5 अगस्त को आफत बनकर बरसेगा मॉनसून! बिहार-यूपी से लेकर हिमाचल-उत्तराखंड तक 25 राज्यों में तूफानी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली/लखनऊ/पटना: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के बहुसंख्यक हिस्सों में 5 अगस्त को मूसलाधार और तूफानी बारिश का एक बड़ा अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने मजबूत मानसूनी तंत्र और चक्रवाती परिसंचरण के कारण मानसूनी द्रोणी उत्तर की ओर खिसक गई है। इसके प्रभाव से देश के 25 से अधिक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मध्यम से अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताई गई है। विशेष रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में मौसम विभाग ने 'ऑरेंज अलर्ट' जारी करते हुए आम जनता और स्थानीय प्रशासन को जलभराव, नदियों के उफान और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी है।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार, मानसूनी हवाओं की बढ़ी हुई गति और मैदानी इलाकों में कम दबाव का क्षेत्र बनने से अगले 48 से 72 घंटों के दौरान उत्तरी और पूर्वी भारत के कई इलाकों में मौसम में भारी बदलाव देखा जाएगा। इस दौरान हवा की गति 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और आकाशीय बिजली चमकने के साथ तेज बौछारें पड़ने का अनुमान है।
उत्तर प्रदेश के 37 जिलों में तूफानी बारिश का ऑरेंज और येलो अलर्ट
उत्तर प्रदेश में 5 अगस्त को मानसून पूरी तरह से अपने शबाब पर रहेगा। मौसम विभाग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 37 से अधिक जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। राजधानी लखनऊ, कानपुर नगर, कानपुर देहात, वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज, जौनपुर, गाजीपुर, और बुंदेलखंड के कई हिस्सों में मुसलाधार बारिश की आशंका है। पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में गरज-चमक के साथ-साथ आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम भी काफी अधिक बना हुआ है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, मुरादाबाद और बिजनौर में भी तेज मानसूनी बारिश दर्ज की जा सकती है। आईएमडी का कहना है कि लगातार बारिश के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट आ सकती है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन निचले इलाकों में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले सकती है।
बिहार के सभी 38 जिलों में मानसून सक्रिय: 8 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी
बिहार में भी मानसूनी गतिविधियों ने पूरी तरह से जोर पकड़ लिया है। 5 अगस्त को राज्य के सभी जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ मेघगर्जन और वज्रपात का अलर्ट जारी किया गया है। विशेष रूप से किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, गया, आरा, मोतिहारी और गोपालगंज जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते येलो और ऑरेंज अलर्ट लागू किया गया है। राजधानी पटना में भी पूरे दिन बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखने का निर्देश दिया है। कोसी, गंडक, बागमती और कमला बलान जैसी नदियों के जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही बारिश से तटीय इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय लोगों को वज्रपात के समय पक्के मकानों में शरण लेने और खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी गई है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और फ्लैश फ्लड का खतरा
उत्तर भारत के पहाड़ी राज्यों- हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में 5 अगस्त का दिन मौसम के लिहाज से काफी संवेदनशील रहने वाला है। हिमाचल प्रदेश के शिमला, कुल्लू, मंडी और कांगड़ा जिलों में अत्यधिक भारी बारिश के चलते भूस्खलन (Landslides) और बादल फटने जैसी घटनाओं की आशंका जताई गई है। स्थानीय प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को पहाड़ी रास्तों पर गैर-जरूरी यात्राएं न करने तथा नदियों, नालों व झरनों के पास न जाने की चेतावनी जारी की है।
उत्तराखंड के चारधाम यात्रा मार्गों पर भी मौसम का प्रभाव देखने को मिल सकता है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री मार्ग पर कई स्थानों पर मलबा आने से यातायात बाधित होने की संभावना को देखते हुए एसडीआरएफ (SDRF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
पूर्वोत्तर भारत और पश्चिम बंगाल-सिक्किम में आफत की बारिश
आईएमडी के विशेष पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वोत्तर भारत के असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 5 अगस्त को बारिश का सबसे खतरनाक दौर देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन गई है।
इसके अलावा उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कई स्थानों पर भारी से अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। बारिश के कारण दृश्यता कम होने, राजमार्गों पर भूस्खलन होने और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने की संभावना को देखते हुए क्षेत्रीय अलर्ट जारी कर दिए गए हैं।
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा का मौसम हाल
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और इससे सटे नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद में 5 अगस्त को हल्की से मध्यम स्तर की बारिश का अनुमान है। हालांकि दिल्ली-एनसीआर के लिए कोई रेड या ऑरेंज अलर्ट नहीं है, लेकिन तेज हवाओं और बूंदाबांदी से मौसम सुहावना बना रहेगा। तापमान में कमी आने से उमस से राहत मिलेगी। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में भी मानसूनी बारिश की छिटपुट गतिविधियां जारी रहेंगी, जिससे धान की फसल को लाभ मिलने की उम्मीद है।
IMD और प्रशासन द्वारा नागरिकों व किसानों के लिए एडवाइजरी
मौसम विभाग ने तूफानी बारिश और वज्रपात के खतरे को देखते हुए देश के प्रभावित इलाकों के नागरिकों के लिए सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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यातायात और जलभराव: शहर के निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे कम दृश्यता और फिसलन वाली सड़कों को ध्यान में रखते हुए धीमी गति से गाड़ी चलाएं।
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बिजली व वज्रपात सुरक्षा: आंधी-तूफान के समय पुराने जर्जर ढांचों, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें और सुरक्षित स्थान पर रहें।
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किसान भाइयों के लिए सलाह: कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को सलाह दी है कि वे खड़ी फसलों जैसे धान, मक्का, गन्ना और सब्जियों के खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था बनाए रखें। भारी बारिश की संभावना के दौरान फसलों में कीटनाशकों या उर्वरकों का छिड़काव बिल्कुल न करें।
मौसम विभाग का कहना है कि यह मानसूनी स्पेल अगले कुछ दिनों तक देश के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में बना रहेगा, जिसके बाद मानसूनी ट्रफ की स्थिति में धीरे-धीरे बदलाव आने की उम्मीद है।