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‘चुप रहो, चुप रहो, चुप रहो!’: किम जोंग उन पर सवाल पूछने वाली CNN रिपोर्टर पर बुरी तरह भड़के डोनाल्ड ट्रंप

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मीडिया के साथ टकराव कोई नई बात नहीं है, लेकिन हाल ही में ओवल ऑफिस में घटी एक घटना ने फिर से हलचल मचा दी है। एक कार्यक्रम के दौरान CNN की रिपोर्टर क्रिस्टन होम्स द्वारा उत्तर कोरियाई तानाशाह किम जोंग उन पर पूछे गए सवाल ने ट्रंप को इतना नाराज कर दिया कि उन्होंने रिपोर्टर को सबके सामने 'फेक' और 'अभद्र' तक कह डाला।

क्या था पूरा मामला

दरअसल, वाइट हाउस में 16 वर्षीय लाइफगार्ड राइडर विलियम्स को सम्मानित करने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिन्होंने कैलिफोर्निया के समुद्र तट पर एक भारतीय मूल के बच्चे की जान बचाई थी। कार्यक्रम के दौरान जब CNN रिपोर्टर क्रिस्टन होम्स ने उत्तर कोरिया और किम जोंग उन को लेकर सवाल पूछना शुरू किया, तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। ट्रंप उस समय किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों और दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों को सीमित करने के फैसले का बचाव कर रहे थे।

जब ट्रंप ने चिल्लाकर कहा 'चुप रहो'

विवाद तब चरम पर पहुंच गया जब रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि क्या किम जोंग उन ने खुद अमेरिका-दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यासों में कटौती की मांग की थी। ट्रंप ने रिपोर्टर को बीच में ही रोकते हुए चिल्लाते हुए कहा, "चुप रहो। तुम इस लड़के (लाइफगार्ड) के सामने बहुत अभद्र व्यवहार कर रही हो।" जब रिपोर्टर ने अपनी बात जारी रखनी चाही, तो ट्रंप ने अपना आपा खो दिया और कहा, "सीएनएन, फेक न्यूज। तुम फेक न्यूज हो। तुम एक फेक रिपोर्टर हो। शांत रहो।"

वाइट हाउस ने रिपोर्टर को बताया 'निचले स्तर' का

ट्रंप की नाराजगी के बाद वाइट हाउस की 'रैपिड रिस्पॉन्स' टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया। टीम ने आधिकारिक तौर पर वीडियो जारी करते हुए कहा कि रिपोर्टर का व्यवहार बेहद अमानवीय था। उन्होंने ट्वीट किया, "एक तरफ राष्ट्रपति एक युवा हीरो लाइफगार्ड का सम्मान कर रहे हैं, वहीं रिपोर्टर इसका इस्तेमाल स्टाफ के सदस्यों पर घटिया टिप्पणी करने के लिए कर रही हैं।" उन्होंने रिपोर्टर को पत्रकारिता के सबसे निचले स्तर का करार दिया।

किम जोंग उन से संबंधों का बचाव

ट्रंप ने अपने बयानों में बार-बार दोहराया है कि किम जोंग उन के साथ उनके संबंध बेहद सम्मानजनक हैं। उन्होंने तर्क दिया कि किम के साथ उनकी बातचीत और सैन्य अभ्यासों में कटौती के फैसले ने कोरियाई क्षेत्र को पहले से कहीं अधिक सुरक्षित बनाया है। ट्रंप ने इसे 'महंगा सैन्य अभ्यास' करार देते हुए कहा कि अमेरिका पर पड़ रहे वित्तीय बोझ को कम करना उनका मुख्य उद्देश्य है। यह पूरा एपिसोड एक बार फिर ट्रंप के मीडिया के साथ 'अग्निपरीक्षा' वाले रिश्तों को रेखांकित करता है।

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