PoK में भड़की चिंगारी: रावलकोट में सेना की अंधाधुंध फायरिंग, 17 प्रदर्शनकारियों की मौत

पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर (PoK) से इस वक्त एक बेहद परेशान करने वाली और बड़ी खबर सामने आ रही है। रावलकोट में अपनी जायज मांगों को लेकर सड़कों पर उतरे स्थानीय कश्मीरियों पर पाकिस्तानी फौज काल बनकर टूट पड़ी है। इलाके में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे नागरिकों पर सेना ने सीधे गोलियां बरसा दीं। स्थानीय सूत्रों और चश्मदीदों के मुताबिक, इस अंधाधुंध फायरिंग में अब तक कम से कम 17 प्रदर्शनकारियों की दर्दनाक मौत हो चुकी है, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
हक की मांग पर बरसीं गोलियां: रावलकोट में बिछ गईं लाशें
मिली जानकारी के अनुसार, रावलकोट और उसके आसपास के इलाकों में लोग बुनियादी सुविधाओं, महंगाई और मानवाधिकारों के हनन के खिलाफ शांतिपूर्ण मार्च निकाल रहे थे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पाकिस्तानी हुकूमत और वहां की सेना उनका लगातार शोषण कर रही है। देखते ही देखते इस प्रदर्शन को दबाने के लिए पाकिस्तानी फौज ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। बिना किसी चेतावनी के प्रदर्शनकारियों पर सीधे राइफलों से गोलियां चलाई गईं, जिससे रावलकोट की सड़कें कश्मीरियों के खून से लाल हो गईं।
मानवाधिकारों की धज्जियां: PoK में हालात बेकाबू
इस खूनी झड़प के बाद पूरे रावलकोट और आस-पास के जिलों में कर्फ्यू जैसा माहौल है। चश्मदीदों का कहना है कि अस्पताल घायलों से पटे पड़े हैं और मरने वालों का आंकड़ा अभी और बढ़ सकता है। स्थानीय नेताओं ने पाकिस्तानी सेना की इस हरकत को 'नरसंहार' करार दिया है। सोशल मीडिया पर आ रही अपुष्ट तस्वीरों और वीडियो में रावलकोट की सड़कों पर अफरा-तफरी और खौफ का मंजर साफ देखा जा सकता है। इंटरनेट सेवाओं को भी प्रभावित किया गया है ताकि सच दुनिया के सामने न आ सके।
अंतरराष्ट्रीय बिरादरी की चुप्पी पर उठे सवाल
इस दर्दनाक घटना के बाद PoK के नागरिकों में पाकिस्तानी हुकूमत के खिलाफ भयंकर गुस्सा है। स्थानीय एक्टिविस्ट्स का कहना है कि जब भी कश्मीरी अपने अधिकारों की बात करते हैं, तो पाकिस्तानी फौज इसी तरह 'जल्लाद' बनकर उनका दमन करती है। अब देखना यह है कि इस गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन और बर्बरता पर वैश्विक संगठन और अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार एजेंसियां क्या कदम उठाती हैं। फिलहाल रावलकोट में स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण और नाजुक बनी हुई है।