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‘अंधेरे में सिर्फ आवाज सुनी, यकीन नहीं कि वो थे’: ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन के सुप्रीम लीडर से गुप्त मिलन ने बढ़ाई खलबली

ईरान की राजनीति और शीर्ष सत्ता के गलियारों से एक बेहद चौंकाने वाली और रहस्यमयी खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन और देश के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के बीच हुई एक कथित गुप्त मुलाकात ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सनसनी फैला दी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, राष्ट्रपति पेजेशकियन को तेहरान में एक गुप्त स्थान पर ले जाया गया था, जहां उन्हें काले शीशे वाली एक ऐसी अंधेरी कार में बैठाया गया जहां चारों तरफ पूरी तरह काला अंधेरा था। इस गुप्त मिलन के दौरान पेजेशकियन अपने बगल में बैठे व्यक्ति को देख तक नहीं सके और बाद में उन्होंने इस बात पर गंभीर संदेह जताया कि उन्होंने जिस शख्स की आवाज सुनी, वह वाकई ईरान के सुप्रीम लीडर थे भी या नहीं।

इस्तीफे की धमकी के बाद हुई मुलाकात, हाथ तक मिलाने की नहीं थी अनुमति

'ईरान इंटरनेशनल' की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति पेजेशकियन लगातार सुप्रीम लीडर से मिलने का आग्रह कर रहे थे और बात न माने जाने पर उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने तक की धमकी दे डाली थी। बढ़ते राजनीतिक दबाव के बाद मुलाकात की इजाजत तो मिल गई, लेकिन सुरक्षा के बेहद कड़े और अजीबोगरीब प्रोटोकॉल अपनाए गए। परंपराओं के विपरीत राष्ट्रपति को आधिकारिक आवास पर बुलाने के बजाय एक अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जहां उन्हें एक डार्क कार की पिछली सीट पर शिफ्ट किया गया। हैरानी की बात यह है कि सुप्रीम लीडर के सुरक्षाकर्मियों ने दोनों को आपस में हाथ तक नहीं मिलाने दिया और पूरी बातचीत सिर्फ अंधेरे में आवाज के जरिए ही हुई। इस अपमानजनक और अजीब व्यवस्था से राष्ट्रपति पेजेशकियन बेहद आहत महसूस कर रहे हैं।

सार्वजनिक दावों में विरोधाभास और मोजतबा खामेनेई के अस्तित्व पर सवाल

यह पूरी घटना राष्ट्रपति पेजेशकियन के उन सार्वजनिक दावों के बिल्कुल उलट है, जिसमें उन्होंने मई के मध्य में ट्रेड यूनियन प्रतिनिधियों से बात करते हुए कहा था कि उन्होंने नए सुप्रीम लीडर के साथ ढाई घंटे का सौहार्दपूर्ण समय बिताया था। जानकारों का कहना है कि यह गुप्त मुलाकात महज कुछ मिनटों की ही थी। उत्तराधिकारी चुने जाने के पांच महीने बीत जाने के बाद भी मोजतबा खामेनेई का कोई भी ताजा वीडियो या ऑडियो सार्वजनिक न होने से उनके वजूद को लेकर दुनिया भर में अटकलें तेज हो गई हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि मोजतबा की हत्या की 90 प्रतिशत संभावना है, जबकि इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का मानना है कि वे जीवित हैं। बहरहाल, इस ताजा रहस्यमयी घटना ने ईरान की बंद दीवारों के भीतर चल रहे सत्ता संघर्ष को एक बार फिर जगजाहिर कर दिया है।

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