CNG-PNG Price Cut: इस शहर में नेचुरल गैस पर 7.5% घटा वैट, वाहन चालकों और गृहणियों को मिलेगी बड़ी राहत; जानिए नए दाम

पेट्रोल-डीजल की महंगाई और रसोई के बढ़ते बजट से परेशान आम जनता और वाहन चालकों के लिए केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ से एक बेहद राहत भरी खबर सामने आई है। चंडीगढ़ प्रशासन ने हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्रदूषण पर लगाम लगाने के उद्देश्य से नेचुरल गैस (प्राकृतिक गैस) पर लगने वाले मूल्य वर्धित कर यानी वैट (VAT) में भारी कटौती का ऐलान किया है। प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, प्राकृतिक गैस पर मौजूदा 12.5 प्रतिशत के टैक्स स्लैब को सीधे 7.5 प्रतिशत घटाकर मात्र 5 प्रतिशत कर दिया गया है। कर दरों में की गई इस बड़ी कटौती के बाद शहर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) और पाइप वाली रसोई गैस (PNG) की खुदरा कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट आने की प्रबल संभावना बन गई है।
वैट कटौती से कैसे घटेगी सीएनजी और पीएनजी की खुदरा कीमत?
चंडीगढ़ के आबकारी एवं कराधान विभाग द्वारा अधिसूचित इस फैसले का सीधा असर गैस वितरण कंपनियों की इनपुट लागत पर पड़ेगा। अब तक शहर में प्राकृतिक गैस की आपूर्ति पर 12.5% की दर से वैट वसूला जाता था, जिसके कारण सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) कंपनियों को ईंधन की खुदरा बिक्री पर अधिक टैक्स भार जोड़ना पड़ता था।
कर की दर घटकर 5% रह जाने से गैस कंपनियों की प्रति यूनिट परिचालन लागत में खासी कमी आएगी। ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि कंपनियां इस टैक्स छूट का सीधा लाभ अंतिम उपभोक्ताओं तक पहुंचाएंगी। अनुमान के मुताबिक, इस कदम से चंडीगढ़ में सीएनजी के खुदरा दाम में लगभग 2 से 3 रुपये प्रति किलोग्राम तक की कमी आ सकती है, जबकि घरों में पाइप के जरिए आने वाली पीएनजी भी प्रति एससीएम (Standard Cubic Meter) सस्ती हो जाएगी।
कैब चालकों, ऑटो ड्राइवर्स और गृहणियों को सीधा आर्थिक लाभ
इस टैक्स कटौती का सबसे तात्कालिक और सकारात्मक प्रभाव ट्राइसिटी (चंडीगढ़, मोहाली, पंचकूला) के भीतर चलने वाले कमर्शियल वाहनों पर पड़ेगा। प्रतिदिन सीएनजी भरवाने वाले ऑटो रिक्शा चालकों, टैक्सी और ओला-उबर कैब ऑपरेटर्स का दैनिक खर्च कम होगा, जिससे उनकी बचत में इजाफा होगा।
इसके साथ ही, शहरी क्षेत्र के उन हजारों परिवारों को राहत मिलेगी जो खाना पकाने के लिए एलपीजी सिलेंडर के विकल्प के तौर पर पाइप नेचुरल गैस (PNG) का इस्तेमाल करते हैं। हर महीने आने वाले पीएनजी बिल में कटौती होने से मध्यमवर्गीय परिवारों का घरेलू बजट काफी हद तक संतुलित हो सकेगा।
औद्योगिक इकाइयों और पर्यावरण संरक्षण को मिलेगा बड़ा बूस्ट
चंडीगढ़ प्रशासन के इस नीतिगत फैसले का एक बड़ा पहलू पर्यावरण संरक्षण और उद्योगों को स्वच्छ ईंधन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाली कई छोटी और मध्यम निर्माण इकाइयां ऊर्जा के लिए फर्नेस ऑयल, डीजल या कोयले जैसे पारंपरिक जीवाश्म ईंधनों का इस्तेमाल करती हैं, जो वायु प्रदूषण का बड़ा कारण बनते हैं।
प्राकृतिक गैस पर वैट घटकर 5% हो जाने से उद्योगों के लिए पाइप्ड नेचुरल गैस का इस्तेमाल आर्थिक रूप से अधिक किफायती हो जाएगा। इससे न केवल औद्योगिक उत्पादन लागत में कमी आएगी, बल्कि शहर के समग्र वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) को बेहतर बनाने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने में भी मदद मिलेगी।
पड़ोसी राज्यों पर भी बनेगा टैक्स घटाने का दबाव
चंडीगढ़ प्रशासन के इस जनहितैषी कदम से पंजाब और हरियाणा जैसे पड़ोसी राज्यों पर भी टैक्स घटाने का अप्रत्यक्ष दबाव बन सकता है। ट्राइसिटी क्षेत्र आपस में सटा हुआ है; ऐसे में यदि चंडीगढ़ में सीएनजी सस्ती हो जाती है, तो मोहाली (पंजाब) और पंचकूला (हरियाणा) के वाहन चालक भी ईंधन भरवाने के लिए चंडीगढ़ के पंपों का रुख करेंगे। टैक्स में इस विषमता को दूर करने के लिए पड़ोसी राज्य भी आने वाले समय में नेचुरल गैस पर वैट की दरों की समीक्षा करने को बाध्य हो सकते हैं। आने वाले एक-दो दिनों में स्थानीय गैस वितरक कंपनियां संशोधित दरों की औपचारिक घोषणा कर उपभोक्ताओं को यह सस्ता ईंधन उपलब्ध कराना शुरू कर देंगी।