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Adani Energy, Groww और Lenskart की धमाकेदार एंट्री! 19 दिग्गज शेयर बाहर, जानें किसे मिलेगा करोड़ों का फंड

ग्लोबल इंडेक्स प्रदाता MSCI (Morgan Stanley Capital International) ने अपने इंडिया इंडेक्स में बड़ा फेरबदल (Rebalancing) कर दिया है। इस ताजा बदलाव के तहत भारतीय शेयर बाजार के कई उभरते और मजबूत दिग्गजों को इंडेक्स में जगह मिली है, जबकि 19 शेयरों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

इस रीजिग के बाद भारतीय बाजार में भारी विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) के इनफ्लो और आउटफ्लो की संभावना जताई जा रही है। पैसिव फंड्स अब इन नए शामिल शेयरों में करोड़ों डॉलर का निवेश करेंगे।

इन दिग्गजों की हुई MSCI इंडेक्स में एंट्री

MSCI के इस पुनर्गठन में अडाणी समूह की प्रमुख कंपनी Adani Energy Solutions, तेजी से उभरते फिनटेक प्लेटफॉर्म Groww (Billionbrains Garage Ventures) और आईवियर ब्रांड Lenskart ने बाजी मारी है। इन कंपनियों का मार्केट कैप और फ्री-फ्लोट लिक्विडिटी मजबूत होने की वजह से इन्हें MSCI इंडिया स्टैंडर्ड इंडेक्स में शामिल किया गया है।

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि इन शेयरों को इंडेक्स में शामिल किए जाने से वैश्विक पैसिव ट्रैकर्स (ETF) द्वारा बड़े पैमाने पर खरीदारी देखने को मिलेगी। इससे इन कंपनियों के शेयरों में निकट भविष्य में शानदार तेजी आ सकती है।

19 शेयर हुए बाहर: इन कंपनियों पर दिखेगा बिकवाली का दबाव

जहाँ एक तरफ नए शेयरों की एंट्री से जश्न का माहौल है, वहीं 19 कंपनियों को MSCI इंडेक्स से बाहर कर दिया गया है। इंडेक्स से हटने के कारण विदेशी फंड्स इन शेयरों से अपनी पूंजी निकालेंगे, जिससे इनमें अल्पकालिक रूप से बिकवाली का दबाव (Selling Pressure) बन सकता है।

जिन शेयरों को बाहर किया गया है, उनमें मुख्य रूप से वे कंपनियां शामिल हैं जिनका मार्केट कैपिटलाइजेशन निर्धारित मापदंडों से नीचे चला गया था या जिनकी लिक्विडिटी में कमी आई थी। इन 19 शेयरों से विदेशी निवेशकों का फंड आउटफ्लो होना तय माना जा रहा है।

भारतीय बाजार और निवेशकों के लिए क्या हैं इसके मायने?

MSCI इंडेक्स में होने वाला रीबैलेंसिंग भारतीय शेयर बाजार के लिए काफी अहम होता है। जब भी कोई भारतीय शेयर MSCI Global Standard Index का हिस्सा बनता है, तो दुनिया भर के ग्लोबल पैसिव फंड्स (जो MSCI इंडेक्स को ट्रैक करते हैं) को उन शेयरों को अपने पोर्टफोलियो में मजबूरीवश शामिल करना पड़ता है।

  • FII Inflow: अडाणी एनर्जी, ग्रोव और लेंसकार्ट जैसी कंपनियों में भारी मात्रा में विदेशी निवेश (FIIs Inflow) आएगा, जिससे बाजार की लिक्विडिटी बढ़ेगी।

  • रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए संदेश: केवल MSCI में शामिल होने के आधार पर खरीदारी करने से बचें। अल्पकालिक फंड फ्लो के बाद शेयरों का दीर्घकालिक प्रदर्शन उनके फंडामेंटल्स और तिमाही नतीजों पर ही निर्भर करेगा।

यह बदलाव तय प्रभावी तिथि से लागू कर दिया जाएगा, जिसके बाद ग्लोबल फंड्स अपने पोर्टफोलियो में आवश्यक तालमेल (Adjustments) पूरा करेंगे।

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