धर्म

सावन सोमवार 2026: बाबा काशी विश्वनाथ के 4 अलौकिक रूपों में होंगे दर्शन, रक्षा बंधन पर सजेगा दिव्य झूला दरबार

देवों के देव महादेव को समर्पित सावन का पवित्र महीना शुरू हो चुका है और इस पूरे महीने शिव भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना में लीन नजर आते हैं। इस बार सावन के महीने में देश-विदेश से आने वाले शिव भक्तों के लिए काशी नगरी में बेहद खास तैयारियां की गई हैं। इस बार सावन के दौरान पड़ने वाले चारों सोमवार के दिन बाबा काशी विश्वनाथ अपने भक्तों को अलग-अलग चार भव्य और अलौकिक रूपों में दर्शन देंगे। सालभर में केवल सावन के इन विशेष दिनों पर ही बाबा के इन दुर्लभ स्वरूपों के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होता है, जिसे लेकर शिव भक्तों में गजब का उत्साह और उल्लास देखने को मिल रहा है।

सावन के चारों सोमवार पर कब और कैसे होंगे बाबा के दर्शन

काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन के मुताबिक, सावन के पहले सोमवार यानी 3 अगस्त 2026 को बाबा काशी विश्वनाथ का विशेष 'शंकर स्वरूप' शृंगार किया जाएगा, जिसमें गर्भगृह के भीतर फूलों से सजी अस्थायी प्रतिमा की स्थापना होगी और भक्त सप्तऋषि आरती के बाद इस अद्भुत रूप के दर्शन कर सकेंगे। इसके बाद सावन के दूसरे सोमवार यानी 10 अगस्त 2026 को बाबा का अति-दुर्लभ 'गौरी शंकर स्वरूप' शृंगार होगा, जिसमें शिव और पार्वती के संयुक्त रूप के दर्शन साल में केवल एक बार ही होते हैं। सावन के तीसरे सोमवार यानी 17 अगस्त 2026 को बाबा का अर्ध-नारीश्वर स्वरूप शृंगार सजाया जाएगा, जो अपने आप में बेहद दिव्य और मनमोहक होता है। वहीं, सावन के चौथे सोमवार के दिन लगभग पांच लाख असली रुद्राक्ष के दानों का उपयोग करके बाबा का भव्य 'रुद्राक्ष शृंगार' किया जाएगा और दर्शन के बाद इन रुद्राक्षों को भक्तों के बीच प्रसाद रूप में वितरित किया जाएगा।

सावन पूर्णिमा और रक्षा बंधन पर सजेगा विशेष झूला शृंगार

सावन महीने के अंतिम चरण यानी सावन पूर्णिमा और रक्षा बंधन के पावन पर्व (27-28 अगस्त 2026) पर काशी विश्वनाथ मंदिर में एक बेहद खास और ऐतिहासिक आयोजन देखने को मिलेगा। इस दिन बाबा काशी विश्वनाथ का प्रसिद्ध 'झूला शृंगार' किया जाएगा, जिसमें भगवान शिव अपने पूरे परिवार के साथ झूले पर विराजमान होकर अपने सभी भक्तों को भव्य दर्शन देंगे। रक्षा बंधन के दिन इस अलौकिक दरबार के दर्शन करने के लिए काशी में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की उम्मीद है। मंदिर प्रशासन और स्थानीय पुलिस ने सभी शिव भक्तों के लिए सुगम दर्शन और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं, ताकि हर कोई बाबा के इन दुर्लभ स्वरूपों का आशीर्वाद आसानी से प्राप्त कर सके।

 

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