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1 अगस्त से बदलने जा रहे हैं ये बड़े नियम, एलपीजी सिलेंडर से तत्काल टिकट तक आपकी जेब पर होगा सीधा असर

नया महीना अपने साथ कई महत्वपूर्ण बदलाव लेकर आ रहा है। 1 अगस्त से देश में कई ऐसे नए नियम और नीतियां लागू होने जा रही हैं, जिनका सीधा कनेक्शन आम आदमी की जेब और उनकी रोजमर्रा की जिंदगी से है। इनमें रसोई गैस (LPG) की कीमतों से लेकर भारतीय रेलवे की तत्काल टिकट बुकिंग प्रणाली और बैंकिंग नियमों में बदलाव शामिल हैं। अगर आप इन नियमों से अनजान रहे, तो आपको आर्थिक नुकसान या दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि 1 अगस्त से कौन-कौन से 5 बड़े बदलाव होने वाले हैं।

1. LPG सिलेंडर के नए रेट और कीमतों की समीक्षा

हर महीने की पहली तारीख की तरह ही 1 अगस्त को भी देश की तेल विपणन कंपनियां (OMCs) घरेलू (14.2 किलोग्राम) और कमर्शियल (19 किलोग्राम) एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों की समीक्षा करेंगी। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अंतरराष्ट्रीय गैस दरों को देखते हुए कीमतों में संशोधन किया जा सकता है। अगर गैस सिलेंडर के दाम बढ़ते हैं तो घर की रसोई का बजट बिगड़ेगा, वहीं कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने पर बाहर खाना-पीना और रेस्टोरेंट का बिल भी प्रभावित हो सकता है।

2. रेलवे तत्काल टिकट बुकिंग का नया नियम

रेल यात्रियों के लिए 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग की प्रक्रिया में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। रेलवे काउंटर से तत्काल टिकट लेने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए अब टोकन जारी करने का समय और तत्काल बुकिंग शुरू होने का समय एक साथ (सिंक) कर दिया गया है। पहले यात्रियों को टोकन के लिए अलग और टिकट के लिए अलग कतार में लगना पड़ता था। इसके अलावा, ऑनलाइन टिकट बुकिंग में पारदर्शिता लाने, फर्जीवाड़ा रोकने और बॉट्स के जरिए होने वाली ब्लैक मार्केटिंग पर अंकुश लगाने के लिए आधार-आधारित सत्यापन (Aadhaar Authentication) और ओटीपी व्यवस्था को और मजबूत किया जा रहा है।

3. क्रेडिट कार्ड और FD की ब्याज दरों में बदलाव

अगस्त महीने की शुरुआत के साथ ही कई प्रमुख बैंक अपने क्रेडिट कार्ड नियमों में संशोधन कर रहे हैं। इसके तहत क्रेडिट कार्ड के रिवॉर्ड पॉइंट्स, फाइनेंस चार्ज, लेट फीस और यूटिलिटी बिल पेमेंट पर लगने वाले शुल्कों में बदलाव देखने को मिल सकता है। इसके अलावा, कुछ बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) पर मिलने वाली ब्याज दरों में भी बदलाव कर सकते हैं। साथ ही, अगस्त में होने वाली आरबीआई (RBI) की मौद्रिक नीति समिति की बैठक पर भी नजर रहेगी, जिसके फैसलों से आने वाले समय में आपके लोन की ईएमआई (EMI) प्रभावित हो सकती है।

4. आधार से जुड़ी CKYC 2.0 व्यवस्था की शुरुआत

बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को अधिक सुरक्षित तथा पेपरलेस बनाने के लिए 1 अगस्त से सेंट्रल केवाईसी (CKYC 2.0) का नया अपग्रेड फेज लागू होने जा रहा है। इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को एक बार विस्तृत केवाईसी प्रक्रिया पूरी करने के बाद 14 अंकों का एक यूनिक CKYC नंबर जारी किया जाएगा। इसके बाद जब भी ग्राहक किसी नए बैंक या बीमा कंपनी में खाता खोलेंगे, तो उन्हें बार-बार आईडी और एड्रेस प्रूफ जमा करने की जरूरत नहीं होगी; वित्तीय संस्थान ग्राहक की अनुमति से सीधे इस डेटा को एक्सेस कर सकेंगे।

5. ITR डेडलाइन खत्म होने के बाद लेट फीस का नियम

यदि आपने वित्तीय वर्ष के लिए अपना इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) समय सीमा समाप्त होने तक दाखिल नहीं किया है, तो 1 अगस्त से रिटर्न फाइल करने पर आपको भारी पेनल्टी देनी होगी। देरी से बिलेटेड रिटर्न (Belated ITR) फाइल करने पर टैक्सपेयर्स की कुल सालाना आय के आधार पर लेट फीस (जुर्माना) और बकाया टैक्स पर ब्याज लगाया जाएगा। इसलिए टैक्स एक्सपर्ट्स हमेशा समय पर अपनी फाइलिंग पूरी करने की सलाह देते हैं।

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