नोएडा स्पोर्ट्स सिटी के 50,000 निवासियों को जाम से राहत: सेक्टर-148 और 153 के बीच बनेगा आठ आकार का क्लोवर लीफ, यमुना एक्सप्रेसवे की राह होगी आसान

दिल्ली-एनसीआर के सबसे प्रमुख और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय हब नोएडा स्पोर्ट्स सिटी (सेक्टर-150 और 152) के लगभग 50 हजार निवासियों के लिए एक बड़ी और सकारात्मक राहत भरी खबर सामने आई है। नोएडा प्राधिकरण ने इन सेक्टरों में रहने वाले लोगों को रोजाना लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से मुक्ति दिलाने और नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे के साथ-साथ यमुना एक्सप्रेसवे तक सीधी व सुगम कनेक्टिविटी देने के लिए एक आधुनिक 'क्लोवर लीफ' (Cloverleaf Interchange) इंटरचेंज के निर्माण की योजना तैयार की है। आठ (8) के आकार में बनने वाला यह विशेष क्लोवर लीफ सेक्टर-148 और सेक्टर-153 के बीच स्थापित किया जाएगा, जो सीधे तौर पर एक्सप्रेसवे के दोनों किनारों की सर्विस रोड को आपस में जोड़ देगा। इस बुनियादी ढांचा परियोजना के पूरा होने के बाद स्थानीय नागरिकों, आईटी प्रोफेशनल्स और दिल्ली-जेवर आवागमन करने वाले यात्रियों को संकरे अंडरपास के जाम से स्थायी निजात मिल सकेगी।
मौजूदा छोटे अंडरपास और भीषण जाम से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान समय में सेक्टर-150, सेक्टर-152 और आसपास की बहुमंजिला सोसायटियों से निकलने वाले वाहनों को नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पार करने अथवा दूसरी दिशा में मुड़ने के लिए एक्सप्रेसवे के नीचे बने सीमित क्षमता वाले अंडरपास का सहारा लेना पड़ता है। सुबह और शाम के पीक आवर्स के दौरान इस छोटे अंडरपास पर अचानक वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है, जिसके चलते वहां वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई बार निवासियों को मात्र कुछ सौ मीटर की दूरी पार करने में 20 से 30 मिनट तक का समय गंवाना पड़ता है। नया आठ आकार का क्लोवर लीफ बनने के बाद वाहनों को बिना किसी रुकावट के सीधे विभिन्न दिशाओं में जाने का स्वतंत्र मार्ग मिल जाएगा और उन्हें किसी संकरे अंडरपास पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
यमुना एक्सप्रेसवे और जेवर एयरपोर्ट का सफर होगा सुपरफास्ट
इस परियोजना का सबसे बड़ा रणनीतिक लाभ यह होगा कि सेक्टर-150 और 152 के निवासियों को अब यमुना एक्सप्रेसवे की ओर जाने के लिए सीधा, सिग्नल-फ्री और चौड़ा रास्ता मिल जाएगा। आगामी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर), फिल्म सिटी, फॉर्मूला-1 ट्रैक और आगरा की तरफ जाने वाले वाहन बिना किसी आंतरिक ट्रैफिक में फंसे सीधे हाई-स्पीड कॉरिडोर पर चढ़ सकेंगे। इससे न केवल यात्रा के समय में भारी बचत होगी बल्कि ईंधन की बर्बादी और प्रदूषण के स्तर में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की जाएगी।
आईआईटी जैसी तकनीकी संस्था से पास होगा डिजाइन
परियोजना की गुणवत्ता और तकनीकी मजबूती को सुनिश्चित करने के लिए नोएडा प्राधिकरण विशेष सतर्कता बरत रहा है। प्राधिकरण के सिविल विंग द्वारा वर्तमान में क्लोवर लीफ का विस्तृत इंजीनियरिंग डिजाइन तैयार किया जा रहा है। डिजाइन का कार्य पूरा होते ही इसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जैसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय तकनीकी संस्था के पास गहन तकनीकी परीक्षण, सुरक्षा विश्लेषण और स्ट्रक्चरल अप्रूवल के लिए भेजा जाएगा। आईआईटी से औपचारिक अनुमोदन प्राप्त होते ही परियोजना की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम रूप देकर प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति जारी की जाएगी।
टेंडर जारी होने के 6 महीने के भीतर पूरा होगा निर्माण
प्राधिकरण अधिकारियों के अनुसार, डीपीआर की औपचारिक मंजूरी मिलते ही निर्माण एजेंसी के चयन के लिए पारदर्शी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। प्राधिकरण का लक्ष्य है कि टेंडर आवंटित होने की तारीख से लगभग छह महीने की निर्धारित समय-सीमा के भीतर क्लोवर लीफ का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर इसे जनता के लिए खोल दिया जाए। स्पोर्ट्स सिटी क्षेत्र में आने वाले वर्षों में आबादी का घनत्व और तेजी से बढ़ने का अनुमान है, ऐसे में यह समयबद्ध इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट भविष्य के ट्रैफिक लोड को संभालने में रीढ़ की हड्डी साबित होगा।
रियल एस्टेट और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति
सेक्टर-150 और 152 को एनसीआर का प्रमुख स्पोर्ट्स-सेंट्रिक और ग्रीन रेजिडेंशियल सेक्टर माना जाता है। निर्बाध सड़क संपर्क और क्लोवर लीफ के निर्माण से इस पूरे क्षेत्र के रियल एस्टेट बाजार, वाणिज्यिक परिसरों, स्पोर्ट्स अकादमियों और आईटी पार्कों को नई जीवनरेखा मिलेगी। दैनिक आवागमन में होने वाली सुगमता से यहां संपत्तियों के मूल्य और किराए की मांग में सकारात्मक सुधार आएगा, जिससे हजारों घर खरीदारों और निवेशकों का भरोसा और मजबूत होगा।