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‘जाति-धर्म से ऊपर उठे पार्टी’: शशि थरूर ने कांग्रेस को दी CJP आंदोलन से सीख लेने की सलाह, मिडिल क्लास के मुद्दों पर जोर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर ने पार्टी की राजनीतिक रणनीति और कार्यशैली को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। थरूर ने अपनी ही पार्टी को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा है कि कांग्रेस को अब जाति, धर्म, पंथ या विशेष समूहों तक सीमित पहचान की राजनीति से आगे बढ़ना होगा। उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हाल ही में चर्चित हुए 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन का हवाला देते हुए समझाया कि जब बिना किसी सामाजिक भेदभाव के आम जनता से जुड़े बुनियादी मुद्दे उठाए जाते हैं, तो उन्हें समाज के हर वर्ग से व्यापक समर्थन हासिल होता है।

जाति और संकीर्ण दायरों से बाहर निकलने की जरूरत: शशि थरूर

शशि थरूर ने अपने विचार रखते हुए स्पष्ट किया कि वह काफी समय से इस बात की वकालत कर रहे हैं कि राजनीतिक दलों को जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्रीय संकीर्णताओं से ऊपर उठकर काम करना चाहिए। थरूर के अनुसार, इन पारंपरिक श्रेणियों से परे जाकर उन अहम क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करना जरूरी है, जिन्हें लंबे समय से मुख्यधारा की राजनीति में नजरअंदाज किया जाता रहा है। उन्होंने रेखांकित किया कि देश का एक बहुत बड़ा वर्ग ऐसा है जो रोजाना की नागरिक समस्याओं, शिक्षा व्यवस्था और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है और उनकी आवाज बनना किसी भी राष्ट्रीय दल की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

CJP आंदोलन का दिया उदाहरण: 'बिना जाति-धर्म के मिला हर वर्ग का साथ'

शशि थरूर ने दिल्ली में हुए प्रदर्शनों का जिक्र करते हुए कहा कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने एक ऐसा मुद्दा उठाया था जिसका किसी खास जाति, पंथ, भाषा या राज्य से कोई लेना-देना नहीं था। यह छात्रों और युवाओं की चिंता से जुड़ा विषय था, जिसकी वजह से इस आंदोलन को व्यापक जनसमर्थन मिला। थरूर ने कहा कि जब कोई संगठन या आंदोलन जातिगत विभाजनों से मुक्त होकर आम नागरिकों के अधिकारों की बात करता है, तो जनता खुलकर उसके साथ खड़ी होती है। उन्होंने पार्टी को सलाह दी कि कांग्रेस को भी इसी तरह के सार्वभौमिक और जनहितैषी मुद्दों को अपनी राजनीति के केंद्र में रखना चाहिए।

मिडिल क्लास और नागरिक सुविधाओं पर फोकस करने की अपील

वरिष्ठ कांग्रेस सांसद ने इस बात पर जोर दिया कि देश के मध्यम वर्ग (Middle Class), आम शहरी नागरिकों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार के अवसर, पारदर्शी परीक्षाएं और सुदृढ़ नागरिक सुविधाएं (Civic Amenities) ऐसे मुद्दे हैं जो सीधे तौर पर हर भारतीय को प्रभावित करते हैं। इन मुद्दों को सशक्त तरीके से उठाकर ही पार्टी अपनी सामाजिक और राजनीतिक पहुंच को व्यापक बना सकती है और देश के युवाओं व आम जनता का भरोसा जीत सकती है।

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