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7 डिग्री की कड़कड़ाती ठंड और 14 घंटे का काम… जब साउथ डायरेक्टर ने खोला रवीना और दीपिका की शूटिंग का बड़ा राज

भारतीय सिनेमा में इन दिनों काम के घंटों (वर्किंग आवर्स) को लेकर जबरदस्त बहस छिड़ी हुई है। एक तरफ जहां बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेस दीपिका पादुकोण सेट पर केवल 8 घंटे काम करने और वर्क-लाइफ बैलेंस बनाए रखने की पुरजोर वकालत कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ साउथ फिल्म इंडस्ट्री के मेकर्स का मानना है कि कलाकारों को वहां के कल्चर और माहौल के हिसाब से खुद को ढालना चाहिए। इस पूरे मुद्दे पर अब साउथ के जाने-माने डायरेक्टर वेंकी अट्लूरी ने अपनी आने वाली फिल्म 'विश्वनाथ एंड संस' के प्रमोशन के दौरान बेहद बेबाक राय रखी है। उनका कहना है कि चाहे एक्टर किसी भी इंडस्ट्री से आए, उसे तेलुगु सिनेमा के वर्क कल्चर का सम्मान करना चाहिए, ठीक वैसे ही जैसे वे खुद बॉलीवुड में जाने पर वहां के नियमों का पालन करेंगे।

जब ऊटी की ठंड में रवीना टंडन ने लगातार की 14 घंटे शूटिंग

अपनी बात को साबित करने के लिए वेंकी अट्लूरी ने बॉलीवुड की दिग्गज अभिनेत्री रवीना टंडन का एक बेहद दिलचस्प किस्सा सुनाया। उन्होंने बताया कि जब वे अपनी फिल्म की शूटिंग ऊटी में कर रहे थे, तो वहां का तापमान 6 से 7 डिग्री सेल्सियस के करीब था। कड़ाके की इस ठंड में शेड्यूल पूरा करने के लिए या तो लगातार 14 घंटे शूट करना जरूरी था या फिर फिल्म का पैचवर्क बाद में किसी दूसरी जगह शिफ्ट करना पड़ता। फिल्म के हीरो सूर्या इसके लिए तुरंत तैयार हो गए थे। जब मेकर्स ने रवीना टंडन से बात करने की सोची, तो उनके मैनेजर को लगा कि मैम गुस्सा हो जाएंगी। हालांकि, जब रवीना को स्थिति बताई गई तो उन्होंने बिना किसी नखरे के सुबह 10:30 बजे से देर रात 12:30 बजे तक यानी लगातार 14 घंटे कड़कड़ाती ठंड में शूटिंग पूरी की।

8 घंटे की शिफ्ट पर क्यों अड़ी हैं दीपिका पादुकोण?

दूसरी ओर, दीपिका पादुकोण का नजरिया इस मामले में बिल्कुल अलग है। जब दीपिका के कुछ साउथ प्रोजेक्ट्स से अलग होने की खबरें आईं, तो इसके पीछे उनकी 8 घंटे की वर्किंग शिफ्ट की शर्त को बड़ी वजह बताया गया। दीपिका का साफ मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में जरूरत से ज्यादा काम करने को नॉर्मलाइज कर दिया गया है, जो किसी भी इंसान के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है। उनका कहना है कि एक इंसान के शरीर को आराम देने के लिए 8 घंटे की ड्यूटी ही काफी होती है। मां बनने के बाद दीपिका की सोच में और भी बदलाव आया है और वे अब सेट पर मैटरनिटी लीव, पैटरनिटी लीव और छोटे बच्चों को साथ लाने जैसी सुविधाओं को नॉर्मल और अनिवार्य बनाना चाहती हैं।

14 अगस्त को सिनेमाघरों में टकराएगी फिल्म और सोच

डायरेक्टर वेंकी अट्लूरी के इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर एक बार फिर बॉलीवुड बनाम टॉलीवुड वर्क स्टाइल पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग डायरेक्टर की बात से इत्तेफाक रखते हुए कह रहे हैं कि काम पूरा करने के लिए एक्टर्स में फ्लैक्सिबिलिटी होनी चाहिए, तो वहीं एक बड़ा तबका दीपिका के स्टैंड की तारीफ कर रहा है कि हेल्थ और पर्सनल लाइफ पहले आनी चाहिए। बहरहाल, 14 अगस्त को रिलीज होने जा रही वेंकी अट्लूरी की फिल्म 'विश्वनाथ एंड संस' में सूर्या और रवीना टंडन के साथ अनिल कपूर और ममिता बैजू भी मुख्य भूमिकाओं में नजर आने वाले हैं।

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