ड्रैगन की नई चाल: भारत के चिकन नेक को घेरने की साजिश, बांग्लादेश को दिए राफेल से टक्कर लेने वाले J-10CE फाइटर जेट्स

सीमाओं पर लगातार तनाव बढ़ाने वाला चीन अब भारत के रणनीतिक रूप से बेहद संवेदनशील क्षेत्र 'चिकन नेक' यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर के पास अपनी चालें चलने लगा है। ड्रैगन ने पड़ोसी देश बांग्लादेश को अपने आधुनिक और खतरनाक J-10CE फाइटर जेट्स देने का बड़ा लालच दिया है। खास बात यह है कि ये वही चीनी जेट्स हैं जिन्हें लेकर यह दावा किया जाता है कि वे भारत के पास मौजूद राफेल विमानों को भी कड़ी टक्कर दे सकते हैं। चीन की इस हरकत से भारतीय रक्षा क्षेत्र में हलचल तेज हो गई है और सामरिक विशेषज्ञों ने इस पर पैनी नजर रखनी शुरू कर दी है।
क्या है चीन की 'चिकन नेक' को घेरने की खतरनाक रणनीति?
पश्चिम बंगाल में मौजूद सिलीगुड़ी कॉरिडोर या 'चिकन नेक' भारत का वह भूभाग है जो पूर्वोत्तर के सात राज्यों को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ता है। भू-राजनीतिक रूप से यह भारत का सबसे संवेदनशील रक्षा गलियारा माना जाता है। चीन लंबे समय से इस क्षेत्र के आसपास अपनी पकड़ मजबूत करने की फिराक में रहता है। बांग्लादेश को J-10CE फाइटर जेट्स देने का यह प्रस्ताव सीधे तौर पर भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ी रणनीतिक घेराबंदी माना जा रहा है, जिससे भारत की सुरक्षा एजेंसियों की चिंताएं बढ़ना लाजिमी है।
भारतीय वायुसेना के राफेल के सामने कितने ताकतवर हैं J-10CE जेट्स?
चीन द्वारा बांग्लादेश को ऑफर किए जा रहे J-10CE एक 4.5 जनरेशन के मल्टी-रोल फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, जिन्हें पाकिस्तान की वायुसेना पहले से ही इस्तेमाल कर रही है। चीन और उसके समर्थक इन विमानों को आधुनिक रडार और मिसाइल क्षमताओं से लैस बताते हैं। हालांकि, भारतीय वायुसेना के पास मौजूद राफेल फाइटर जेट्स तकनीक, मारक क्षमता और युद्ध कौशल के मामले में इनसे कहीं ज्यादा आगे और भरोसेमंद हैं। इसके बावजूद, भारत के पड़ोसी मुल्क में इन लड़ाकू विमानों की मौजूदगी से क्षेत्रीय संतुलन पर असर पड़ सकता है, जिसका जवाब देने के लिए भारतीय सेना पूरी तरह सतर्क है।