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होर्मुज संकट खत्म: भारत के लिए बड़ी खुशखबरी, ओमान बना संकटमोचक; धकाधक गुजरेंगे तेल और LPG के जहाज

पूरी दुनिया के लिए ऊर्जा सुरक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माने जाने वाले 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) को लेकर एक बेहद राहत भरी खबर सामने आ रही है। पश्चिम एशिया के इस सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग पर पिछले कुछ समय से मंडरा रहा तनाव अब कम होता नजर आ रहा है। भारत के सबसे भरोसेमंद कूटनीतिक साझेदार ओमान की मध्यस्थता और ईरान के साथ हुई अहम बातचीत के बाद इस मार्ग को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारू रूप से खोलने का रास्ता लगभग साफ हो गया है। इस बड़ी कूटनीतिक सफलता से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा संकट टलता दिख रहा है और अगले 48 घंटों के भीतर कच्चे तेल तथा एलपीजी (LPG) के जहाजों के धकाधक गुजरने की उम्मीद है।

भारत अपनी कुल एलपीजी और ऊर्जा जरूरतों का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात करता है। पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव और सुरक्षा चिंताओं के कारण पिछले कुछ दिनों से इस रूट पर जहाजों की आवाजाही लगभग प्रभावित हो गई थी, जिससे भारतीय रिफाइनरियों और नीति निर्माताओं की चिंताएं काफी बढ़ गई थीं। ऐसे में भारत के सदाबहार मित्र ओमान ने आगे आकर मध्यस्थता की और पश्चिम एशिया के इस अहम चोकपॉइंट पर कमर्शियल शिपिंग को सुरक्षित रखने के लिए एक मजबूत कूटनीतिक फ्रेमवर्क तैयार किया, जिसका सीधा फायदा भारत को मिलने जा रहा है।

ईरान और ओमान के बीच बनी इस नई व्यवस्था के तहत समुद्री जहाजों के आवागमन को अत्यधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। इसके अंतर्गत जहाजों के लिए अलग सेफ कॉरिडोर और मॉनिटरिंग सिस्टम तैयार किए जा रहे हैं ताकि किसी भी प्रकार के भू-राजनीतिक जोखिम से बचा जा सके। भारत और ओमान के बीच द्विपक्षीय संबंध हमेशा से बेहद मजबूत रहे हैं और समय-समय पर ओमान ने रणनीतिक रूप से भारत के ऊर्जा हितों की रक्षा में अहम भूमिका निभाई है। इस बार भी ओमान के इन प्रयासों ने भारत के लिए तेल और गैस आपूर्ति की अनिश्चितता को पूरी तरह खत्म कर दिया है।

होर्मुज रूट के दोबारा पूरी तरह खुलने और जहाजों के अबाध रूप से गुजरने से भारतीय अर्थव्यवस्था और आम उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी। समय पर क्रूड ऑयल और एलपीजी की खेप मिलने से घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी और सप्लाई चेन में किसी भी प्रकार की रुकावट नहीं आएगी। जानकारों का मानना है कि अगले कुछ घंटों में इस मार्ग से जुड़ा फाइनल अपडेट सामने आते ही शिपिंग, लॉजिस्टिक्स और एनर्जी सेक्टर से जुड़े निवेशकों को भी बड़ा सुकून मिलेगा।

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