ईरान-ओमान की मध्यस्थता से पश्चिम एशिया में शांति की जगी उम्मीद, अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में पिछले कई महीनों से जारी अनिश्चितता और तनाव के बीच आज एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। पश्चिम एशिया में जारी कूटनीतिक हलचलों और विशेष रूप से ईरान व ओमान के बीच हुई उच्चस्तरीय बातचीत के सकारात्मक संकेतों से विश्व स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में गिरावट का रुख देखने को मिल रहा है। ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज (Strait of Hormuz) के रास्ते जहाजों की आवाजाही को लेकर एक सहमति बनते दिख रही है, जिससे अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे गतिरोध के समाप्त होने और शांति समझौते के आसार बढ़ गए हैं। वैश्विक कमोडिटी बाजारों में इस खबर का सीधा असर देखा गया, जहां ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) दोनों के दामों में उल्लेखनीय नरमी आई है।
ईरान-ओमान बातचीत और हॉरमुज जलडमरूमध्य: क्रूड ऑयल में नरमी की असली वजह
वैश्विक तेल आपूर्ति के दृष्टिकोण से स्ट्रेट ऑफ हॉरमुज दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग माना जाता है, जहां से दुनिया के कुल कच्चे तेल के परिवहन का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा गुजरता है। हालिया वैश्विक तनाव के कारण इस क्षेत्र से गुजरने वाले टैंकरों पर सुरक्षा जोखिम बढ़ गया था, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका में कच्चे तेल के दाम अचानक आसमान छूने लगे थे। हालांकि, ईरान और ओमान के बीच शुरू हुए ताजा शांति प्रस्तावों के तहत हॉरमुज से जहाजों के सुरक्षित गुजरने का खाका तैयार किया जा रहा है। अमेरिकी प्रशासन की ओर से भी शांति वार्ता पर आ रहे बयानों ने निवेशकों और तेल व्यापारियों को राहत दी है।
ताजा अंतरराष्ट्रीय बाजार के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स (Brent Crude) लगभग 0.5% की गिरावट के साथ $79.08 प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स भी गिरकर $74.69 प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यदि ओमान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर करने में सफल रहते हैं, तो कच्चे तेल में भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम (Geopolitical Risk Premium) और कम हो जाएगा, जिससे आने वाले दिनों में तेल की कीमतें और नीचे आ सकती हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल का रुख: क्यों घटा 'जियोपॉलिटिकल रिस्क प्रीमियम'?
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजारों में कीमतों का निर्धारण केवल मांग और आपूर्ति (Supply and Demand) पर निर्भर नहीं करता, बल्कि भौगोलिक और राजनीतिक सुरक्षा जोखिमों की बड़ी भूमिका होती है। जब भी मध्य पूर्व या फारस की खाड़ी में युद्ध या आपूर्ति में रुकावट की संभावना बनती है, तो तेल व्यापारी पहले से ही उच्च कीमतों को 'प्राइस इन' (Price-in) कर लेते हैं।
ईरान और ओमान के बीच हुई बातचीत में जहाजों की सुरक्षा, निगरानी और आवाजाही के लिए साझा दिशानिर्देश बनाने पर सहमति बनने की खबरों ने व्यापारियों के मन से आपूर्ति ठप होने का डर काफी हद तक दूर कर दिया है। इसी के चलते कुछ दिन पहले $84 प्रति बैरल के पार पहुंचे ब्रेंट क्रूड में अब तक 5% से अधिक का बड़ा करेक्शन आ चुका है। इसके अलावा, वैश्विक मांग में सुस्ती और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं द्वारा उच्च ब्याज दरों के कारण कच्चे तेल की वैश्विक खपत पर पड़े दबाव ने भी कीमतों में गिरावट को सहारा दिया है।
भारत की अर्थव्यवस्था और ईंधन बाजार पर क्रूड की गिरावट का असर
भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरतों का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए किसी बड़े वरदान से कम नहीं है। जब क्रूड ऑयल के दाम घटते हैं, तो भारत के चालू खाता घाटे (Current Account Deficit) और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम होता है। इसके साथ ही, देश में परिवहन लागत घटने से महंगाई (Inflation) को नियंत्रित करने में सरकार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को मदद मिलती है।
भारतीय तेल विपणन कंपनियां जैसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क दरों और डॉलर-रुपये के विनिमय दर के आधार पर प्रतिदिन सुबह 6 बजे देश भर में पेट्रोल और डीजल के दामों की समीक्षा करती हैं। क्रूड ऑयल में इस नरमी से तेल कंपनियों के रिफाइनिंग मार्जिन में सुधार होता है, जिससे खुदरा कीमतों में स्थिरता बनी रहती है और भविष्य में आम जनता के लिए ईंधन सस्ता होने की राह आसान होती है।
भारत के प्रमुख शहरों में आज के पेट्रोल-डीजल के ताजा भाव (Fuel Rates Today)
देश की प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों द्वारा आज सुबह जारी की गई दरों के अनुसार, भारत के बड़े महानगरों और प्रमुख शहरों में ईंधन के रेट स्थिर बने हुए हैं। विभिन्न राज्यों में लगाए जाने वाले मूल्य संवर्धित कर (VAT) और स्थानीय मालभाड़े के अंतर के कारण हर शहर में पेट्रोल और डीजल के दाम थोड़े अलग-अलग होते हैं।
देश के प्रमुख शहरों में आज का पेट्रोल और डीजल का भाव इस प्रकार है:
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लखनऊ (उत्तर प्रदेश): पेट्रोल ₹101.86 प्रति लीटर और डीजल ₹95.36 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
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नई दिल्ली: देश की राजधानी में आज 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹102.12 और डीजल ₹95.20 प्रति लीटर है।
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मुंबई (महाराष्ट्र): आर्थिक राजधानी मुंबई में वैट दरों के कारण ईंधन अधिक महंगा है, जहाँ 1 लीटर पेट्रोल ₹111.21 और डीजल ₹97.83 प्रति लीटर पर उपलब्ध है।
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कोलकाता (पश्चिम बंगाल): कोलकाता में आज 1 लीटर पेट्रोल की दर ₹113.51 और डीजल की दर ₹99.82 प्रति लीटर दर्ज की गई है।
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चेन्नई (तमिलनाडु): चेन्नई में आज पेट्रोल ₹107.87 प्रति लीटर और डीजल ₹99.65 प्रति लीटर पर स्थिर है।
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नोएडा / ग्रेटर नोएडा: दिल्ली से सटे नोएडा में पेट्रोल ₹102.26 प्रति लीटर और डीजल ₹95.71 प्रति लीटर पर बिक रहा है।
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बेंगलुरु (कर्नाटक): आईटी हब बेंगलुरु में आज 1 लीटर पेट्रोल ₹111.68 और डीजल ₹99.56 प्रति लीटर की दर से मिल रहा है।
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अहमदाबाद (गुजरात): गुजरात के अहमदाबाद में पेट्रोल की कीमत ₹102.15 प्रति लीटर और डीजल ₹98.27 प्रति लीटर दर्ज की गई है।
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पटना (बिहार): बिहार की राजधानी में पेट्रोल का भाव ₹114.67 प्रति लीटर और डीजल ₹100.61 प्रति लीटर है।
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जयपुर (राजस्थान): जयपुर में पेट्रोल की कीमत ₹113.97 प्रति लीटर और डीजल ₹98.96 प्रति लीटर पर बनी हुई है।
कैसे तय होते हैं भारत में पेट्रोल और डीजल के दैनिक दाम?
भारत में जून 2017 से dynamic fuel pricing मॉडल लागू है, जिसके तहत प्रतिदिन सुबह 6:00 बजे तेल कंपनियों द्वारा नए दामों की घोषणा की जाती है। आम उपभोक्ता जिस कीमत पर पेट्रोल पंप से ईंधन खरीदता है, उसकी अंतिम दर कई घटकों से मिलकर बनती है।
सबसे पहले रिफाइनरी से निकलने वाला बेस प्राइस (Base Price) होता है। इसके बाद केंद्र सरकार द्वारा लगाया जाने वाला केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Central Excise Duty) जोड़ा जाता है। इसके ऊपर संबंधित राज्य सरकार अपना स्टेट वैट (VAT) या सेल्स टैक्स लगाती है। अंत में पेट्रोल पंप डीलरों का कमीशन और मालभाड़ा (Freight Charges) मिलाकर वह कुल कीमत तय होती है जो उपभोक्ता से ली जाती है। उदाहरण के लिए, लखनऊ में यदि 1 लीटर पेट्रोल की कीमत ₹101.86 है, तो इसमें केंद्र का एक्साइज ड्यूटी और राज्य का वैट मिलाकर कुल लागत का लगभग 40 से 45 प्रतिशत हिस्सा टैक्स के रूप में होता है।
घर बैठे अपने शहर का पेट्रोल-डीजल रेट कैसे चेक करें?
यदि आप अपने शहर में प्रतिदिन पेट्रोल और डीजल के ताजा दाम जानना चाहते हैं, तो इसके लिए तेल कंपनियों द्वारा आसान एसएमएस (SMS) और मोबाइल ऐप की सुविधा दी गई है:
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इंडियन ऑयल (IOCL): अपने मोबाइल के मैसेज बॉक्स में जाकर RSP <डीलर कोड> टाइप करें और इसे 9224992249 पर भेज दें।
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भारत पेट्रोलियम (BPCL): अपने फोन से RSP <डीलर कोड> लिखकर 9223112222 पर एसएमएस भेजें।
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हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL): HPPRICE <डीलर कोड> टाइप करके 9222201122 पर भेजकर तुरंत अपने शहर का रेट जान सकते हैं।
वैश्विक बाजार में ईरान-ओमान वार्ता के सकारात्मक नतीजे आने वाले दिनों में भारतीय उपभोक्ताओं के लिए भी राहत के रास्ते खोल सकते हैं। यदि कच्चे तेल का भाव $75 प्रति बैरल से नीचे बना रहता है, तो देश की तेल कंपनियां पेट्रोल-डीजल की खुदरा कीमतों में कटौती पर विचार कर सकती हैं।