धर्म

Sawan Somwar Upay: सावन के हर सोमवार को कर लें हल्दी की गांठों का यह अचूक उपाय, विवाह में आ रही हर अड़चन होगी दूर

हिंदू धर्म में चातुर्मास और विशेष तौर पर पवित्र सावन का महीना देवों के देव महादेव की आराधना के लिए सर्वोपरि माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, सावन के प्रत्येक सोमवार को सच्चे मन से शिव-पार्वती की पूजा करने से भक्तों के जीवन के सभी कष्ट दूर होते हैं और मनचाही मनोकामनाएं पूरी होती हैं। वर्तमान समय में कई युवाओं के विवाह में बार-बार अड़चने आती हैं या लाख कोशिशों के बाद भी मनचाहा रिश्ता तय नहीं हो पाता है। ऐसे जातकों के लिए सावन का महीना और इसके सोमवार बेहद चमत्कारिक साबित हो सकते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, यदि सावन के चारों सोमवार को विधि-विधान से हल्दी की गांठों से जुड़ा यह विशेष उपाय कर लिया जाए, तो कुंडली के विवाह संबंधी तमाम दोष समाप्त हो जाते हैं।

विवाह बाधा दूर करने में क्यों खास है हल्दी की गांठ का उपाय

सनातन परंपरा में हल्दी को अत्यंत पवित्र, मांगलिक कार्यों और विवाह का मुख्य प्रतीक माना गया है। ज्योतिष में हल्दी का संबंध बृहस्पति (गुरु) ग्रह से जोड़ा जाता है, जो कि विवाह और वैवाहिक सुख के कारक ग्रह हैं। जब किसी जातक की कुंडली में गुरु कमजोर होता है या विवाह के योग में देरी होती है, तो हल्दी से जुड़े उपाय चमत्कारी परिणाम देते हैं। सावन के सोमवार के दिन जब हल्दी की गांठों को श्रीफल यानी नारियल और पीले पुष्प के साथ भगवान शिव को अर्पित किया जाता है, तो महादेव और माता पार्वती की संयुक्त कृपा से शीघ्र विवाह के मार्ग प्रशस्त होने की मान्यता है। इस उपाय को खुद जातक या माता-पिता अपने संतान के नाम और गोत्र का स्मरण करके भी कर सकते हैं।

उपाय के लिए आवश्यक सामग्री और जरूरी तैयारी

यह उपाय बेहद सरल है और इसके लिए बहुत अधिक तामझाम की आवश्यकता नहीं होती है। पूजा की थाली में एक साबुत श्रीफल (नारियल), पांच अखंडित (साबुत) हल्दी की गांठें, एक ताजा पीला पुष्प और दक्षिणा के रूप में कुछ रुपए रख लें। पीले रंग का फूल कुंडली में बृहस्पति ग्रह की स्थिति को मजबूत करने का कार्य करता है। उपाय करने वाले दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूरे दिन मन में सात्विकता बनाए रखें और देवाधिदेव महादेव के पंचाक्षर मंत्र 'ॐ नमः शिवाय' का मानसिक जाप करते रहें।

सावन के सोमवार पर ऐसे करें हल्दी की गांठों का यह अचूक उपाय

सावन के किसी भी सोमवार को सुबह स्नान के बाद सबसे पहले अपने घर के पूजा घर में शुद्ध देसी घी का दीपक प्रज्वलित करें। इसके बाद सर्वप्रथम प्रथम पूज्य भगवान गणेश, अपनी कुलदेवी और अपने पितरों का स्मरण करें। अब अपने दोनों हाथों में श्रीफल, पांचों हल्दी की गांठें और पीला फूल लें। भगवान शिव का ध्यान करते हुए अपने या अपने पुत्र-पुत्री के विवाह में आ रही रुकावटों को दूर करने और मनपसंद जीवनसाथी मिलने की प्रार्थना करें। इसके बाद इन सभी सामग्रियों को घर के मंदिर में ही भगवान शिव के समक्ष श्रद्धापूर्वक रख दें। शाम के समय दोबारा स्नान या हाथ-पैर स्वच्छ करके इन सभी सामग्रियों और दक्षिणा को लेकर अपने नजदीकी शिव मंदिर जाएं और शिवलिंग पर अर्पित कर दें।

क्या है इस उपाय के पीछे का धार्मिक और ज्योतिषीय लाभ

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रीफल को कल्पतरु का स्वरूप माना गया है, जो आसपास की नकारात्मक ऊर्जा को सोखकर सकारात्मकता फैलाता है और मनोकामनाएं पूर्ण करता है। हल्दी की गांठें मांगलिक कार्यों को गति देती हैं और पीला पुष्प गुरु ग्रह को शांत व बलवान बनाता है। जैसे-जैसे कुंडली में गुरु ग्रह की स्थिति मजबूत होती है, वैसे-वैसे विवाह तय होने के प्रबल योग बनने लगते हैं। यदि पूरी निष्ठा, नियम और विश्वास के साथ सावन के चारों सोमवार यह उपाय किया जाए, तो शादी की राह में आ रही हर बड़ी से बड़ी बाधा शीघ्र ही दूर हो सकती है।

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