Border-Gavaskar Trophy: भारत दौरे से पहले ऑस्ट्रेलिया का बड़ा फैसला, प्रैक्टिस मैच से किया तौबा; कंगारुओं का नया मास्टरप्लान आया सामने

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली आगामी बहुप्रतीक्षित बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (Border-Gavaskar Trophy) को लेकर क्रिकेट जगत में अभी से सुगबुगाहट तेज हो गई है। आगामी जनवरी-फरवरी 2027 में भारत की सरजमीं पर होने वाली पांच मैचों की इस ऐतिहासिक और रोमांचक टेस्ट सीरीज को लेकर कंगारू टीम ने अपनी रणनीति का खुलासा कर दिया है। आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC 2025-27) के तहत खेली जाने वाली इस महत्वपूर्ण सीरीज से पहले ऑस्ट्रेलिया की टीम ने एक चौंकाने वाला फैसला लेते हुए भारत में किसी भी आधिकारिक प्रैक्टिस मैच या टूर गेम न खेलने का ऐलान किया है। भारतीय पिचों पर हमेशा संघर्ष करने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम ने इस बार सीरीज जीतने के लिए एक बिल्कुल अलग और अनोखा प्लान तैयार किया है।
प्रैक्टिस मैच छोड़ने की क्या है बड़ी वजह? कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने किया खुलासा
आमतौर पर देखा जाता है कि विदेशी दौरे पर जाने वाली टीमें वहां की स्थानीय परिस्थितियों और पिचों के मिजाज से खुद को ढालने के लिए अभ्यास मैच जरूर खेलती हैं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड की योजना इस बार बिल्कुल अलग है। बांग्लादेश के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले बयान देते हुए कोच मैकडोनाल्ड ने स्पष्ट किया कि भारत दौरे से पहले उनकी टीम कोई भी प्रैक्टिस मैच नहीं खेलेगी। इसके पीछे मुख्य कारण यह है कि ऑस्ट्रेलिया अपने कुछ प्रमुख और अनुभवी खिलाड़ियों को घरेलू टेस्ट सीजन के तुरंत बाद मिलने वाले कम समय के बीच सीधे भारत की परिस्थितियों के अनुकूल ढालना चाहता है। हालांकि, टीम साउथ अफ्रीका और इंग्लैंड के दौरों के लिए स्थानीय टीमों के खिलाफ टूर गेम खेलेगी, लेकिन भारत के मामले में उन्होंने पारंपरिक अभ्यास मैचों से किनारा कर लिया है।
बेंगलुरु के अलूर जैसा कैंप और दुबई का फॉर्मूला अपनाने की तैयारी
भारत में लगभग 50 साल के अपने सबसे लंबे दौरों में से एक इस पांच मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए कंगारू टीम भारत के अंदर ही किसी चुनिंदा जगह पर एक विशेष प्री-सीरीज कैंप आयोजित करने की योजना बना रही है। कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड पहले भी इस रणनीति का सफल इस्तेमाल कर चुके हैं। श्रीलंका दौरे से ठीक पहले उन्होंने दुबई में एक विशेष कैंप लगाया था, और साल 2023 में भी भारत दौरे से पहले बेंगलुरु के पास अलूर में ऐसा ही अभ्यास शिविर आयोजित किया गया था। इस बार भी कोच का प्रयास है कि भारतीय टर्निंग पिचों और स्पिन गेंदबाजी से निपटने के लिए खिलाड़ियों को देश के भीतर ही कृत्रिम रूप से वैसी ही चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां उपलब्ध कराई जाएं, जिससे मैच के दौरान कोई परेशानी न हो।
कम तैयारी के समय से पार पाने के लिए न्यू ईयर टेस्ट से बाहर हो सकते हैं सीनियर खिलाड़ी
ऑस्ट्रेलियाई टीम के लिए हालांकि एक बड़ी चुनौती यह भी है कि उनका न्यू इसी साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाला घरेलू टेस्ट मैच 21 जनवरी से भारत में शुरू होने वाली बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के ठीक नजदीक समाप्त होगा। नए साल का टेस्ट खत्म होने और नागपुर में पहला टेस्ट शुरू होने के बीच दो सप्ताह से भी कम समय का फासला होगा। इस समय के संकट से निपटने के लिए कोच मैकडोनाल्ड एक बड़ी तरकीब पर विचार कर रहे हैं, जिसके तहत कुछ प्रमुख और सीनियर खिलाड़ियों को न्यू ईयर टेस्ट से आराम दिया जा सकता है ताकि वे समय से पहले भारत पहुंचकर भारतीय पिचों की चुनौती के लिए पूरी तरह तरोताजा और तैयार हो सकें।