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UPI ट्रांसैक्शन पर चार्ज की अफवाहों पर लगाम! Payments Council of India ने दिया बड़ा बयान

डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करने वाले करोड़ों आम नागरिकों और व्यापारियों के लिए एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और विभिन्न खबरों में यह दावा किया जा रहा था कि सरकार या पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) गूगल पे, फोनपे, पेटीएम जैसे प्लेटफॉर्म से यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) के जरिए होने वाले लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) या अतिरिक्त चार्ज लगाने जा रही है। इन सभी खबरों और अफवाहों पर पूर्ण विराम लगाते हुए उद्योग निकाय पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति पूरी तरह से साफ कर दी है।

ग्राहकों और मर्चेंट्स के लिए UPI पूरी तरह फ्री रहेगा

पेमेंट्स काउंसिल ऑफ इंडिया (PCI) ने स्पष्ट रूप से कहा है कि आम ग्राहकों (P2P – Person to Person) या छोटे दुकानदारों और मर्चेंट्स (P2M – Person to Merchant) के लिए UPI लेन-देन पर कोई भी अतिरिक्त शुल्क या MDR चार्ज लगाने का कोई प्रस्ताव नहीं है और न ही ऐसी कोई योजना बनाई जा रही है। निकाय ने जोर देकर कहा कि देश में डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम को बढ़ावा देने और कैशलेस अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में शून्य-एमडीआर (Zero-MDR) नीति ने बेहद अहम भूमिका निभाई है, और इसमें बदलाव करने का कोई विचार नहीं है।

MDR की अफवाहें कहां से शुरू हुईं?

दरअसल, कुछ फिनटेक कंपनियों और डिजिटल पेमेंट सर्विस प्रोवाइडर्स ने सरकार से मांग की थी कि UPI इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा को मजबूत बनाए रखने के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को दोबारा लागू किया जाए या कंपनियों को सरकारी सब्सिडी का सही समय पर भुगतान हो। इसी मांग को लेकर बाजार में यह गलत संदेश फैल गया कि जल्द ही आम यूजर्स या व्यापारियों से UPI ट्रांसैक्शन पर फीस वसूली जाएगी। हालांकि, वित्त मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) पहले ही कई मौकों पर स्पष्ट कर चुके हैं कि UPI एक सार्वजनिक डिजिटल सेवा (Public Digital Infrastructure) है और इसे आम जनता के लिए निशुल्क ही रखा जाएगा।

करोड़ों यूजर्स के लिए राहत, बेझिझक करें डिजिटल पेमेंट

PCI के इस आधिकारिक स्पष्टीकरण के बाद अब यूपीआई इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को किसी भी तरह की फीस की चिंता करने की जरूरत नहीं है। देश में रोजाना अरबों रुपये का लेन-देन UPI के जरिए होता है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल क्रांति को ग्रामीण इलाकों तक पहुंचाना है, इसलिए चार्ज लगाने संबंधी खबरों को पूरी तरह से भ्रामक और निराधार करार दिया गया है। ग्राहक और व्यापारी पहले की तरह बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के UPI सेवाओं का लाभ उठाना जारी रख सकते हैं।

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