CWG 2026 Javelin Final: कॉमनवेल्थ गेम्स में 31 जुलाई को नीरज चोपड़ा vs अरशद नदीम का महामुकाबला; जानिए पेरिस का हिसाब चुकता करने उतरेंगे भारत के ‘गोल्डन बॉय’

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हो रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 (CWG 2026) में दुनिया भर के खेल प्रेमियों की निगाहें सबसे चर्चित और हाई-प्रोफाइल मुकाबले पर टिकी हुई हैं। यह मुकाबला पुरुषों की जेवलिन थ्रो (भाला फेंक) स्पर्धा का है, जहां भारत के स्टार एथलीट नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के ओलंपिक चैंपियन अरशद नदीम एक बार फिर आमने-सामने होंगे। बीते कुछ वर्षों में इन दोनों खिलाड़ियों के बीच की प्रतिस्पर्धा विश्व एथलेटिक्स की सबसे रोमांचक जंग बन चुकी है। जब भी ये दोनों दिग्गज मैदान में उतरते हैं, तो स्टेडियम का माहौल भारत-पाकिस्तान के किसी बड़े क्रिकेट मैच से कम नजर नहीं आता।
31 जुलाई को रात 9:40 बजे थमेंगी सांसें: पेरिस का हिसाब चुकता करने उतरेंगे नीरज
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार, पुरुषों की जेवलिन थ्रो स्पर्धा का फाइनल मुकाबला 31 जुलाई (शुक्रवार) को भारतीय समयानुसार रात 9:40 बजे आयोजित किया जाएगा। यह मुकाबला नीरज चोपड़ा के लिए खास तौर पर काफी अहम है। टोक्यो ओलंपिक, वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप और डायमंड लीग में देश को गोल्ड दिलाने वाले नीरज का सामना इस बार पेरिस ओलंपिक के गोल्ड मेडलिस्ट अरशद नदीम से है। पेरिस में अरशद ने ऐतिहासिक थ्रो फेंककर स्वर्ण जीता था और नीरज को रजत पदक से संतोष करना पड़ा था। ऐसे में ग्लासगो का यह मंच नीरज के लिए अपने सबसे बड़े प्रतिद्वंद्वी से पुराना हिसाब चुकता करने और भारत की झोली में एक और स्वर्णिम अध्याय जोड़ने का बेहतरीन मौका है। नीरज और अरशद दोनों ही 90 मीटर से ज्यादा दूरी तक भाला फेंकने की क्षमता रखते हैं, जिससे यह फाइनल ऐतिहासिक होने वाला है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत का शानदार प्रदर्शन: अब तक आ चुके हैं 10 मेडल
ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय एथलीटों का प्रदर्शन शुरुआत से ही बेहद दमदार रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने वेटलिफ्टिंग, पैरा पावरलिफ्टिंग, एथलेटिक्स और स्विमिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पदकों की झड़ी लगा दी है। अब तक भारत की झोली में कुल 10 मेडल आ चुके हैं, जिससे भारत मेडल टैली में शीर्ष देशों की होड़ में बना हुआ है।
भारत की मेडल सूची में 2 गोल्ड, 5 सिल्वर और 3 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं:
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गोल्ड मेडल (2): मीराबाई चानू (वेटलिफ्टिंग – महिला 48 किग्रा) और शर्मिला धनकड़ (पैरा-एथलेटिक्स – महिला शॉट पुट F57)
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सिल्वर मेडल (5): ऋषिकांत सिंह (वेटलिफ्टिंग), राजा मुथुपंडी (वेटलिफ्टिंग), सर्वेश कुशारे (एथलेटिक्स – हाई जंप), वल्लूरी अजय बाबू (वेटलिफ्टिंग) और ज्ञानेश्वरी यादव (वेटलिफ्टिंग)
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ब्रॉन्ज मेडल (3): झंडू कुमार (पैरा पावरलिफ्टिंग), बिंद्यारानी देवी (वेटलिफ्टिंग) और शिल्पा शायला (पैरा-एथलेटिक्स)
भारतीय फैंस को पूरी उम्मीद है कि 31 जुलाई की रात नीरज चोपड़ा का भाला एक बार फिर सोने पर निशाना साधेगा और भारत के मेडल काउंट को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।