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शिकागो में भीषण गर्मी का कहर: लोहे का ड्रॉब्रिज हवा में अटकने से घंटों ठप रहा ट्रैफिक, वैज्ञानिक कारण जानकर रह जाएंगे हैरान

अमेरिका के शिकागो शहर से मौसम और इंजीनियरिंग का एक ऐसा अनोखा और हैरान करने वाला मामला सामने आया है जिसने दुनिया भर के वैज्ञानिकों और आम लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस समय अमेरिका में भीषण गर्मी का प्रकोप चल रहा है, जिसके चलते आम जनजीवन तो बुरी तरह से प्रभावित हो रहा है, लेकिन अब इस प्रचंड गर्मी का असर बेजान और भारी-भरकम लोहे की संरचनाओं यानी पुलों पर भी साफ-साफ दिखाई देने लगा है। शिकागो के डाउनटाउन इलाके में स्थित एक प्रमुख लोहे का ड्रॉब्रिज (उठने-बैठने वाला पुल) गर्मी की चपेट में आकर इस कदर गर्म हो गया कि वह हवा में ही पूरी तरह से अटक गया। पुल के ऊपर की तरफ खुला रह जाने और वापस नीचे न आ पाने के कारण शहर के मुख्य मार्गों पर यातायात घंटों तक पूरी तरह से ठप रहा और सड़क के दोनों छोर पर सैकड़ों वाहन फंसे रहे। परिवहन अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन को इस विकट परिस्थिति से निपटने के लिए भारी मशक्कत करनी पड़ी, जिसके बाद जाकर यातायात को सुचारू किया जा सका। ग्लोबल वार्मिंग और लगातार बढ़ते तापमान के इस दौर में इस प्रकार की घटनाएं इस बात का प्रमाण देती हैं कि प्रकृति का यह प्रकोप अब आधुनिक शहरी बुनियादी ढांचे को भी गंभीर चुनौती देने लगा है।

#शिकागो के डाउनटाउन में बुधवार को हुआ अनूठा और हैरान करने वाला हादसा

यह पूरी घटना पिछले बुधवार को शिकागो के व्यस्त डाउनटाउन क्षेत्र में घटी, जहां नदी के ऊपर बने इन पुलों को पानी के जहाजों और नौकाओं के गुजरने के लिए नियमित रूप से ऊपर उठाया और नीचे गिराया जाता है। सामान्य दिनों में जब कोई बड़ा जहाज नदी को पार करता है, तो हाइड्रोलिक सिस्टम की मदद से पुल के दोनों हिस्सों को ऊपर उठा दिया जाता है और जहाज के निकलते ही उसे तुरंत नीचे गिरा दिया जाता है ताकि सड़क मार्ग से आने-जाने वाले वाहन बिना किसी बाधा के गुजर सकें। लेकिन बुधवार के दिन प्रक्रिया के दौरान कुछ ऐसा तकनीकी व्यवधान आया जिसने सभी अधिकारियों के होश उड़ा दिए। जब पुल को जहाजों के निकलने के बाद वापस सड़क यातायात के लिए नीचे गिराने का प्रयास किया गया, तो पुल का भारी-भरकम ढांचा नीचे आने के बजाय हवा में ही लगभग सीधा अटक गया। नीचे खड़े ड्राइवरों को शुरुआत में लगा कि यह कोई सामान्य तकनीकी खराबी है जो कुछ ही मिनटों में ठीक हो जाएगी, लेकिन जैसे-जैसे समय बीतता गया, गाड़ियों की लंबी कतारें लगती गईं और स्थिति गंभीर होती चली गई। घंटों तक पुल के हवा में टंगे रहने के कारण शिकागो का मुख्य यातायात गलियारा पूरी तरह से बधिर हो गया और शहर के लोगों को भारी ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा।

#वैज्ञानिक कारण: अत्यधिक गर्मी के कारण लोहे में हुआ 'मेटल एक्सपेंशन'

जब शिकागो डिपार्टमेंट ऑफ ट्रांसपोर्टेशन के इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों ने इस अचानक हुई घटना की गहराई से जांच की, तो इसके पीछे का कारण जानकर सभी हैरान रह गए। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पुल के हवा में अटकने के पीछे कोई यांत्रिक विफलता या बिजली का फॉल्ट नहीं था, बल्कि इसके पीछे प्रकृति का भौतिक नियम यानी अत्यधिक तापमान था। विज्ञान की भाषा में इसे 'मेटल एक्सपेंशन' यानी धातु का प्रसार कहा जाता है। जब तापमान अपने चरम पर होता है और सूरज की तेज किरणें लगातार भारी-भरकम लोहे और स्टील पर पड़ती हैं, तो धातु गर्म होकर फैलने लगती है। शिकागो के इस ऐतिहासिक पुल के साथ भी बिल्कुल यही हुआ। भयंकर गर्मी के चलते पुल का पूरा मेटल स्ट्रक्चर अत्यधिक गर्म होकर फैल गया और जब उसे हवा में उठाया गया, तो उसके फैल चुके पुर्जे, जोड़, नट-बोल्ट और गियर आपस में इस कदर कसकर फंस गए कि वे अपनी तयशुदा खांचों में वापस फिट नहीं हो पा रहे थे। धातु के इस अप्रत्याशित फैलाव ने पुल के लॉकिंग मेकैनिज्म को पूरी तरह से जाम कर दिया, जिसकी वजह चाहकर भी उसे तुरंत नीचे नहीं गिराया जा सका।

#इंजीनियरों की टीम ने पानी की बौछार कर घंटों की मशक्कत के बाद पुल को किया ठंडा

हवा में अटके हुए विशालकाय पुल को नीचे गिराना प्रशासन के लिए किसी कड़ी परीक्षा से कम नहीं था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत आपातकालीन इंजीनियरिंग टीमों को मौके पर रवाना किया गया। चूंकि समस्या अत्यधिक गर्मी और धातु के फैलाव की थी, इसलिए सबसे पहले पुल को सामान्य तापमान पर लाने की चुनौती सामने थी। इंजीनियरों ने अत्याधुनिक कूलिंग उपकरणों और दमकल गाड़ियों की मदद से पुल के मुख्य जोड़ों और धातु के हिस्सों पर लगातार ठंडे पानी की तेज बौछारें करनी शुरू कर दीं। लगातार कई घंटों तक पानी की बौछारें करने के बाद धीरे-धीरे लोहे के तापमान में गिरावट आनी शुरू हुई। जैसे-जैसे पुल का तापमान कम होता गया, वैसे-वैसे मेटल एक्सपेंशन का असर भी कम हुआ और धातु सिकुड़कर वापस अपनी मूल आकृति और स्थिति में आने लगी। पानी के ठंडा होने की इस लंबी प्रक्रिया के बाद अंततः पुल के फंसे हुए गियर और जोड़ अपनी जगह पर वापस बैठ गए, जिसके बाद हाइड्रोलिक सिस्टम ने काम करना शुरू किया और पुल धीरे-धीरे नीचे उतरकर सड़क मार्ग से जुड़ गया।

#शहर के यातायात पर पड़ा गहरा असर, प्रशासन ने जारी की नई एडवाइजरी

इस अचानक हुई घटना से शिकागो शहर की यातायात व्यवस्था कुछ समय के लिए पूरी तरह चरमरा गई। चूंकि शिकागो अपनी बेहतरीन और सुव्यवस्थित परिवहन व्यवस्था के लिए जाना जाता है, ऐसे में एक प्रमुख पुल के घंटों तक हवा में बंद रहने से शहर के कई वैकल्पिक मार्गों पर भी भारी ट्रैफिक दबाव देखने को मिला। ऑफिस जाने वाले लोगों और कमर्शियल वाहनों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सामान्य से काफी अधिक समय लगा। इस घटना के बाद शिकागो परिवहन विभाग ने भविष्य में इस प्रकार की ग्रीष्मकालीन तकनीकी बाधाओं से निपटने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार करने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि अत्यधिक गर्मी के दिनों में इस प्रकार के मूवेबल ब्रिजों की लगातार निगरानी की जाएगी और तापमान बढ़ने पर उन्हें समय से पहले ही विशेष कूलिंग ट्रीटमेंट दिया जाएगा ताकि इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके और शहर के नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

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