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दिल के मरीजों के लिए कौन-सा तेल है सबसे अच्छा? सरसों या जैतून, जानिए क्या कहती है एक्सपर्ट्स की रिपोर्ट

भागदौड़ भरी जीवनशैली और गलत खान-पान के कारण आज के समय में दिल की बीमारियां (Heart Diseases) तेजी से बढ़ती जा रही हैं। ऐसे में हर घर की रसोई में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि खाना पकाने के लिए किस तेल का इस्तेमाल किया जाए ताकि दिल हमेशा सुरक्षित और स्वस्थ रहे। भारतीय परिवारों में जहां सदियों से शुद्ध सरसों के तेल (Mustard Oil) में खाना बनाने की परंपरा रही है, वहीं आजकल हेल्थ कॉन्शियस लोग ऑलिव ऑयल यानी जैतून के तेल (Olive Oil) को तेजी से अपना रहे हैं। जब बात दिल के मरीजों (Heart Patients) की आती है, तो इन दोनों में से कौन सा तेल सबसे बेहतर साबित होता है? आइए जानते हैं इस मेडिकल डिबेट का पूरा सच और एक्सपर्ट्स की खास राय।

सरसों के तेल के फायदे: पारंपरिक स्वाद के साथ दिल की सेहत का रक्षा कवच

भारत के पारंपरिक खान-पान में सरसों का तेल अपनी तीखी खुशबू और अनूठे स्वाद के लिए जाना जाता है। कार्डियोलॉजिस्ट्स के अनुसार, सरसों के तेल में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (MUFA) और पॉलीअनसैचुरेटेड फैटी एसिड (PUFA) का संतुलन बहुत बेहतरीन होता है। इसके अलावा, इसमें ओमेगा-3 और ओमेगा-6 फैटी एसिड भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने और गुड कोलेस्ट्रॉल (HDL) को बढ़ाने में मदद करते हैं। इसका हाई स्मोकिंग पॉइंट (High Smoking Point) इसे भारतीय स्टाइल में डीप फ्राई और छौंक लगाने के लिए सबसे सुरक्षित बनाता है, जिससे दिल की धमनियों में ब्लॉकेज का खतरा कम होता है।

ऑलिव ऑयल के फायदे: पश्चिमी देशों से लेकर भारत की आधुनिक रसोई तक का सफर

जैतून का तेल (Olive Oil) अपनी हाई एंटी-ऑक्सीडेंट प्रॉपर्टीज और हार्ट-फ्रेंडली गुणों के लिए पूरी दुनिया में लोकप्रिय है। विशेष रूप से एक्स्ट्रा वर्जिन ऑलिव ऑयल में दिल की सेहत के लिए वरदान माने जाने वाले पॉलीफेनॉल्स और हेल्दी फैट्स पाए जाते हैं, जो ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और सूजन (Inflammation) को कम करने में असरदार हैं। हालांकि, ऑलिव ऑयल का स्मोकिंग पॉइंट कम होता है, जिसका मतलब है कि यह भारतीय स्टाइल की तेज आंच वाली तलने या पकाने की कुकिंग के लिए उतना उपयुक्त नहीं है जितना कि सलाद ड्रेसिंग या हल्की सिंकाई के लिए होता है।

दिल के मरीजों को कौन सा तेल चुनना चाहिए? एक्सपर्ट्स की सलाह

स्वास्थ्य विशेषज्ञों और स्थानीय भौगोलिक प्राथमिकताओं को ध्यान में रखें तो दोनों ही तेल अपने-अपने स्थान पर बेहतरीन हैं। यदि आप भारतीय पारंपरिक भोजन शैली अपनाते हैं, तो शुद्ध कच्च घानी सरसों का तेल आपके दिल के लिए एक किफायती और बेहद गुणकारी विकल्प है। वहीं, यदि आप सलाद, बेकिंग या हल्की आंच पर पकाने वाले भोजन पसंद करते हैं, तो ऑलिव ऑयल का उपयोग करना फायदेमंद हो सकता है। किसी भी नतीजे पर पहुंचने से पहले अपने डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह जरूर लें, क्योंकि हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरतें और मेडिकल हिस्ट्री अलग होती है।

 

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