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Vehicle Insurance Rule At Petrol Pump: अब पेट्रोल पंप पर तेल भरवाते ही चेक होगा आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस! बिना बीमा के पकड़ाए तो सीधे घर पहुंचेगा भारी-भरकम चालान, जानें क्या है नया ई-डिटेक्शन सिस्टम

नई दिल्ली: देश भर की सड़कों पर बिना वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस (Valid Third-Party Insurance) के दौड़ रहे लाखों वाहनों पर लगाम कसने के लिए सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) एक नई और बेहद सख्त प्रणाली लागू करने जा रहा है। अब यदि आप अपनी कार, बाइक या किसी भी वाहन में ईंधन भरवाने के लिए किसी भी पेट्रोल पंप पर पहुंचेंगे, तो पेट्रोल भरवाने की प्रक्रिया के साथ ही आपकी गाड़ी के इंश्योरेंस का डिजिटल वेरिफिकेशन भी हो जाएगा। यदि आपके वाहन का मोटर इंश्योरेंस एक्सपायर हो चुका है या वैध नहीं है, तो आपको ट्रैफिक पुलिस या आरटीओ अधिकारियों द्वारा रोके जाने की आवश्यकता नहीं होगी; बल्कि ई-डिटेक्शन सिस्टम (E-Detection System) के तहत सीधे आपके पंजीकृत पते या मोबाइल पर भारी-भरकम ई-चालान (E-Challan) भेज दिया जाएगा।

डिजिटल इंडिया और इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के तहत तैयार की गई इस नई व्यवस्था से सड़क हादसों के वक्त मिलने वाले बीमा क्लेम की प्रक्रिया को सुगम बनाने और बिना कागजात के वाहन चलाने वालों पर नकेल कसने की तैयारी की गई है।

पेट्रोल पंप पर कैसे काम करेगा यह ऑटोमैटिक ई-डिटेक्शन सिस्टम?

पेट्रोल पंपों को इस नई जांच व्यवस्था से जोड़ने के लिए अत्याधुनिक तकनीकों और केंद्रीय डेटाबेस का इस्तेमाल किया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया स्वचालित (Automatic) होगी, जिससे पेट्रोल पंप कर्मियों या वाहन चालकों का समय बर्बाद नहीं होगा:

  • ANPR कैमरों की तैनाती: पेट्रोल पंपों के इनलेट (प्रवेश द्वार) और फ्यूल डिस्पेंसिंग यूनिट्स के पास हाई-रिज़ॉल्यूशन वाले 'ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन' (ANPR) कैमरे लगाए जा रहे हैं।

  • 'वाहन' (VAHAN) और 'इरडाई' (IRDAI) पोर्टल से रियल-टाइम लिंक: जैसे ही कोई वाहन ईंधन भरवाने के लिए रुकेगा, ANPR कैमरा उसकी नंबर प्लेट को स्कैन करके वाहन का नंबर सड़क परिवहन मंत्रालय के केंद्रीय 'वाहन डेटाबेस' और बीमा नियामक 'इरडाई' के 'इन्फॉर्मेशन कंसोर्टियम' (IIB) पोर्टल पर भेजेगा।

  • त्वरित मिलान और अलर्ट: मात्र 2 से 3 सेकंड के भीतर सिस्टम यह चेक कर लेगा कि उस गाड़ी का थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस और पीयूसी (PUC – Pollution Under Control Certificate) वैध है या नहीं।

  • स्वचालित चालान जनरेशन: यदि डेटाबेस में वाहन का इंश्योरेंस एक्सपायर पाया जाता है, तो सर्वर तुरंत ई-चालान जनरेट कर देगा, जिसका मैसेज वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर चला जाएगा।

बिना इंश्योरेंस पकड़े जाने पर कितना लगेगा जुर्माना?

मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के तहत भारत की सड़कों पर बिना वैध इंश्योरेंस के वाहन चलाना एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इस नए सिस्टम के तहत पकड़े जाने पर चालकों पर निम्नलिखित कानूनी पेनल्टी लगाई जाएगी:

  • पहली बार नियम तोड़ने पर: 2,000 रुपये का भारी-भरकम ई-चालान या 3 महीने तक की जेल (या दोनों)।

  • दोबारा या बार-बार नियम तोड़ने पर: 4,000 रुपये का ई-चालान।

  • पीयूसी (PUC) न होने पर: प्रदूषण प्रमाणपत्र न होने की स्थिति में 10,000 रुपये तक के चालान का प्रावधान है।

क्यों पड़ी इस नए कड़े नियम की जरूरत?

बीमा नियामक इरडाई (IRDAI) और सड़क परिवहन मंत्रालय की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में वर्तमान में चलने वाले कुल वाहनों में से लगभग 50 प्रतिशत से अधिक वाहन (विशेषकर दोपहिया वाहन) बिना किसी वैध थर्ड-पार्टी इंश्योरेंस के सड़कों पर दौड़ रहे हैं।

दुर्घटना होने की स्थिति में, बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों के कारण पीड़ित व्यक्तियों या उनके परिवारों को कोई वित्तीय मुआवजा (Insurance Claim) नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें भारी मानसिक और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए पेट्रोल पंपों को डिजिटल ट्रैकिंग हब के रूप में इस्तेमाल करने का फैसला किया गया है, क्योंकि ईंधन भरवाने के लिए हर छोटे-बड़े वाहन को पेट्रोल पंप जाना ही पड़ता है।

चालान से बचने के लिए वाहन मालिक तुरंत करें ये काम

इस नई व्यवस्था के पूरी तरह से लागू होने से पहले वाहन चालकों और मालिकों को तुरंत अपने दस्तावेजों को अपडेट कर लेना चाहिए:

  • इंश्योरेंस स्टेटस चेक करें: तुरंत एम-परिवहन (mParivahan) ऐप या वाहन पोर्टल पर जाकर अपने वाहन के इंश्योरेंस की अंतिम तिथि (Expiry Date) चेक करें।

  • समय पर रिन्यू कराएं: यदि इंश्योरेंस खत्म हो गया है, तो तुरंत ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से थर्ड-पार्टी या कंप्रीहेंसिव इंश्योरेंस रिन्यू करवा लें।

  • डिजिटल एंट्री सुनिश्चित करें: इंश्योरेंस रिन्यू कराते समय यह सुनिश्चित करें कि आपकी बीमा कंपनी ने उसकी जानकारी केंद्रीय VAHAN डेटाबेस पर अपडेट कर दी है।

पेट्रोल पंपों पर इस स्वचालित चेकिंग सिस्टम के शुरू होने से न केवल फर्जीवाड़े पर रोक लगेगी, बल्कि सड़कों पर चलने वाले हर नागरिक के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित और बीमा-सुरक्षित हो सकेगी।

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