टोल पर क्या हुआ था? टोल कर्मियों ने बताई- अतीक के बेटे के काफिले वाली गाड़ियों की कहानी

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और आसपास के राष्ट्रीय राजमार्गों पर माफिया से राजनेता बने दिवंगत अतीक अहमद के परिवार और उनके गुर्गों का खौफ किसी से छिपा नहीं रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित एक व्यस्त टोल प्लाजा पर अतीक अहमद के बेटे के काफिले में शामिल लग्जरी गाड़ियों द्वारा मचाए गए बवाल का मामला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस पूरी घटना के बाद सहमे हुए टोल कर्मियों ने मीडिया और पुलिस के सामने अपनी आपबीती सुनाते हुए उस दिन की रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी बयां की है। टोल कर्मचारियों के अनुसार, अतीक के बेटे के काफिले की दर्जन भर से अधिक गाड़ियों ने न केवल टोल टैक्स देने से साफ मना कर दिया, बल्कि मना करने पर कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज, मारपीट और जबरन बैरियर तोड़कर गाड़ियां निकालने की कोशिश भी की।
बिना टोल दिए तेजी से आगे बढ़ा काफिला और कर्मचारियों पर बढ़ा दबाव
टोल प्लाजा पर तैनात प्रत्यक्षदर्शी कर्मचारियों और लेन ऑपरेटर्स के मुताबिक, घटना वाले दिन शाम के समय एक के बाद एक कई काली और भारी-भरकम एसयूवी (SUVs) गाड़ियां तेजी से टोल लेन की तरफ बढ़ीं। जब पहली गाड़ी के सामने टोल बैरियर गिराया गया और कर्मचारी ने नियमानुसार टोल टैक्स का भुगतान करने या वैध पास दिखाने का अनुरोध किया, तो गाड़ी में सवार बाउंसरों और दबंगों ने अतीक अहमद के बेटे का नाम लेते हुए रौब गालना शुरू कर दिया। कर्मचारियों ने बताया कि जब उन्होंने सिस्टम का हवाला देते हुए बिना टैक्स भुगतान किए बैरियर उठाने से इंकार कर दिया, तो काफिले की पीछे खड़ी अन्य गाड़ियों से भी दर्जनभर से अधिक युवक नीचे उतर आए। उन्होंने टोल बूथ को घेर लिया और कर्मचारियों को तुरंत बैरियर उठाने की धमकियां देनी शुरू कर दीं।
कर्मचारियों के साथ हाथापाई, बैरियर तोड़ा और मौके से हुए फरार
टोल कर्मचारियों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, विवाद इतना बढ़ गया कि काफिले में शामिल कुछ उग्र युवकों ने टोल के केबिन का दरवाजा जबरन खोल लिया और वहां मौजूद लेन ऑपरेटर का कॉलर पकड़कर उसे बाहर खींचने का प्रयास किया। जब टोल के सुरक्षा गार्ड्स (Security Guards) ने मामले को शांत कराने और बीच-बचाव करने की कोशिश की, तो उनके साथ भी हाथापाई और धक्का-मुक्की की गई। इसके बाद दबंगों ने जबरन टोल बैरियर को हाथ से उठाकर किनारे कर दिया और एक के बाद एक तेज रफ्तार में अपनी सभी गाड़ियों को टोल प्लाजा पार करा ले गए। पूरी घटना वहां लगे उच्च गुणवत्ता वाले सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में कैद हो गई, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि किस तरह नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ाते हुए गाड़ियों के काफिले को निकाला गया।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस की जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई
टोल प्लाजा मैनेजर की तहरीर पर स्थानीय पुलिस स्टेशन में अतीक के बेटे और उनके अज्ञात सहयोगियों के खिलाफ नामजद व अज्ञात धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने टोल परिसर में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को कब्जे में लेकर गाड़ियों के नंबर ट्रेस करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहे चेहरों की पहचान की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। उत्तर प्रदेश में अपराधियों और माफियाओं के खिलाफ जारी 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत इस तरह की गुंडागर्दी करने वालों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टोल कर्मियों में खौफ का माहौल, सुरक्षा बढ़ाने की मांग
इस सनसनीखेज घटना के बाद से टोल प्लाजा पर काम करने वाले कर्मचारी बेहद डरे और सहमे हुए हैं। कर्मचारियों का कहना है कि प्रयागराज-लखनऊ और आसपास के हाइवे पर देर रात अक्सर ऐसे रसूखदार और आपराधिक पृष्ठभूमि वाले काफिले निकलते हैं, जो टोल मांगने पर जान से मारने की धमकी देते हैं। टोल प्लाजा प्रबंधन ने स्थानीय पुलिस और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) से मांग की है कि टोल बूथों पर कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए स्थायी पुलिस पिकेट या होमगार्ड की तैनाती की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दबंगई और आपराधिक घटनाओं पर लगाम लगाई जा सके।