कमजोर बाजार में PSU डिफेंस स्टॉक खरीदने का मौका, ब्रोकरेज भी बुलिश, दिया 20% अपसाइड का टारगेट

भारतीय शेयर बाजार में जारी उतार-चढ़ाव और कमजोरी के माहौल के बीच निवेशकों के लिए कमाई का एक शानदार अवसर सामने आया है। अगर आप भी किसी ऐसे शेयर की तलाश में हैं जो मजबूत फंडामेंटल्स के साथ तगड़ा रिटर्न दे सके, तो सरकारी रक्षा क्षेत्र यानी पीएसयू डिफेंस स्टॉक (PSU Defense Stock) आपके लिए बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। शेयर बाजार के जानकारों और दिग्गज ब्रोकरेज हाउस ने इस शेयर पर बड़ा दांव लगाया है और इसमें मौजूदा स्तर से करीब 20 फीसदी तक की जोरदार तेजी देखने को मिल सकती है।
क्यों खास बन रहा है यह डिफेंस स्टॉक?
मौजूदा समय में ग्लोबल और घरेलू बाजार के दबाव के कारण कई चुनिंदा क्वालिटी शेयर सस्ते दामों पर मिल रहे हैं। डिफेंस सेक्टर की कंपनियों के पास सरकार की ओर से लगातार बड़े ऑर्डर आ रहे हैं, जिससे इनका बिजनेस आउटलुक बेहद मजबूत बना हुआ है। ब्रोकरेज फर्म्स का मानना है कि डिफेंस थीम लंबी अवधि में निवेशकों को मालामाल करने का दम रखती है। कमजोर बाजार में जब क्वालिटी स्टॉक्स करेक्शन पर मिलते हैं, तो लॉन्ग टर्म इन्वेस्टर्स के लिए खरीदारी का यह सबसे सही समय माना जाता है। ऐसे में यह पीएसयू डिफेंस शेयर अपने निवेशकों के पोर्टफोलियो को मजबूती दे सकता है।
ब्रोकरेज फर्म्स की राय और अपसाइड टारगेट
प्रमुख ब्रोकरेज हाउस ने इस डिफेंस स्टॉक पर अपनी पॉजिटिव रेटिंग बरकरार रखते हुए बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है। जानकारों का कहना है कि कंपनी के शानदार वित्तीय प्रदर्शन और मजबूत ऑर्डर बुक के दम पर यह शेयर आने वाले दिनों में बेहतरीन मुनाफा दे सकता है। ब्रोकरेज ने इस स्टॉक पर लगभग 20% तक के अपसाइड टारगेट का अनुमान जताया है। इसका मतलब है कि मौजूदा बाजार भाव से यह शेयर निवेशकों को कम समय में ही तगड़ा रिटर्न कमाने का मौका दे रहा है।
निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
शेयर बाजार के एक्सपर्ट्स का मानना है कि किसी भी कमजोर या वोलाटाइल बाजार में एक साथ सारा पैसा लगाने के बजाय 'स्टैगर्ड मैनर' यानी किस्तों में खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए। यदि आप इस पीएसयू डिफेंस स्टॉक में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो अपने वित्तीय सलाहकार की मदद से अपने जोखिम उठाने की क्षमता का आकलन जरूर कर लें। लंबी अवधि के नजरिए से डिफेंस शेयरों में किया गया निवेश निवेशकों के लिए हमेशा से फायदेमंद साबित हुआ है।