समंदर की गहराइयों में दफन था ड्रैगन का सबसे बड़ा सच: चीन ने अपने दो जवानों की मौत को एक साल तक दुनिया से क्यों छिपाया

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अपनी हरकतों के लिए हमेशा चर्चा में रहने वाले चीन (ड्रैगन) से जुड़ा एक ऐसा सनसनीखेज सच सामने आया है, जिसने उसकी कम्युनिस्ट सरकार की कलई खोलकर रख दी है। समंदर में हुई अपने दो जवानों की रहस्यमयी मौत के इस खौफनाक सच को ड्रैगन ने पूरी दुनिया और अपने ही देश के नागरिकों से पूरे एक साल तक छिपाकर रखा था। लेकिन अब तमाम अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स और अंदरूनी खुलासों के बाद इस बात का पर्दाफाश हो गया है कि कैसे चीन की सेना अपनी विफलताओं और अंदरूनी लापरवाहियों को दबाने के लिए हर हद पार कर सकती है।
ड्रैगन की गुप्त चाल: आखिर क्यों एक साल तक दबाए रखा गया मौत का यह राज?
समुद्री अभियानों या सैन्य युद्धाभ्यास के दौरान होने वाले हादसों को छिपाना चीन की पुरानी फितरत रही है, लेकिन इस बार मामला दो जवानों की जान जाने से जुड़ा था। रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना करीब एक साल पहले समुद्र के भीतर किसी गोपनीय मिलिट्री ऑपरेशन या तकनीकी खामी के दौरान घटी थी। अपनी नौसेना की साख को बचाने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फजीहत से बचने के लिए बीजिंग के सैन्य अधिकारियों ने इस खबर पर ऐसा पर्दा डाला कि मारे गए जवानों के परिवारों को भी लंबे समय तक सच्चाई से अंधेरे में रखा गया। जब इस मामले से जुड़े दस्तावेज लीक हुए, तब जाकर दुनिया के सामने ड्रैगन का यह नया और डरावना चेहरा बेनकाब हुआ है।
सामरिक मोर्चे पर चीन की पोल खुली और बढ़ी कम्युनिस्ट सरकार की मुश्किलें
इस खुलासे के बाद से ग्लोबल डिफेंस एक्सपर्ट्स के बीच यह बहस छिड़ गई है कि क्या चीनी सेना के भीतर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। एक तरफ जहां चीन दुनिया के सामने अपनी मिलिट्री ताकत और आधुनिक हथियारों का दम भरता है, वहीं दूसरी तरफ उसके अपने ही सैनिक असुरक्षित और कुप्रबंधन का शिकार हो रहे हैं। इस सच्चाई के सामने आने के बाद ड्रैगन पर अपने सैनिकों के मानवाधिकारों और पारदर्शिता को लेकर चौतरफा दबाव बढ़ गया है, जो आने वाले दिनों में उसकी वैश्विक रणनीतिक प्राथमिकताओं को भारी झटका दे सकता है।