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Aditya Birla Capital Q1 results: मुनाफा 40% उछलकर 1,175 करोड़ रुपये पर पहुंचा, एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस का शानदार प्रदर्शन

वित्तीय सेवा क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आदित्य बिरला कैपिटल (Aditya Birla Capital) ने कारोबारी साल 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में बेहद शानदार और मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी की तरफ से जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इस तिमाही में कंपनी के मुनाफे और रेवेन्यू दोनों में जबरदस्त इजाफा देखने को मिला है। एनबीएफसी (NBFC) और हाउसिंग फाइनेंस सेक्टर के साथ-साथ बीमा और एसेट मैनेजमेंट सेगमेंट में हुई ताबड़तोड़ बढ़ोतरी के दम पर कंपनी निवेशकों की उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरी है, जिससे बाजार में उत्साह का माहौल है।

कंसोलिडेटेड नेट मुनाफा 40% बढ़कर 1,175 करोड़ रुपये हुआ

आदित्य बिरला कैपिटल द्वारा एक्सचेंज को दी गई जानकारी के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट मुनाफा (PAT) सालाना आधार पर 40 प्रतिशत की जोरदार छलांग के साथ 1,175 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 839 करोड़ रुपये था। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी के कंसोलिडेटेड रेवेन्यू में भी 29 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्ज की गई है और यह बढ़कर 14,731 करोड़ रुपये हो गया है। कंपनी के बेहतर नतीजों के पीछे लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस बिजनेस में मार्जिन सुधरने के अलावा एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस कारोबार की अहम भूमिका रही है। इस दौरान कंपनी का कुल लेंडिंग पोर्टफोलियो 32 प्रतिशत बढ़कर 2,19,289 करोड़ रुपये और कुल एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) 36 प्रतिशत बढ़कर 7,52,745 करोड़ रुपये हो गया है।

एनबीएफसी और हाउसिंग फाइनेंस सेगमेंट में तेज रफ्तार

कंपनी के एनबीएफसी कारोबार का एयूएम (AUM) 28 प्रतिशत बढ़कर 1,67,456 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि इस अवधि में डिस्बर्समेंट 34 प्रतिशत बढ़कर 21,201 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। इस सेगमेंट में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) सुधरकर 6.07 प्रतिशत और RoA बढ़कर 2.39 प्रतिशत हो गया है। इसके अलावा, हाउसिंग फाइनेंस कारोबार ने भी बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए सबको चौंका दिया है। हाउसिंग फाइनेंस में डिस्बर्समेंट 39 प्रतिशत बढ़कर 7,515 करोड़ रुपये और एयूएम 50 प्रतिशत की भारी-भरकम तेजी के साथ 51,833 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इस सेगमेंट की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 52 प्रतिशत उछलकर 572 करोड़ रुपये रही, जबकि खराब लोन या Stage 2+3 लोन घटकर महज 0.78 प्रतिशत पर आ गए हैं, जो पिछले साल की तुलना में 56 बेसिस प्वाइंट कम हैं।

इंश्योरेंस और एसेट मैनेजमेंट कारोबार में भी आई मजबूती

बीमा और निवेश खंड के आंकड़ों पर नजर डालें तो लाइफ इंश्योरेंस कारोबार में पहले साल का प्रीमियम 20 प्रतिशत बढ़कर 952 करोड़ रुपये हो गया है, जिससे इसका प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) 56 प्रतिशत बढ़कर 61 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, हेल्थ इंश्योरेंस कारोबार का ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) 50 प्रतिशत की छलांग के साथ 2,19,289 करोड़ रुपये (कुल 2,196 करोड़ रुपये) पर पहुंच गया और यह सेगमेंट घाटे से उबरकर 18 करोड़ रुपये के मुनाफे में आ गया है, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में इसे 28 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। इसके साथ ही, एसेट मैनेजमेंट कारोबार का एयूएम 12 प्रतिशत बढ़कर 4,27,675 करोड़ रुपये हो गया और इसका शुद्ध मुनाफा बढ़कर 309 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, कंपनी की यह चौतरफा ग्रोथ बेहतर ऑपरेटिंग एफिशिएंसी और मजबूत बिजनेस स्ट्रैटेजी को दर्शाती है।

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