कांग्रेस ने किए वंदे मातरम के दो टुकड़े, गृह मंत्री अमित शाह ने बताया देश विरोधी फैसला

भारतीय राजनीति में राष्ट्रगीत 'वंदे मातरम' के गायन को लेकर एक नया और बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पार्टी और उसके शीर्ष नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने खुले तौर पर आरोप लगाया है कि कांग्रेस पार्टी ने तुष्टीकरण की राजनीति के चलते राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' के दो टुकड़े कर दिए हैं और इसके पूरे पाठ की बजाय केवल कुछ अंश ही गाने का फैसला किया है। गृह मंत्री ने इसे देश विरोधी और शहीदों के बलिदान का अपमान करार दिया है, जिसके बाद से सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान उपजा विवाद
यह पूरा विवाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित मुख्य ध्वजारोहण समारोह के दौरान सामने आया। कार्यक्रम के समय जब राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' का गान चल रहा था, तब कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं की गतिविधि को लेकर सवाल खड़े किए गए। भारतीय जनता पार्टी का दावा है कि जब पूरा राष्ट्रगीत गाया जा रहा था, तब कांग्रेस नेतृत्व ने इसे बीच में ही रोकने का इशारा किया। इस घटना का वीडियो और दृश्य सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में इस बात पर बहस छिड़ गई कि क्या देश के राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति कांग्रेस का रवैया उदासीन रहा है।
अमित शाह का तीखा हमला और कांग्रेस से माफी की मांग
राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताई और कांग्रेस पार्टी से देश की जनता व बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के प्रति माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने 'वंदे मातरम' के नारे लगाते हुए फांसी के फंदे को चूमा था और गोलियां खाई थीं, लेकिन वोट बैंक की लालच में कांग्रेस ने इस अमर गीत के साथ न्याय नहीं किया। गृह मंत्री ने कहा कि देश की 140 करोड़ जनता इस कृत्य को देख रही है और इस प्रकार के फैसलों को कभी माफ नहीं किया जाएगा।
कांग्रेस पार्टी का पलटवार और सफाई
भारतीय जनता पार्टी के इन गंभीर आरोपों का जवाब देते हुए कांग्रेस पार्टी ने पूरी तरह से खंडन किया है और इन दावों को राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि पार्टी राष्ट्रगीत का पूरा सम्मान करती है और स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया गया। पार्टी की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खर्गे लंबे समय से खड़े थे, और वरिष्ठ नेताओं द्वारा केवल उनके बैठने की व्यवस्था को लेकर सामान्य चर्चा या निर्देश दिए जा रहे थे, जिसे भाजपा ने गलत रंग दे दिया है।
राजनीतिक गलियारों में गरमाया राष्ट्रीय प्रतीकों का मुद्दा
इस ताजा विवाद ने देश के राजनीतिक पटल पर एक बार फिर वैचारिक बहसों को हवा दे दी है। राष्ट्रीय प्रतीकों, गान और गान के प्रारूप को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रही यह रस्साकशी आने वाले दिनों में और अधिक तूल पकड़ सकती है। भाजपा ने ऐलान किया है कि वह जनता के बीच जाकर कांग्रेस के इस रुख का विरोध करेगी, जबकि कांग्रेस इसे महंगाई, बेरोजगारी और अन्य वास्तविक मुद्दों से ध्यान भटकाने की एक राजनीतिक चाल बता रही है।