लश्कर का नापाक प्लान लीक: पाकिस्तान के सिंध में बन रहे नए आतंकी ठिकाने, भारत में घुसपैठ की साजिश

भारतीय खुफिया एजेंसियों के हाथ लगी एक बेहद संवेदनशील और चौंकाने वाली रिपोर्ट ने सीमा पार पनप रहे आतंक को लेकर एक बार फिर बड़ा खुलासा किया है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा पाकिस्तान के सिंध प्रांत में पूरी योजना के तहत अपने पैर पसार रहा है। एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, पिछले महज एक साल के भीतर इस संगठन ने पाकिस्तानी सत्ता प्रतिष्ठान और वहां की खुफिया एजेंसी की मदद से सात नए मरकज और मदरसों का निर्माण किया है। इन संदिग्ध गतिविधियों के पीछे का मकसद भारत के खिलाफ बड़ी साजिश रचना और क्षेत्रीय सुरक्षा को अस्थिर करना बताया जा रहा है।
सरकारी खजाने और चैरिटी की आड़ में भारी फंडिंग
खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा के इन नापाक निर्माण कार्यों के लिए पाकिस्तान के सत्ता प्रतिष्ठान की ओर से प्रत्यक्ष तौर पर भारी वित्तीय सहायता मुहैया कराई जा रही है। सरकारी फंड के अलावा यह संगठन चैरिटी और धर्मार्थ कार्यों की आड़ में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ा चंदा जुटाने का अभियान चला रहा है। संगठन के शीर्ष कमांडर भारी सुरक्षा घेरे और पुलिस काफिलों के साथ पाकिस्तान के विभिन्न हिस्सों का दौरा कर रहे हैं। सैफुल्ला कसूरी, तल्हा हाफिज सईद और नदीम फैसल जैसे कुख्यात आतंकी इस पूरे अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, जो युवाओं को बरगलाने और भर्ती करने के लिए लगातार बैठकें कर रहे हैं।
अंतरराष्ट्रीय जांच से बचने के लिए राजनीतिक पैंतरेबाजी
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि यह संगठन अपनी आतंकी गतिविधियों पर पर्दा डालने और फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (FATF) की कड़ी अंतरराष्ट्रीय जांच से बचने के लिए राजनीतिक दलों और उनके नेताओं का सहारा ले रहा है। लश्कर अपने कैडरों को राजनीतिक रैलियों और बड़े सार्वजनिक आयोजनों में भेज रहा है ताकि वे मुख्यधारा का हिस्सा दिख सकें और अपनी पहचान छिपा सकें। पाकिस्तान की पुलिस और सुरक्षा बल इन घोषित आतंकवादियों को बाकायदा एस्कॉर्ट प्रदान कर रहे हैं, जिससे साफ जाहिर होता है कि इन्हें सरकारी संरक्षण प्राप्त है।
जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की खतरनाक फिराक में आतंकी
एक तरफ पाकिस्तान में लश्कर खुद को मुख्यधारा में दिखाने का ढोंग रच रहा है, वहीं दूसरी तरफ भारत के खिलाफ उसकी खूनी साजिशें जारी हैं। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में भारी संख्या में आतंकी जमा हैं, जो जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन के साथ मिलकर जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करने की लगातार फिराक में हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने इस ताजा खतरे को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा और LoC पर अपनी चौकसी कई गुना बढ़ा दी है ताकि किसी भी नापाक कोशिश को समय रहते नाकाम किया जा सके।