कनाडा में पढ़ाई हुई महंगी: स्टडी परमिट के लिए अब दिखाने होंगे 22.76 लाख रुपये, सरकार ने बढ़ाई फंड की लिमिट

विदेश में उच्च शिक्षा हासिल करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्र-छात्राओं के लिए एक बड़ी और अहम खबर सामने आई है। उत्तर अमेरिकी देश कनाडा में पढ़ाई करना अब और अधिक खर्चीला हो गया है, क्योंकि वहां की सरकार ने अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए वित्तीय नियमों को और ज्यादा सख्त कर दिया है। कनाडा के आव्रजन विभाग यानी आईआरसीसी (IRCC) द्वारा अध्ययन वीज़ा के नियमों में किए गए बदलाव के तहत अब छात्रों को अपने बैंक खाते में जीवनयापन खर्च (Living Expenses) के रूप में पहले से ज्यादा राशि दिखानी होगी। भारतीय करेंसी के हिसाब से गणना करें तो अब स्टडी परमिट प्राप्त करने के लिए छात्रों को लगभग 22.76 लाख रुपये (23,448 कनाडाई डॉलर) बतौर बैंक बैलेंस या फंड साबित करना होगा। इस नए बदलाव के बाद उन मध्यमवर्गीय परिवारों की चिंता बढ़ गई है जो अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजने की योजना बना रहे थे। आइए इस पूरी रिपोर्ट को विस्तार से समझते हैं कि आखिर कनाडाई सरकार ने यह बड़ा कदम क्यों उठाया है और इसका भारतीय छात्रों पर क्या असर पड़ेगा।
कनाडा सरकार का नया वित्तीय नियम और बढ़ी हुई फंड लिमिट
कनाडा के आव्रजन, शरणार्थी और नागरिकता विभाग (IRCC) के नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक, देश के अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों को अब अपने वित्तीय प्रमाण के रूप में कम से कम 23,448 कनाडाई डॉलर का फंड दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह राशि केवल उनके पहले साल के रहने और खाने-पीने के खर्च यानी कॉस्ट ऑफ लिविंग के लिए है, जिसमें ट्यूशन फीस और यात्रा का खर्च पूरी तरह से अलग शामिल है। पिछले कुछ वर्षों में कनाडा के भीतर आवास की भारी किल्लत और महंगाई में बेतहाशा बढ़ोतरी को देखते हुए सरकार ने यह कदम उठाया है। जानकारों का कहना है कि पूर्व के वर्षों में यह सीमा काफी कम हुआ करती थी, लेकिन पिछले तीन सालों में इसमें भारी इजाफा किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि जो छात्र कनाडा आ रहे हैं, वे अपनी आर्थिक जरूरतों को खुद पूरा करने में सक्षम हैं और उन्हें किसी प्रकार की वित्तीय तंगी का सामना न करना पड़े।
भारतीय छात्रों और उनके अभिभावकों पर पड़ेगा सीधा आर्थिक बोझ
कनाडा हमेशा से भारतीय छात्रों के बीच उच्च शिक्षा के लिए सबसे पसंदीदा देशों में शुमार रहा है, जहां हर साल हजारों युवा पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, गुजरात और दक्षिण भारत सहित पूरे देश से पढ़ाई करने जाते हैं। हालांकि, इस तरह बार-बार वित्तीय मानदंडों को कड़ा किए जाने से छात्रों के अभिभावकों पर भारी आर्थिक दबाव बन रहा है। ट्यूशन फीस के अलावा अब रहने के लिए इतनी बड़ी रकम (लगभग 22.76 लाख रुपये या उससे अधिक) पहले से बैंक खाते में या गारंटीड इन्वेस्टमेंट सर्टिफिकेट (GIC) के रूप में दिखाना हर परिवार के लिए आसान नहीं रह गया है। कई छात्र बैंकों से भारी-भरकम एजुकेशन लोन लेकर अपनी पढ़ाई का सपना पूरा करते हैं, लेकिन नई शर्तों के लागू होने के बाद अब लोन की प्रक्रिया और वित्तीय दस्तावेजों की जांच भी और अधिक जटिल हो जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस नियम के सख्त होने से उन छात्रों की संख्या में कुछ कमी आ सकती है जो सीमित बजट के साथ विदेश जाने का विचार कर रहे थे।
वीज़ा आवेदन के दौरान किन बातों का रखना होगा विशेष ध्यान
यदि आप भी आने वाले सत्र में कनाडा में पढ़ाई करने के लिए स्टडी परमिट का आवेदन करने जा रहे हैं, तो आपको कनाडाई दूतावास के इन नए नियमों को बहुत बारीकी से समझना होगा। आवेदन प्रक्रिया के दौरान केवल न्यूनतम राशि का बैंक खाता दिखा देना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि वीजा अधिकारियों द्वारा फंड के स्रोत (Source of Funds) की भी बेहद कड़ाई से जांच की जाती है। छात्रों को यह साबित करना होता है कि उनके पास पहले साल की ट्यूशन फीस के साथ-साथ जीवनयापन के लिए पर्याप्त वैध धन मौजूद है। इसके अलावा, यदि पाठ्यक्रम एक साल से अधिक लंबा है, तो आगे के वर्षों के वित्तपोषण का पूरा प्लान भी स्पष्ट करना होता है। इस पूरी स्थिति को देखते हुए शिक्षा सलाहकारों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अपने कागजात और वित्तीय प्लानिंग को पूरी तरह दुरुस्त रखें ताकि किसी भी तकनीकी खामी के कारण उनके वीजा आवेदन को खारिज न किया जाए।