NEET UG Counselling 2026: अब नहीं होगी भागदौड़! ऑनलाइन वेरिफिकेशन से लेकर NRI एडमिशन तक बदले नियम, छात्रों को मिलेगी 24×7 मदद

मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नीट यूजी (NEET UG) 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, डिजिटल और छात्र-अनुकूल बनाने के लिए कई ऐतिहासिक सुधारों का ऐलान किया है। नए नियमों का मुख्य उद्देश्य काउंसलिंग के दौरान छात्रों और उनके अभिभावकों को होने वाली गैर-जरूरी यात्राओं, कागजी कार्रवाई और मानसिक तनाव को पूरी तरह समाप्त करना है। स्वास्थ्य मंत्री द्वारा समीक्षा बैठक के बाद इन बदलावों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
वन-टाइम फिजिकल रिपोर्टिंग: बार-बार कॉलेज जाने की झंझट खत्म
काउंसलिंग प्रक्रिया का सबसे बड़ा और राहत देने वाला फैसला 'वन-टाइम फिजिकल रिपोर्टिंग' (One-time Physical Reporting) से जुड़ा है:
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अपग्रेड का विकल्प: जो छात्र सीट अलॉटमेंट के बाद 'अपग्रेड' या 'फ्लोट' (Float) का विकल्प चुनेंगे, उन्हें अब सिर्फ औपचारिकताओं के लिए अलॉटेड कॉलेज में physically रिपोर्ट करने की जरूरत नहीं होगी।
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सीट रहेगी सुरक्षित: अगले राउंड में बेहतर सीट की तलाश के दौरान उनकी पहले से अलॉट हुई सीट सिस्टम में पूरी तरह सुरक्षित रहेगी।
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एक बार में दाखिला: तीसरे राउंड के बाद जब अंतिम सीट तय हो जाएगी, तब छात्र को संबंधित मेडिकल कॉलेज में जाकर एक ही बार में मूल दस्तावेज (Original Documents) जमा करने और फीस भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
NRI कोटे का एडमिशन अब पूरी तरह डिजिटल
डीम्ड यूनिवर्सिटीज में एनआरआई (NRI) कोटे के तहत मेडिकल सीट का दावा करने वाले अभ्यर्थियों के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया गया है:
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अब डाक्यूमेंट्स को ईमेल से भेजने के बजाय सीधे MCC के ऑनलाइन काउंसलिंग पोर्टल पर अपलोड करना होगा।
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अधिकृत दस्तावेज सत्यापन अधिकारी पोर्टल के जरिए ही ऑनलाइन माध्यम से सभी कागजातों की प्रामाणिकता की जांच करेंगे।
घर बैठे ऑनलाइन सीट रेजिग्नेशन की सुविधा
यदि कोई अभ्यर्थी किसी कारणवश अलॉट की गई सीट को छोड़ना या इस्तीफा (Resign) देना चाहता है, तो उसे अब संबंधित कॉलेज में जाकर कागजात सरेंडर करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। MCC ने काउंसलिंग पोर्टल पर ही ऑनलाइन सीट रेजिग्नेशन सुविधा शुरू की है, जहां से छात्र तय समयसीमा के भीतर डिजिटल आवेदन करके अपनी सीट सरेंडर कर सकेंगे।
PwBD अभ्यर्थियों के लिए सेंटर्स बढ़े और 24×7 हेल्पलाइन शुरू
दिव्यांगजनों (PwBD) की सुविधा के लिए विशेष एसेसमेंट सेंटरों की संख्या 16 से बढ़ाकर 61 कर दी गई है। इसके साथ ही, नेशनल मेडिकल कमीशन के नए दिशानिर्देशों के तहत इनके प्रमाण पत्र को 'एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट' (Eligibility Certificate) नाम दिया गया है।
काउंसलिंग के दौरान किसी भी तकनीकी या प्रक्रियात्मक समस्या के समाधान के लिए MCC ने 24×7 टॉल-फ्री हेल्पलाइन, हिंदी और अंग्रेजी में गाइडेंस वीडियो और एक विशेष ग्रीवांस रिड्रेसल (शिकायत निवारण) पोर्टल शुरू किया है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों के छात्रों को हर समय मदद उपलब्ध रहेगी।