उत्तर प्रदेश

UPITS 2026: सीएम योगी ने पार्टनर देशों को दिया निवेश का न्योता, रूस से डिफेंस तो बेलारूस से मशीनरी पर बनी बड़ी सहमति

ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS 2026) के भव्य शुभारंभ के बाद राज्य के आर्थिक विकास को वैश्विक क्षितिज पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कूटनीतिक और औद्योगिक स्तर पर बेहद आक्रामक पहल की है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को दुनिया के प्रमुख औद्योगिक देशों के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के साथ एक विशेष राउंड टेबल बैठक की अध्यक्षता की। इस उच्चस्तरीय बैठक में सिंगापुर, वियतनाम, रूस, बेलारूस, जापान और ऑस्ट्रिया जैसे साझीदार देशों (पार्टनर कंट्रीज) के राजदूतों, व्यापारिक आयुक्तों और दिग्गज निवेशकों के साथ उत्तर प्रदेश में पूंजी निवेश, तकनीक हस्तांतरण और संयुक्त उपक्रमों की संभावनाओं पर बिंदुवार चर्चा हुई। सीएम योगी ने वैश्विक प्रतिनिधियों के समक्ष उत्तर प्रदेश की औद्योगिक ताकत प्रस्तुत करते हुए कहा कि लगभग 25 करोड़ की विशाल आबादी, देश का सबसे बड़ा उपभोक्ता बाजार, 56 प्रतिशत से अधिक ऊर्जावान युवा कार्यबल, उर्वर कृषि भूमि और प्रचुर जल संसाधन आज उत्तर प्रदेश को दुनिया की बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए सबसे सुरक्षित और सर्वाधिक लाभदायक निवेश गंतव्य बनाते हैं।

वियतनाम को एविएशन और यमुना एक्सप्रेसवे पर न्योता: सीधी उड़ानों का दिया प्रस्ताव

वियतनाम के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ संवाद सत्र के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दक्षिण-पूर्व एशियाई देश की कंपनियों को उत्तर प्रदेश के तेजी से उभरते विमानन (एविएशन) और विनिर्माण क्षेत्रों में निवेश का सीधा खुला निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने वियतनामी औद्योगिक घरानों को विशेष रूप से यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) क्षेत्र में अपनी इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने रेखांकित किया कि जेवर में देश का सबसे बड़ा नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अब पूरी तरह क्रियाशील होने की कगार पर है और शीघ्र ही यहां से अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का नियमित संचालन आरंभ हो जाएगा। इस अवसर को व्यापारिक लाभ में बदलने के लिए सीएम योगी ने एक दूरगामी रणनीतिक प्रस्ताव रखते हुए कहा कि लखनऊ, वाराणसी और नोएडा से वियतनाम की राजधानी हनोई तथा हो ची मिन्ह सिटी जैसे प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के लिए सीधी उड़ान सेवाएं शुरू की जानी चाहिए। इससे न केवल दोनों देशों के बीच दोतरफा व्यापारिक संपर्क को नई गति मिलेगी, बल्कि बौद्ध तीर्थस्थलों के कारण उत्तर प्रदेश में अंतरराष्ट्रीय धार्मिक पर्यटन का भी अभूतपूर्व विस्तार होगा।

रूस से रक्षा, फार्मा और मेडिकल डिवाइस पर बड़ी डील: कानपुर नोड में निवेश का आह्वान

रूसी संघ के व्यापार आयुक्त और आधिकारिक डेलिगेशन के साथ हुई राउंड टेबल बैठक में सामरिक, रक्षा और औषधीय क्षेत्रों में व्यापक सहयोग की रूपरेखा तय की गई। मुख्यमंत्री ने ट्रेड शो में रूस की आधिकारिक सहभागिता का स्वागत करते हुए कहा कि भारत और रूस की ऐतिहासिक मित्रता अब उत्तर प्रदेश के औद्योगिक गलियारों में ठोस रूप ले रही है। उत्तर प्रदेश में विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि राजधानी लखनऊ के नोड में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अत्याधुनिक विनिर्माण इकाई पहले ही स्थापित हो चुकी है, जबकि अमेठी के कोरवा में अत्याधुनिक रूसी क्लाश्निकोव AK-203 असॉल्ट राइफलों का बड़े पैमाने पर सफल उत्पादन चल रहा है। मुख्यमंत्री ने रूसी रक्षा कंपनियों को रक्षा कॉरिडोर के कानपुर नोड में भी अपने एडवांस वेपन्स और एयरोस्पेस कंपोनेंट्स की इकाइयां लगाने के लिए आमंत्रित किया। इसके साथ ही उन्होंने जेवर एयरपोर्ट के समीप बन रहे विशाल मेडिकल डिवाइस पार्क और बुंदेलखंड के ललितपुर में स्थापित हो रहे मेगा बल्क ड्रग पार्क में रूसी कंपनियों को अपने अनुसंधान एवं विकास (R&D) केंद्र स्थापित करने की पेशकश की।

फूड बास्केट यूपी और रूस के बीच फर्टिलाइजर सप्लाई चेन का नया गठजोड़

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत में कृषि और रासायनिक उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र को सहयोग का अत्यंत महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश संपूर्ण भारत का 'फूड बास्केट' है, जहां गंगा-यमुना के दोआब की उर्वर भूमि और बारहमासी नदियों का समृद्ध जल तंत्र कृषि उत्पादन की रीढ़ है। वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के दौर में कृषि आधारित खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों और निर्बाध फर्टिलाइजर सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के बीच साझेदारी समय की मांग है। सीएम ने कहा कि उत्तर प्रदेश देश में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSME) का सबसे बड़ा केंद्र है। राज्य सरकार ऐसे विशेष औद्योगिक प्लेटफॉर्म और ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर विकसित करने के लिए पूरी तरह तत्पर है, जहां यूरेशियन इकोनॉमिक यूनियन (EAEU) के सदस्य देशों के साथ नियमित रूप से द्विपक्षीय आर्थिक, आयात-निर्यात और तकनीकी संवाद को संस्थागत रूप दिया जा सके।

बेलारूस की हेवी मशीनरी और ट्रैक्टर कंपनियों के लिए असेंबलिंग हब बनेगा प्रदेश

पूर्वी यूरोपीय राष्ट्र बेलारूस के प्रतिनिधियों के साथ आयोजित विशेष सत्र में मुख्यमंत्री ने कृषि आधुनिकीकरण और भारी मशीनरी पर विस्तृत रोडमैप पेश किया। उन्होंने चार वर्ष पूर्व आरंभ हुए यूपी-बेलारूस औद्योगिक संवाद की सराहना करते हुए कहा कि बेलारूस ने ट्रेड शो में अपने भव्य राष्ट्रीय पवेलियन के जरिए दोनों देशों के औद्योगिक संबंधों को प्रगाढ़ किया है। मुख्यमंत्री ने बेलारूस की विश्वप्रसिद्ध भारी मशीनरी निर्माताओं, खनन उपकरण कंपनियों और ट्रैक्टर ब्रांड्स को उत्तर प्रदेश में अपनी आधुनिक असेंबलिंग और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित करने का सीधा प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में विशाल कृषि रकबा होने के कारण अत्याधुनिक कृषि उपकरणों और उच्च हार्वेस्टर मशीनों की घरेलू मांग बहुत तेजी से बढ़ रही है, जिसे बेलारूस की उन्नत इंजीनियरिंग के माध्यम से पूरा किया जा सकता है।

ओडीओपी क्लस्टर्स को मिलेगी बेलारूस की एडवांस वुड टेक्नोलॉजी

बैठक के दौरान सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश की महत्वाकांक्षी योजना 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' (ODOP) की वैश्विक क्षमता से विदेशी प्रतिनिधियों को अवगत कराया। उन्होंने विशेष रूप से सहारनपुर के ऐतिहासिक लकड़ी नक्काशी उद्योग और बिजनौर के वुड क्लस्टर्स का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव रखा कि यदि बेलारूस की उन्नत और स्वचालित वुड-प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के इन पारंपरिक ओडीओपी क्लस्टर्स के साथ एकीकृत कर दिया जाए, तो यहां के हस्तशिल्प और लकड़ी के उत्पादों की फिनिशिंग को यूरोपीय और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाकर अरबों डॉलर का नया निर्यात बाजार खड़ा किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त, राज्य के 56 फीसदी युवाओं को वैश्विक उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने के लिए मुख्यमंत्री ने बेलारूस की तकनीकी संस्थाओं को यूपी में अपने एडवांस्ड वोकेशनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने का आह्वान किया।

जापान के साथ बौद्ध विरासत और निवेश: सारनाथ-नारा प्रीफेक्चर के रिश्तों में मजबूती

जापान के भारत में नियुक्त राजदूत ओनो केइची और जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गनाइजेशन (JETRO India) के महानिदेशक दाइसाकु युकिता के साथ मुख्यमंत्री की बैठक कूटनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत फलदायी रही। संवाद के दौरान उत्तर प्रदेश और जापान के मध्य दीर्घकालिक आर्थिक विकास, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल और औद्योगिक निवेश संवर्धन पर गहन मंथन हुआ। बैठक में दोनों देशों के मध्य प्राचीन और साझा बौद्ध विरासत को सांस्कृतिक कूटनीति का माध्यम बनाने पर विशेष जोर दिया गया। भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली वाराणसी के सारनाथ और जापान के ऐतिहासिक बौद्ध केंद्र 'नारा प्रीफेक्चर' के बीच सिस्टर-सिटी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करने पर सहमति बनी, जिससे जापानी पर्यटकों और तकनीकी विशेषज्ञों के लिए उत्तर प्रदेश में अनुकूल वातावरण तैयार किया जा सके।

सिंगापुर सिटी प्रोजेक्ट को रफ्तार: 25 देशों के राजनयिकों संग ऐतिहासिक क्षण

सिंगापुर के उच्चायुक्त साइमन वोंग वी कुएन के नेतृत्व में आए उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल और वित्तीय निवेशकों के साथ हुई बैठक में उत्तर प्रदेश और सिंगापुर के बीच चल रहे निवेश समझौतों की प्रगति की समीक्षा की गई। सिंगापुर के डेलिगेशन ने राज्य सरकार की पारदर्शी नीतियों, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और 'इन्वेस्ट यूपी' (Invest UP) की सिंगल-विंडो क्लीयरेंस प्रणाली की मुक्तकंठ से सराहना की। बैठक में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCR) में प्रस्तावित अत्याधुनिक 'सिंगापुर सिटी' टाउनशिप परियोजना की जमीनी प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई और सिंगापुर के निवेशकों ने स्मार्ट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर, लॉजिस्टिक्स और डेटा सेंटर्स के क्षेत्र में अतिरिक्त पूंजी लगाने की गहरी रुचि व्यक्त की। राउंड टेबल बैठकों के इस ऐतिहासिक दौर के समापन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभिन्न महाद्वीपों से आए 25 देशों के राजदूतों, बिजनेस कमिश्नर्स और कॉर्पोरेट प्रमुखों के साथ एक संयुक्त ग्रुप फोटो खिंचवाई, जो उत्तर प्रदेश की एक ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनने के संकल्प को वैश्विक मान्यता दिलाने का प्रतीक बन गई।

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