और पानी में उगने वाली हरी पत्तेदार सब्जियों (जैसे पालक या पत्ता गोभी) को इस सीजन में खाने से बचना चाहिए, क्योंकि इनमें नमी के कारण कीड़े और जर्म्स छिपे होने का खतरा सबसे ज्यादा होता है। जंक फूड और पैक्ड स्नैक्स भी बच्चों की इम्युनिटी को कमजोर करते हैं।

बच्चों की थाली में क्या शामिल करना है सबसे फायदेमंद?

बरसाती मौसम में बच्चों को अंदर से मजबूत रखने के लिए उनकी डाइट में पोषक तत्वों से भरपूर और आसानी से पचने वाले खाद्य पदार्थों को शामिल करें। ताजे फल जैसे पपीता, अनार, सेब और उबली हुई सब्जियां बच्चों को दें। खाना हमेशा ताजा और घर का बना हुआ ही खिलाएं, जिसमें हल्दी, जीरा और लहसुन जैसे नेचुरल एंटी-बैक्टीरियल मसालों का इस्तेमाल किया गया हो। हाइड्रेशन का खास ख्याल रखें और बच्चों को हमेशा उबला हुआ या फिल्टर किया हुआ गुनगुना पानी ही पीने के लिए दें। सूप, दलिया, खिचड़ी और नींबू पानी जैसी चीजें बच्चों की पाचन क्रिया को दुरुस्त रखती हैं।

पैरेंट्स के लिए जरूरी टिप्स: इम्युनिटी बढ़ाने के आसान उपाय

स्थानीय और मौसमी बदलावों को ध्यान में रखते हुए पैरेंट्स को बच्चों की साफ-सफाई और खान-पान को लेकर अत्यधिक सतर्क रहना चाहिए। बच्चों को बाहर खेलने के बाद हाथ-पैर अच्छी तरह साबुन से धोने की आदत डालें। सुबह के समय उन्हें दूध के साथ हल्दी या च्यवनप्राश जैसी चीजें दें ताकि उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता प्राकृतिक रूप से मजबूत हो सके। थोड़ी सी सावधानी और सही डाइट चार्ट अपनाकर आप अपने बच्चों को इस मानसून सीजन में हर तरह के वायरल इंफेक्शन और बीमारियों से पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।

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