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बॉक्स ऑफिस पर छा गई दृश्यम का क्लाइमैक्स, फिल्म की ऐतिहासिक सफलता पर डायरेक्टर अभिषेक पाठक का आया बड़ा बयान

बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता अजय देवगन (Ajay Devgn) की बहुप्रतीक्षित सस्पेंस थ्रिलर फिल्म 'दृश्यम' का आखिरी और बेहद रोमांचक पार्ट 'दृश्यम द कॉन्क्लूजन' (Drishyam The Conclusion) सिनेमाघरों में रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा रहा है। इस फिल्म को न केवल देश-दुनिया के फिल्म समीक्षकों (Critics) से शानदार रेटिंग मिल रही है, बल्कि आम दर्शकों के बीच भी इसे लेकर जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है।

फिल्म ने अपने ओपनिंग डे यानी पहले ही दिन बॉक्स ऑफिस पर 60 करोड़ रुपये से अधिक की धमाकेदार कमाई करते हुए शानदार शुरुआत की है। दर्शक इस फिल्म के टाइट, ग्रिपिंग स्क्रीनप्ले और सबसे बढ़कर इसके हैरान कर देने वाले क्लाइमैक्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं। अब इस ऐतिहासिक सफलता और दर्शकों से मिल रहे सकारात्मक प्रतिक्रियाओं पर फिल्म के निर्देशक और लेखक अभिषेक पाठक (Abhishek Pathak) का पहला आधिकारिक रिएक्शन सामने आया है।

फिल्म का क्लाइमैक्स था हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती: अभिषेक पाठक

फिल्म की सफलता और इसके अंत को लेकर बात करते हुए निर्देशक अभिषेक पाठक ने मीडिया से साझा किया कि 'दृश्यम द कॉन्क्लूजन' जैसी प्रतिष्ठित फ्रेंचाइजी का अंत करना उनके लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं था। उन्होंने कहा, "'दृश्यम द कॉन्क्लूजन' बनाना मेरे लिए एक बहुत बड़ी और भारी जिम्मेदारी थी, क्योंकि दर्शक इतने लंबे समय से इस कहानी और इसके किरदारों की दुनिया के साथ भावनात्मक रूप से जुड़े हुए हैं। हर दर्शक के पास अपनी खुद की थ्योरी, अपनी उम्मीदें और अपने विचार थे कि इस कहानी का अंत आखिरकार कैसे होना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती इस लंबे सफर का सम्मान करने के साथ-साथ दर्शकों को एक ऐसा अनपेक्षित और चौंकाने वाला अनुभव देना था, जिसकी उन्होंने शायद कल्पना भी न की हो।

दर्शकों की गहरी दिलचस्पी और चर्चाओं से बेहद खुश हैं डायरेक्टर

फिल्म सिनेमाघरों में उतरने के बाद जिस तरह से दर्शक इसके हर एक सीन और ट्विस्ट पर लंबी चर्चाएं कर रहे हैं, उससे निर्देशक अभिषेक पाठक बेहद अभिभूत और संतुष्ट नजर आए। उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, "'अब जब मैं दर्शकों को फिल्म का अनुभव करते हुए, उसके क्लाइमैक्स पर आपस में बहस करते हुए और यह चर्चा करते हुए देखता हूं कि मुख्य किरदार विजय सालगांवकर ने आखिर क्या किया, तो यह एक फिल्ममेकर के तौर पर मेरे लिए वाकई बेहद संतोषजनक एहसास है।'"

अभिषेक ने यह भी कहा कि दृश्यम फ्रेंचाइजी हमेशा से इस बात पर आधारित रही है कि लोग 'सच' को किस नजरिए से देखते और समझते हैं। थिएटर से बाहर आने के बाद भी जिस तरह दर्शक फिल्म की कहानी को अपने तरीके से एक्सप्लेन कर रहे हैं, वही इस पूरी सीरीज को सिनेमाई दुनिया में सबसे अलग और खास बनाता है।

किरदारों से जुड़ाव देखकर हैरान रह गए निर्देशक

दर्शकों द्वारा किरदारों को दिए जा रहे प्यार पर बात करते हुए अभिषेक ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात से हुई है कि लोग सिर्फ मुख्य किरदार विजय से ही नहीं, बल्कि 'दृश्यम' की पूरी दुनिया और परिवार के अन्य सदस्यों से भी कितना गहरा भावनात्मक जुड़ाव महसूस करते हैं। उन्होंने अंत में कहा कि एक निर्देशक के रूप में इससे बड़ी संतुष्टि और कुछ नहीं हो सकती कि जब दर्शक थिएटर से बाहर निकलें, तो वे फिल्म के अंत और उसके असर को अपने साथ लेकर जाएं।

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