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Flydubai विमान में रोंगटे खड़े करने वाला खुलासा: कट्टरपंथी को-पायलट का था 9/11 जैसा प्लेन क्रैश प्लान, भारतीय कैप्टन ने जान पर खेलकर टाला बड़ा हादसा

दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या FZ1073 में बीच आसमान में घटी खौफनाक घटना को लेकर अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों की जांच में बेहद चौंकाने वाले और सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। 33,000 फीट की ऊंचाई पर बोइंग 737 मैक्स विमान के कॉकपिट के भीतर जो कुछ घटा, वह दुनिया को हिला देने वाले 11 सितंबर 2001 (9/11) के आतंकी हमलों की भयावह याद दिलाने वाला था। जांच एजेंसियों और यूएई-इजरायल के आधिकारिक बयानों के मुताबिक, विमान के कट्टरपंथी को-पायलट ने एक सोची-समझी आतंकी साजिश के तहत प्लेन के मुख्य इंजन और ऑटोपायलट सिस्टम को बाधित करते हुए विमान को इजरायल के घनी आबादी वाले शहर तेल अवीव की किसी गगनचुंबी इमारत या बेन गुरियन अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर आत्मघाती तरीके से क्रैश कराने का पूरा खाका तैयार कर रखा था। हालांकि, भारतीय मूल के साहसी कैप्टन समित मच्छर (Captain Smit Machchhar) की अदम्य वीरता, सूझबूझ और यात्रियों के जवाबी हमले ने हवा में ही इस भयानक तबाही को नाकाम कर दिया और 182 मासूम यात्रियों व क्रू मेंबर्स की जान बाल-बाल बच गई।

नमाज पढ़ने का बहाना, क्रैश एक्स से हमला और इंजन शटडाउन की खौफनाक चाल

जांच अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शी यात्रियों द्वारा दर्ज बयानों के अनुसार, यह जानलेवा ड्रामा तब शुरू हुआ जब फ्लाइट को उड़े करीब ढाई घंटे बीत चुके थे और विमान जॉर्डन व सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र की सीमा के पास उड़ रहा था। कॉकपिट में मौजूद ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हमामी (Hamam al-Hammami) ने पहले कैप्टन से नमाज पढ़ने की इजाजत मांगी। इसके तुरंत बाद उसने कॉकपिट में रखे आपातकालीन क्रैश एक्स (कुल्हाड़ी/चाकू) से भारतीय कैप्टन समित मच्छर के सिर और गर्दन पर पीछे से ताबड़तोड़ जानलेवा हमले कर दिए। खून से लथपथ होने के बावजूद कैप्टन ने हिम्मत नहीं हारी और कॉकपिट के नियंत्रण के लिए हमलावर से भिड़ गए। इसी हाथापाई के बीच हमलावर को-पायलट ने विमान के इंजन थ्रॉटल को खींचकर पावर कट करने और नाक नीचे की तरफ (Nose Dive) झोंकने की पूरी कोशिश की। नतीजतन, विमान महज एक मिनट के भीतर 33,000 फीट की क्रूजिंग ऊंचाई से फ्री-फॉल करते हुए सीधे 17,000 फीट तक आ गिरा। विमान की गति इतनी अनियंत्रित हो गई थी कि हवा के भयानक दबाव से पूंछ का निचला रडर (Rudder) तक उखड़ गया।

घायल कैप्टन ने खोला कॉकपिट का लॉक, यात्रियों ने दबोचा हमलावर

हमले में गंभीर रूप से लहुलूहान होने और अत्यधिक खून बहने के बावजूद कैप्टन समित मच्छर ने अपनी जान की परवाह किए बिना कॉकपिट का वह इलेक्ट्रॉनिक सिक्योरिटी लॉक खोल दिया, जो 9/11 के बाद से पायलटों की सुरक्षा के लिए अंदर से बंद रहता है। कॉकपिट का दरवाजा खुलते ही बिजनेस क्लास में बैठे इजरायली यात्रियों और ऑन-ड्यूटी केबिन क्रू को खतरे का अहसास हुआ। यात्री और क्रू सदस्य बिना एक पल गंवाए कॉकपिट में घुस गए और उन्होंने हमलावर को-पायलट पर धावा बोल दिया। कॉकपिट में मची हाथापाई के दौरान यात्रियों ने हमलावर को नीचे गिराकर कसकर बांध दिया, जबकि एक यात्री और केबिन में मौजूद अन्य पायलटों ने विमान के कंट्रोल्स को खींचकर प्लेन को गोता खाने से रोका और स्थिर किया। इसके बाद जॉर्डन सीमा के पास चक्कर काटते हुए विमान को सऊदी अरब के तबुक स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्दुलअजीज अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर बेहद विषम परिस्थितियों में आपातकालीन रूप से सुरक्षित उतार लिया गया।

सोशल मीडिया पर मिले अलकायदा के लिंक: ओमान एयर ने पहले ही लगाया था बैन

विमान के सुरक्षित लैंड होते ही सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने घायल आतंकी को-पायलट हमाम अल-हमामी को तुरंत हिरासत में ले लिया। अंतरराष्ट्रीय जांच में जो कड़ियां जुड़ी हैं, वे विमानन सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। सूत्रों के मुताबिक, हमलावर को-पायलट को पहले 'ओमान एयर' द्वारा चरमपंथी और कट्टरपंथी विचारधारा अपनाने के संदेह में उड़ान भरने से प्रतिबंधित कर दिया गया था और ग्राउंड ड्यूटी पर डाल दिया गया था। लेकिन हैरान करने वाली बात यह रही कि वह सामान्य बैकग्राउंड चेक की खामियों का फायदा उठाकर फ्लाईदुबई में पायलट की नौकरी हासिल करने में कामयाब हो गया। खुफिया एजेंसियों को उसके सोशल मीडिया एकाउंट्स और डिजिटल डिवाइसेज से अल-कायदा सरगना अयमान अल-जवाहिरी और आत्मघाती हमलावरों के समर्थन वाले कट्टरपंथी संदेश मिले हैं। जांच से स्पष्ट हुआ है कि 7 अक्टूबर के इजरायल पर हुए हमलों की बरसी से ठीक पहले वह इजरायल में प्लेन क्रैश कराकर बड़े पैमाने पर तबाही मचाना चाहता था।

पीएम नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू ने भारतीय कैप्टन की बहादुरी को किया सलाम

इस अकल्पनीय संकट के टलने के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू दोनों ने भारतीय नागरिक कैप्टन समित मच्छर के साहस और कर्तव्यनिष्ठा की दिल खोलकर सराहना की है। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी करते हुए कहा कि 'गंभीर खतरे और घातक रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन समित मच्छर ने अदम्य साहस और दृढ़ संकल्प दिखाते हुए सैकड़ों लोगों की जान बचाई; वह देश के सच्चे हीरो हैं'। वहीं इजरायली पीएम नेतन्याहू ने कहा कि कैप्टन समित ने घायल अवस्था में भी कॉकपिट का दरवाजा खोलकर और हमलावर से मुकाबला करके मध्य हवा में एक विनाशकारी त्रासदी को टाल दिया। कैप्टन समित को अस्पताल में गहन चिकित्सा के बाद स्थिर बताया गया है। इस घटना के बाद यूएई और इजरायल ने मामले की संयुक्त अंतरराष्ट्रीय जांच शुरू कर दी है और वैश्विक विमानन कंपनियों ने अपने पायलटों के नियमित मनोवैज्ञानिक व सुरक्षा बैकग्राउंड ऑडिट को और अधिक सख्त करने का फैसला किया है।

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