PM Kisan 24th Installment: 3 जरूरी काम आज ही निपटाएं किसान, वरना अटक जाएंगे खाते में आने वाले ₹2000

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना के तहत देश के करोड़ों छोटे और सीमांत किसानों के खातों में ₹2,000 की अगली वित्तीय सहायता ट्रांसफर करने की प्रशासनिक तैयारी तेज हो गई है। केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि इस बार किस्त का भुगतान केवल उन्हीं पंजीकृत किसानों को डीबीटी (DBT) के जरिए किया जाएगा, जिनका रिकॉर्ड डिजिटल रूप से पूरी तरह सत्यापित है। योजना में फर्जीवाड़े और अपात्र लाभार्थियों को बाहर करने के लिए डेटाबेस का सघन ऑटोमेटेड ऑडिट किया जा रहा है। यदि किसी किसान के खाते में 3 जरूरी औपचारिकताओं में से एक भी कमी पाई जाती है, तो सिस्टम स्वतः ही भुगतान को ब्लॉक कर देगा।
1. आधार आधारित ई-केवाईसी (e-KYC) का अनिवार्य सत्यापन
पीएम किसान पोर्टल पर पंजीकृत हर किसान के लिए ई-केवाईसी पूरा करना पहली और सबसे बुनियादी शर्त है:
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ओटीपी मोड (OTP Based e-KYC): यदि किसान का आधार कार्ड सक्रिय मोबाइल नंबर से लिंक है, तो वह आधिकारिक पोर्टल pmkisan.gov.in पर जाकर 'e-KYC' विकल्प के जरिए 2 मिनट में ओटीपी दर्ज कर इसे मुफ्त में पूरा कर सकता है।
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बायोमेट्रिक मोड: जिन किसानों का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है, वे नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाकर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैन के जरिए सत्यापन करा सकते हैं।
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फेस ऑथेंटिकेशन (Face RD App): पीएम किसान मोबाइल ऐप पर अब किसान घर बैठे अपने चेहरे को स्कैन करके भी ई-केवाईसी की प्रक्रिया को पूरा कर सकते हैं।
2. भूलेख अंकन यानी लैंड सीडिंग (Land Seeding) का 'YES' होना जरूरी
योजना के तहत केवल उन्हीं किसानों को लाभ मिलता है जिनके नाम पर खेती योग्य जमीन का विधिक रिकॉर्ड दर्ज है:
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राज्य के राजस्व विभाग द्वारा किसान के खतौनी/जमाबंदी रिकॉर्ड का सत्यापन पोर्टल पर किया जाता है।
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किसान अपने 'Beneficiary Status' में जाकर जांचें कि Land Seeding के सामने हरा टिक या YES लिखा है या नहीं।
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यदि वहां NO प्रदर्शित हो रहा है, तो किसान को अपनी जमीन की नवीनतम खतौनी, आधार कार्ड और बैंक पासबुक की कॉपी लेकर तुरंत अपने ब्लॉक के कृषि समन्वयक (Agriculture Coordinator) या तहसील कार्यालय में संपर्क कर लैंड रिकॉर्ड लिंक कराना होगा।
3. बैंक खाते की एनपीसीआई (NPCI) मैपिंग और एक्टिव डीबीटी (Aadhaar Seeding)
कई बार किसानों के बैंक खाते खुले होते हैं, लेकिन उनमें सरकारी सब्सिडी का पैसा क्रेडिट नहीं हो पाता:
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सरकार अब सीधे बैंक खाता संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि आधार आधारित पेमेंट ब्रिज (ABPS) के जरिए पैसा भेजती है।
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इसके लिए किसान का बैंक खाता भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) के सर्वर से मैप होना और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) सक्षम होना अनिवार्य है।
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यदि बैंक खाता इनएक्टिव (निष्क्रिय) हो गया है या उसमें आधार सीडिंग नहीं है, तो किसान अपने बैंक की शाखा में जाकर तुरंत 'DBT Consent Form' जमा करें या पोस्ट ऑफिस (IPPB) में डीबीटी समर्थित नया बचत खाता खुलवाएं।
मोबाइल से 2 मिनट में ऐसे चेक करें अपना 'Beneficiary Status'
किस्त जारी होने से पहले किसान घर बैठे अपने मोबाइल से यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि उनका खाता 24वीं किस्त के लिए पूरी तरह योग्य है या नहीं:
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आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं।
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होमपेज पर 'Farmers Corner' सेक्शन के भीतर Know Your Status विकल्प पर क्लिक करें।
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अपना पीएम किसान रजिस्ट्रेशन नंबर (Registration Number) और स्क्रीन पर दिख रहा कैप्चा कोड दर्ज करें।
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'Get Data' पर क्लिक करते ही आपके आवेदन की पूरी स्थिति सामने आ जाएगी।
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स्क्रीन पर दिख रहे Eligibility Status में यह जांचें कि:
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e-KYC: YES होना चाहिए।
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Land Seeding: YES होना चाहिए।
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Aadhaar Bank Account Seeding Status: YES होना चाहिए।
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यदि इन तीनों विकल्पों के सामने 'YES' दर्ज है, तो ₹2,000 की 24वीं किस्त बिना किसी रुकावट के सीधे बैंक खाते में ट्रांसफर हो जाएगी।