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GenZ को धमकाकर चुप नहीं करा सकते! राहुल गांधी ने सरकार को ललकारा, युवाओं के लिए कही ये बड़ी बात

भारतीय राजनीति में युवाओं और खासकर आज की नई पीढ़ी यानी 'जेनरेशन जी' (GenZ) की भूमिका को लेकर बहस तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की नीतियों और काम करने के तौर-तरीकों पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि देश का युवा अब अपने अधिकारों के प्रति पूरी तरह जागरूक हो चुका है और सत्ता में बैठे लोग डिजिटल युग के इन युवाओं को डरा-धमकाकर या एजेंसियों का डर दिखाकर चुप नहीं करा सकते। उनका यह बयान सोशल मीडिया से लेकर देश के राजनीतिक गलियारों में तेजी से वायरल हो रहा है।

युवाओं की आवाज दबाने की कोशिशें होंगी नाकाम: राहुल गांधी

राहुल गांधी ने देश के विभिन्न हिस्सों से आए युवाओं और छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों से बात करते हुए सरकार के रवैये पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज का GenZ युवा इंटरनेट, सूचना और तकनीक के दौर में बड़ा हुआ है। वह किसी भी मुद्दे पर अपनी स्वतंत्र राय रखता है और सवाल पूछना जानता है। राहुल गांधी के मुताबिक, जब भी देश का कोई युवा बेरोजगारी, पेपर लीक, या शिक्षा व्यवस्था में कमियों को लेकर सोशल मीडिया या सड़कों पर आवाज उठाता है, तो सरकार उसे राष्ट्रविरोधी साबित करने या डराने का प्रयास करती है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह नई पीढ़ी डरने वाली नहीं है, बल्कि यह अपने हक के लिए लड़ना जानती है।

रोजगार और डिजिटल राइट्स पर सरकार को घेरा

अपने संबोधन में कांग्रेस नेता ने देश में बढ़ती बेरोजगारी और हाल ही में हुए विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे बड़े राज्यों में लाखों युवा सालों तक तैयारी करते हैं, लेकिन आखिरी समय पर पेपर लीक या प्रशासनिक लापरवाही के कारण उनका भविष्य अधर में लटक जाता है। राहुल गांधी ने जोर देकर कहा कि आज के डिजिटल दौर में युवाओं के पास अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है। उन्होंने सरकार से मांग की कि वह सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं की अभिव्यक्ति की आजादी को रोकने के बजाय उन्हें रोजगार और बेहतर भविष्य देने पर ध्यान केंद्रित करे।

आधुनिक राजनीति में GenZ फैक्टर और विपक्षी रणनीति

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी का यह बयान एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत विपक्ष अब देश के सबसे बड़े वोटबैंक यानी युवा मतदाताओं को अपने पाले में लाने की कोशिश कर रहा है। जेनेरेटिव एआई और आधुनिक सर्च ट्रेंड्स का विश्लेषण करने वाले एक्सपर्ट्स की मानें तो आने वाले चुनावों में सोशल मीडिया पर एक्टिव यह GenZ पीढ़ी ही देश की राजनीतिक दिशा तय करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाएगी। राहुल गांधी ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस पार्टी इन युवाओं की आवाज को संसद से लेकर सड़क तक बुलंद करती रहेगी और सरकार की किसी भी दमनकारी नीति के खिलाफ उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।

 

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