जश्न-ए-आजादी के दिन पाकिस्तान में खून-खराबा, बलूचिस्तान के गृह मंत्री के काफिले पर हमला और कई जगहों पर हिंसा

एक तरफ जहां पाकिस्तान अपना स्वतंत्रता दिवस यानी जश्न-ए-आजादी मना रहा है, वहीं दूसरी तरफ देश के कई हिस्सों में हिंसक झड़पें और आतंकी हमले देखने को मिल रहे हैं। ताजा मामला अशांत प्रांत बलूचिस्तान से सामने आया है, जहां बलूचिस्तान के गृह मंत्री मीर जियाउल्लाह लांगो (Mir Ziaullah Langove) के काफिले को निशाना बनाकर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी कर दी। इस भीषण हमले में तीन पुलिसकर्मियों सहित कुल छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। हालांकि, गनीमत यह रही कि इस जानलेवा हमले में बलूचिस्तान के गृह मंत्री पूरी तरह सुरक्षित बच गए हैं।
मस्तूंग जिले में घात लगाकर किया गया हमला
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, बलूचिस्तान अवामी पार्टी (BAP) के नेता और प्रांत के गृह मंत्री जियाउल्लाह लांगो कलात से क्वेटा की तरफ यात्रा कर रहे थे। जब उनका आधिकारिक काफिला मस्तूंग जिले के खद कूचा (Khad Kocha) इलाके से गुजर रहा था, तभी पहले से घात लगाकर बैठे अज्ञात हमलावरों ने अचानक अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। घटना के तुरंत बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और घायलों को तुरंत नवाब रायसानी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल की डॉक्टर सना ने मीडिया को जानकारी दी कि घायलों में से दो की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर इलाज के लिए तुरंत क्वेटा के बड़े अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया है। घायलों में तीन जवान पुलिस विभाग से ताल्लुक रखते हैं।
सुरक्षाबलों का सर्च ऑपरेशन जारी, पहले भी होते रहे हैं हमले
इस सनसनीखेज हमले के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। घटना की सूचना मिलते ही भारी संख्या में सुरक्षा बल मौके पर पहुंच गए और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। हमलावरों की तलाश और उनकी धरपकड़ के लिए सुरक्षा बलों द्वारा एक बड़ा संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। गौरतलब है कि मीर जियाउल्लाह लांगो इसी साल मार्च में शपथ ग्रहण करने के बाद से बलूचिस्तान के गृह मंत्री का पद संभाल रहे हैं। इस क्षेत्र में उग्रवादी और अलगाववादी समूहों द्वारा सुरक्षा बलों और सरकारी मंत्रियों के काफिलों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं।
पाकिस्तान के अन्य हिस्सों में भी दहला प्रशासनिक तंत्र
बब्बर शेर बनने का दावा करने वाले पाकिस्तान में स्वतंत्रता दिवस के दिन केवल बलूचिस्तान ही नहीं, बल्कि अन्य प्रांतों में भी खून-खराबा देखने को मिला है। उत्तर-पश्चिम पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले में अज्ञात आतंकवादियों ने एक पुलिस चौकी पर हमला बोल दिया, जिसमें एक कांस्टेबल की मौत हो गई और एक अन्य घायल हो गया। इसके अलावा पंजाब प्रांत में प्रतिबंधित आतंकी संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) के हथियारबंद आतंकवादियों ने दो अलग-अलग हमलों को अंजाम देते हुए तीन अन्य पुलिसकर्मियों को गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया। इन लगातार हो रही हिंसक घटनाओं ने देश की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।